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* अंबरनाथ में कोरोना मुक्त 1581, एक्टिव मरीज 487, अब तक 58 की मौत
अंबरनाथ। अंबरनाथ नगरपालिका क्षेत्र में शनिवार को 94 नए कोरोना पाॅजिटीव मरीज मिले हैं। शहर में लाॅकडाऊन होने के बावजूद मरीज ज्यादा संख्या में मिल रहे हैं। आशा वर्कर घर घर जाकर लोगों का फीवर, आक्सीजन लेवल चेक कर रहे हैं। शहर में कोरोना ग्रस्त मरीजों की कुल संख्या 2126 हो गई है। मृतकों की बढ़ती संख्या ने प्रशासन को इस सोच पर मजबूर कर दिया है कि इस संख्या को कम करके कम करके लाया जाए। कोरोना पर अब कंट्रोल करने की जरूरत हैं क्योंकि शहर में लोग डरे हुए हैं। शहर में एक्टिव रोगी 487 हैं जो डेंटल अस्पताल के अलावा अन्य अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। 1581 रोगी ठीक होकर डिस्चार्ज किए गए हैं। 24 घंटे में एक की मृत्यु हो गई है। मृतकों की कुल संख्या 58 हो गई है। अभी तक शहर में 3905 की जांच की गई है। 112 की रिपोर्ट आना बाकी है। आज 57 का स्वेब कलेक्शन किया गया है। आज जो 94 रोगी मिले हैं वह शहर पूर्व और पश्चिम के हरेक परिसर से मिले हैं। लाॅकडाऊन होने के बाद भी कोरोना रोगी का बड़ी संख्या में मिलना। लाॅकडाऊन पर प्रश्न उठा रहा है।
बदलापुर। कुलगांव-बदलापुर नपा क्षेत्र में कोरोना की संख्या एक हजार के करीब पहुंच गई है शनिवार को 46 मरीजों के साथ कुल संख्या अब 952 हो गई है। बदलापुर में स्वेब कलेक्शन पहले के मुकाबले ज्यादा लिए जाने के कारण यहां स्वेब टेस्ट ज्यादा होने से संख्या में बढोत्तरी हो रही है। यहां एक्टिव मरीज 508 हैं। 428 रोगी ठीक होकर डिस्चार्ज किए गए हैं। ठीक होने वालों का प्रतिशत 50 से कम हो गया है। 16 मरीजों की अब तक मौत हुई है। आज तक 1828 स्वेब कलेक्शन किए गए हैं। 90 स्वेब रिपोर्ट की प्रतिक्षा है।

अंबरनाथ में दुकानदारों व ठेलेवालों पर अपराध दर्ज
अंबरनाथ। अंबरनाथ पुलिस ने एक चिकन विक्रेता, मच्छी और फल विक्रेता के अलावा एक किराना दुकानदार पर लाॅकडाऊन में अपना कारोबार चालू रखने पर चारों पर दफा 188 के अनुसार अपराध दर्ज किया है। ये कार्रवाई पुलिस ने शहर पश्चिम के कमलाकर नगर, न्यू काॅलोनी गांवदेवी और वांद्रापाड़ा में की है। चिकन विक्रेता फय्याज अहमद(23) केजीएन चिकन सेंटर, किराना दुकानदार अजय यादव(20), मछी विक्रेता मोबिन अली शेख और फल विक्रेता नासीर खान पर तीन जुलाई शुक्रवार को दोपहर में कार्रवाई कई गई है। चारों पर आरोप है कि उन्होंने पुलिस आयुक्त ठाणे द्वारा 1 जुलाई 2020 से 31 जुलाई 2020 तक मनाई आदेश एवं संचार बंदी का उल्लंघन करते हुए अपने कारोबार को शुरू रखा। सपुनि निलेश करे मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस शहर में घूम घूम कर लोगों से दुकानदारों से ये आव्हान कर रही है कि शहर में कोरोना तेजी से फैल रहा है। कारोबार को बंद रखे, घरों से बाहर ना निकले इसके बावजूद लोग सुन नहीं रहे हैं। सड़कों पर आजादी से घूम रहे हैं। कुछ छोटे दुकानदार गली कूचे में सड़कों पर खडे होकर, ठेला लगाकर सामान बेच रहे हैं। ऐसे लोगों पर रोजाना कार्रवाई की जा रही है। एक बात ये देखने को मिल रही है कि जोरदार बरसात होती है तो लोग घरों में दुबक जाते हैं लेकिन जैसे ही बरसात रुकती है वह फिर से घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ रहे हैं। ऐसे लोगों पर पुलिस को और सख्ती बरतने की जरूरत है।
छाया अस्पताल के डाॅक्टरों को जल्द वेतन मिलेगा- 
आरोग्य मंत्री ने दिया आश्वासन

अंबरनाथ। अंबरनाथ के उपजिला छाया अस्पताल में गत 8 महिने से डाॅक्टरों को वेतन नहीं मिला है। इन डाॅक्टरों को जल्द से जल्द वेतन सरकार ने दे ऐसी मांग शहर राकांपा अध्यक्ष सदाशिव पाटील ने आरोग्य मंत्री राजेश टोपी से की है। आरोग्य मंत्री दो दिन पूर्व बदलापुर आए थे उस समय उनसे भेंट करके सदाशिव पाटील ने ये मांग की है। मंत्री महोदय ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वह जल्द से जल्द इस ओर ध्यान देंगे। विदित हो कि छाया अस्पताल को महाराष्ट्र शासन ने अपने तहत लिया है। यहां के स्टाफ और नर्सों को भी वेतन नहीं दिया गया था। उनका वेतन मिल गया है अस्पताल में केवल चार डाॅक्टर हैं। जिनको आठ महिने से वेतन नहीं दिया गया है। फिर भी ये डाॅक्टर इस कोरोना संकट में अपनी ड्यूटी बराबर निभा रहे हैँ। बदलापुर से ज्यादा अंबरनाथ में कोरोना बाधित हैं। आरोग्य मंत्री ने अंबरनाथ में भी एक बैठक का आयोजन करना चाहिए था। ऐसा सदा पाटील ने कहा है। विदित हो कि राज्य सरकार ने सन 2018 में छाया अस्पताल को अपने ताबे में लिया था। छाया को उपजिला अस्पताल का दर्जा भी मिला हुआ है। यहां पर डाॅक्टरों की कमी है। नर्स भी कम है। वार्ड बाय एक भी नहीं है। अस्पताल दयनीय अवस्था में है। ऐसे सभी मुद्दे पाटील ने आरोग्य मंत्री के समक्ष रखे। बैठक में जिलाधिकारी राजेश नार्वेकर, उपजिलाधिकारी जगतसिंग गिरासे, डाॅ. कैलाश पवार, डीसीपी प्रमोद शेवाले व आरोग्य संबंधित सभी अधिकारी उपस्थित थे।
अंबरनाथ में हम मृत्यु दर को कम करेंगे- नपा मुख्याधिकारी रसाल
अंबरनाथ। अंबरनाथ में संशयित रोगियों के लिए छाया उपजिला अस्पताल में 20 बेड तैयार रखे गए हैँ। यहां आक्सीजन भी रखा जाएगा रोगियों की जान बचाए जाए इसके लिए हमको जो करना है वह बहुत जल्द करेंगे। ऐसी प्रतिक्रिया अंबरनाथ के मुख्याधिकारी प्रशांत रसाल ने दै. उल्हास विकास को दी है। उन्होंने बताया कि संशयित रोगियों का उपचार करने में बहुत सारे अस्पताल आनाकानी करते हैं जिसके कारण मृतकों की संख्या बढ़ रही है। इन बातों को देखते हुए छाया अस्पताल में 20 बेड का आक्सीजन वार्ड तैयार किया गया है। यहां संशयित रोगियों का उपचार शुरू किया जाएगा। सांस लेने में परेशानी होने वाले रोगियों को अस्पताल वाले उपचार हेतु एडमीट करने से पूर्व कहते हैं कि कोरोना का चेकअप करो बाद में लाना, कोई भी अस्पताल रिस्क लेने के लिए तैयार नहीं होता। उपचार समय पर नहीं मिलने से शहर में कईयों की मृत्यु हुई है। अब छाया अस्पताल ऐसे मरीजों का आधार बनेगा। पिछले दिनों महात्मा गांधी विद्यालय आयसोलेशन केंद्र में एक की मौत हो गई थी। यहां पर भी एक तज्ञ डाॅक्टर नियुक्त किया जाएगा। जो सुबह शाम यहां पर रखे गए लोगों का चेकअप करेगा। ऐसी जानकारी भी मुख्याधिकारी ने दी है। इसके अलावा घरों में आयसोलेट किए गए मरीजों की देखरेख के लिए 15 नर्स को नियुक्त किया गया है। जो इन लोगों का चेकअप करेंगे। शहर में अब तक 57 लोगों की मृत्यु हुई है। इस मृत्यु दर को कम करने के उपाय शुरू है। प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा है। ऐसा प्रशांत रसाल ने अपने बयान में कहा है।






* एक्टिव मरीज 1158, कोरोना मुक्त 1346, अब तक 55 की मौत
* अस्पतालों में वेंटीलेटर नहीं मिलने से दम तोड़ रहे हैं मरीज
* सांसद, विधायक, महापौर को ध्यान देने की जरूरत
* श्मशान भूमि में दह संस्कार के लिए कतारें
* मनपा मुख्यालय अथवा सेंट्रल अस्पताल में बने हेल्पडेस्क जो सीरियस मरीजों की जान बचा सके
उल्हासनगर। उल्हासनगर शहर में कोरोना का कहर जारी है। शनिवार को रिकार्ड तोड़ 212 पाॊजिटीव मरीज मिलने से शहर के हालात दिन प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं। वहीं मृतकों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हो रही है शनिवार को कोरोना से तीन मरीजों की मौत हुई है जिससे मृतकों की संख्या अब 55 हो गई। शनिवार को राहत की खबर यह है कि 90 मरीज डिस्चार्ज हुए हैं जिससे कोरोना मुक्त मरीजों की संख्या अब 1356 हो गई है। 1158 एक्टिव मरीज अपना ईलाज विभिन्न अस्पतालों में करवा रहे हैं। जिनमें 224 मरीज होम आयसोलेशन में हैं और शहर के बाहर 105 मरीज अपना ईलाज करवा रहे हैं। आज सबसे ज्यादा मरीज इन इलाकों में मिले हैं जिनमें खेमानी से 15, शांतिनगर से 18, पवाई चौक से 10, कैम्प 5 ओटी से 10 आदि मरीज मिले हैं। नीचे दिए गए सूची में पूरी जानकारी उपलब्ध है।

उल्हासनगर शहर में 19 मार्च को कोरोना का पहला मरीज मिला था लेकिन करीब एक माह बाद 29 अप्रैल को कोरोना से पीड़ित एक वृद्धा महिला ने दम तोड़ा, तबसे से अब तक शहर में कोरोना ग्रस्त मरीजों की संख्या में 2500 पार हो गई है जबकि कोरोना से मरने वालों की संख्या 50 पार गई है। जो सरकारी आकड़ा है लेकिन गैर कोरोना ग्रस्त मरीजों की संख्या में भी अब लगातार वृद्धि हो रही है। उसकी वजह यह है कि गैर कोरोना मरीजों को समय पर ईलाज, वेंटिलेटर व आक्सीजन नहीं मिल पाने से वो दम तोड़ रहे हैं। उन मरीजों को पहले कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट लाने को कहा जाता है उसके बाद ईलाज की प्रक्रिया शुरू की जाती है शहर में मृतकों की संख्या को रोकने के लिए सांसद, विधायक और महापौर को ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि अब तो श्मशान भूमि में भी दह संस्कार के लिए कतार में खड़ा होना पड़ रहा है। अब नए आए मनपा आयुक्त से शहरवासियों को उम्मीद है जोकि एक डाॅक्टर भी हैं उन्हें मनपा मुख्यालय अथवा सेंट्रल अस्पताल में एक हेल्पडेस्क बनाए जहां ऐसे आपात कालीन स्थिति में सीरियस मरीजों के लिए जिन्हें वेंटीलेटर व आक्सीजन की सबसे ज्यादा आवश्यकता है। शहर में एक ऐसे आपात अस्पताल अथवा केंद्र बनाया जाए जहां इन सीरियस मरीजों को तुरंत एडमिट किया जाएं वो चाहे कोरोना पीड़ित हो चाहे गैर कोरोना पीड़ित। उनसे कोरोना रिपोर्ट पूछने से पूर्व ईलाज दिया जाएं ताकि लोगों की जान बचाई जा सके। शहर में कई वृद्धाओं के साथ उपरोक्त सुविधा न मिलने से अब युवा भी दम तोड़ रहे हैं। रोजाना सोशल मीडिया पर इस तरह के मैसेज आते हैं जिन्हें वेंटीलेटर व आक्सीजन की मदद चाहिए होती है उन ग्रुपों में वीआयपी मौजूद भी होते हैं लेकिन जब तक मरीज को ईलाज मिले वो दम तोड़ देते हैं। ज्ञात हो कि शहर में कोरोना ने पूरी तरह पैर पसार लिए हैं। इस कोरोना की चपेट में शहर के नागरिकों के साथ वीआयपी भी चपेट में आ गए हैं। उपमहापौर भगवान भालेराव, स्थायी समिति सभापति, शिवसेना, भाजपा, राकांपा के नगरसेवक भी संक्रमित हो चुके हैं। ज्यादातर वीआयपी का ईलाज या तो होम आयसोलेशन में हो रहा है अथवा मुंबई के अस्पतालों में हो रहा है क्योंकि उल्हासनगर में कोई खास सुविधा उपलब्ध नहीं है। मनपा कर्मी, पुलिस कर्मी, आरोग्य कर्मी को ही शहर में ट्रीटमेंट नहीं मिल रहा है तो आम लोगों की क्या हालत होगा। कोरोना बीमारी के कारण आम बीमारियों से ग्रस्त मरीज डरे हुए हैं। ईलाज से वंचित उनके परिजन बिना ईलाज के लिए डर के कारण घरों में कैद है। अगर उन्हें ईलाज मिले तो लोगों की जान बचाई जा सकती है। निजी अस्पतालों में डाॅक्टर ईलाज दे रहे हैं। कोरोना चेकअप पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।


उल्हासनगर में आज मिले अब तक के 
सबसे ज्यादा 191 मरीज
अंबरनाथ में मिले आज 101 नए मरीज
उल्हासनगर। उल्हासनगर शहर में फिर कोरोना बम फटा है, शुक्रवार को एक ही दिन में अब तक के सबसे ज्यादा 191 मरीज मिले हैं। जिससे कोरोना ग्रस्त मरीजों की कुल संख्या अब 2347 हो गई है। वहीं 1039 एक्टिव मरीजों का ईलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। आज 85 मरीजों के डिस्चार्ज होते हुए कोरोना मुक्त मरीजों की संख्या अब 1256 हो गई है। जबकि मरने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। शुक्रवार को दो मरीजों की मौत के बाद मृतकों की कुल संख्या 52 हो गई है। पंजाबी काॅलोनी व गोल मैदान परिसर से दो कोरोना ग्रस्त मरीजों की मौत हुई है। उल्हासनगर-1 से 5 तक करीब हर इलाके से अब मरीज मिले रहे हैं। 
उल्हासनगर शहर में जिलाधिकारी द्वारा जारी किए गए पूर्ण लाॅकडाऊन का आज पहला दिन था जहां पर कैम्प 1 से 5 तक पूर्ण रूप से दुकानें बंद थी। रास्तों पर भी लोग काफी कम ही देखे गए। पुलिस द्वारा मुख्य चौराहों पर लोगों से कड़क लाॅकडाऊन का पालन करवाते हुए देखे गए। कई दुपहिया वाहनों को भी जप्त किया गया। शुक्रवार को दिनभर बारिश के कारण भी लोग नहीं निकले। वहीं सोशल मीडिया पर सामाजिक संगठनाओं द्वारा कोविड सेंटर वेदांता काॅलेज तथा प्लेटेनियम अस्पताल में भर्ती सस्पेक्टेड कोविड मरीज और कोविड मरीजों का वीडियो शेयर किया गया। जिसमें अस्पताल व प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं। वृद्धा कोविड मरीज प्लेटेनियम अस्पताल में बिस्तर से उठकर रेंगते हुए देखे गए। यहां मरीजों की हालत काफी खराब देखी गई उन्हें पानी तक साफ नहीं दिया जा रहा है। शहर में करीब एक हजार एक्टिव मरीज हैं और कई बेड अस्पतालों में खाली होने के बावजूद मरीजों को ईलाज नहीं मिल रहा है और अस्पतालों व सेंटर में खान पान की सुविधा के साथ साफ-सफाई का अभाव भी देखने को मिल रहा है। हजारों लाखों खर्च करने के बावजूद निजी अस्पतालों की हालत भी धर्मशाला जैसी हो गई है। जहां लाखों का बिल निकल रहा है। कोरोना से संक्रमित हुए उपमहापौर ने अस्पताल से शहरवासियों को संदेश दिया है कि अपना ख्याल रखें और घरों से बाहर नहीं निकले इस बीमारी को गंभीरता से लें। ज्ञात हो कि शहर के डाॅक्टर, प्रतिष्ठित नागिरकों के साथ-साथ पुलिस कर्मी, मनपा कर्मी इस बीमारी के कारण अपनी जान गंवा बैठे हैं।
अंबरनाथ। अंबरनाथ में कड़क लाॅकडाऊन के बावजूद लोग बड़ी संख्या में घरों से निकल रहे हैं और कोरोनो को घर-घर पहुंचाने का प्रयत्न कर रहे है। शुक्रवार को शहर में कोरोना के शतक से ज्यादा नए रोगी मिले हैं। यहां 101 नए पाॅजिटीव मरीजों के मिलने से शहर में कुल कोरोना ग्रस्त मरीजों की संख्या 2032 हो गई है। 24 घंटे में कोरोना से पांच की मौत हो गई है। मृतकों की बढ़ती संख्या ने सबको चिंता में डाल दिया है। मृतकों की कुल संख्या 57 हो गई है। मृतकों का प्रतिशत 2.80 है। आज 92 मरीज ठीक होकर घर गए हैं। अब तक 1514 मरीज ठीक होकर घर गए हैं। ठीक होने वालों का प्रतिशत 74.50 प्रतिशत है। एक्टिव मरीज 461 हैं, मरीज 22.68 हैं। आज 120 लोगों ने स्वेब टेस्ट आए हैं। जिसमें 17 नेगेटिव, 101 पाॅजिटीव, 2 इनकनक्लुसिव हैं। आज 35 के स्वेब कलेक्शन लिए गए हैं। आज तक शहर में 3780 के कोरोना चेक किए गए हैं। 114 की रिपोर्ट आना बाकी है। नपा के कर्मचारी एवं आशा वर्कर घर घर जाकर लोगों के फीवर और आक्सीजन चेक कर रहे हैं। पश्चिम में खुंटवली भवानी चौक से 6, मातोश्री नगर 4, शहर पूर्व में पालेगांव में 4, पूर्व में शिवसेना शाखा के पास से 6, मरीज मिले हैं। डेंटल अस्पताल में 229 व अन्य अस्पतालों में 138 और 94 होम क्वारनटाईन में ईलाज करवा रहे हैं।
बदलापुर। कुलगांव-बदलापुर नपा में भी कोरोना एक हजार की संख्या के तरफ तेजी से बढ़ रहा है। यहां पर शुक्रवार को 48 कोरोना के नए रोगी मिले हैं। कुल संख्या 906 हो गई है। यहां पर एक 54 वर्षीय पुरुष की कोरोना से मौत हो जाने से मृतकों की संख्या 16 हो गई है। यहां पर भी तेजी से कोरोना फैल रहा है। 1420 लोगों को होम क्वारनटाईन किया गया है। 200 लोग नपा के क्वारनटाईन सेंटर में है। यहां पर 494 रोगी उपचार ले रहे हैं। तो 396 डिस्चार्ज होकर घर गए हैँ। स्वेब टेस्टींग की जो भी रिपोर्ट आ रही है उसमें नेगेटिव केसेस बहुत कम है। पाॅजिटीव की संख्या ज्यादा है। आज 54 की रिपोर्ट आयी है जिसमें 8 नेगेटिव और 48 पाॅजिटीव पाए गए हैं।
कल्याण। कल्याण डोम्बिवली मनपा में आज संक्रमितों के मामले में फिर से वृद्धि पाई गई आज कुल 564 कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि की गई जिंसके साथ ही कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 8049 तक जा पहुची है इनमें 4704 मरीजो का उपचार चल रहा है तो वही 3215 मरीज डिस्चार्ज हो चुके है वही आज 3 लोगो की मौत हो गयी इस आंकड़े के बाद मरनेवालों की संख्या बढ़कर 130 हो गयी है। जिसके अंतर्गत आज कल्याण पूर्व -114,कल्याण प.-157, डोंबिवली पूर्व -174,डोंबिवली प.-87,मांडा टिटवाळा- 17,मोहना -15 मरीज पाये गए है मात्र दो दिनों में 1 हजार का आंकड़ा कडोमपा में पार हो चुका है जो कि चिंता का विषय बना हुआ है।







शहर में एक्टिव मरीज 935, कोरोना मुक्त 1171, अब तक 50 की मौत
उल्हासनगर। उल्हासनगर महानगरपालिका क्षेत्र में कोरोना ग्रस्त मरीजों की संख्या 2 हजार पार हो गई है। गुरुवार को शहर में कोरोना कहर से एक ही दिन में अब तक के सबसे रिकार्ड 174 मरीज मिले हैं। जिससे मरीजों की कुल संख्या 2156 हो गई है। आज 88 मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हुए कोरोना मुक्त मरीजों की कुल संख्या 1171 बताई गई है। आज शहर में कोरोना से तीन लोगों की मौत होने से मृतकों की संख्या 50 हो गई है।
कोरोना की रोकथाम के लिए ठाणे जिलाधिकारी ने ठाणे जिले में 10 दिनों का कड़क लाॅकडाऊन किया है। जिसके कारण 2 से 12 जुलाई की शाम 5 बजे तक पूर्ण लाॅकडाऊन का पालन करने की अपील पुलिस व प्रशासन द्वारा माईक पर घोषणाओं के साथ की जा रही है। पुलिस व प्रशासन पूर्ण लाॅकडाऊन को सफल बनाने के लिए पूरी तरह एक्शन में आ गए हैं। 2 जुलाई की शाम 5 बजे से ही पुलिस व यातायात पुलिस के जवानों ने शहर के मुख्य चौराहों पर सील करना शुरू कर दिया है। दुपहिया वाहनों पर बिना वजह घूमने वाले लोगों को कार्रवाई करनी भी शुरू कर दी है। उल्हासनगर पुलिस थाने के वपुनि श्री कदम ने शहरवासियों से अपील की है कि इस लाॅकडाऊन का गंभीरता से पालन करें कोई भी व्यक्ति घर से बाहर नहीं आना चाहिए। अगर कोई माॅर्निंग वाॅक व इवनिंग वाॅक अथवा बिना कोई कारण के बाहर आएगा तो उस पर पुलिस कार्रवाई करेगी। बिना मास्क घूमने वालों पर एक हजार का दंड लगाया जाएगा। ज्ञात हो कि 2 से 12 जुलाई तक शुरू हुए इस लाॅकडाऊन में शहर पूरी तरह से बंद रहेगा। जिसमें दवा और दूध को छोड़कर किराणा, फल, सब्जी, मटन-मच्छी की होम डिलेवरी सुबह 9 से शाम 5 बजे तक की जाएगी। मेडिकल स्टोर सुबह 9 से रात 9 बजे तक खुली रहेंगी और अस्पतालों में मेडिकल स्टोर 24 घंटे शुरू रहेंगे। बैंक सेवा अपने समय पर चालू रहेंगी। 


एक्टिव मरीज 457, आज चार की मौत
अंबरनाथ में कोरोना रोग से ठीक होने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। गुरुवार को 78 मरीज ठीक हुए हैं। आज 63 कोरोना ग्रस्तों के मिलने से कुल संख्या 1931 हो गई है। एक्टिव मरीज 457 हैं। जबकि ठीक होने वालों की कुल संख्या 1422 हो गई है। 73.64 प्रतिशत रोगी ठीक हो कर घर गए हैं। ऐसी जानकारी अंबरनाथ नगरपरिषद द्वारा भेजे गए प्रेस विज्ञप्ति में दर्ज की गई है लेकिन एक दिन में 63 मरीजों का मिला भी चिंता को बल दे रहा है। कोरोना से मरने वालों की संख्या भी कम नहीं है। 24 घंटे में चार की मौत हुई है। मृतकों की संख्या 50 के पार 52 हो गई है। मृतकों की संख्या 2.69 प्रतिशत है। आज तक कुल 3702 नागरिकों की जांच की गई है। गुरुवार को 42 का स्वेब कलेक्शन करके जांच के लिए भेजा गया है। 156 की रिपोर्ट आना बाकी है। डेंटल कोविड अस्पताल में 185 रोगी है। अन्य अस्पताल में 127 तो होम क्वारनटाईन में 145 मरीज है। आज वुलन चाल सनराईज अपार्टमेंट में चार रोगी मिले हैं। निसर्ग ग्रीन पूर्व से 3 रोगी मिले हैं।
राज्य आरोग्य मंत्री का बदलापुर दौरा
महाराष्ट्र राज्य के आरोग्य मंत्री राजेश टोपे ने गुरुवार को दौरा करके बदलापुर अंबरनाथ में बढ़ रहे कोरोना मरीजों के बारे में एक बैठक का आयोजन बदलापुर में किया। बढ़ते मरीजों पर उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन को कड़क आदेश दिए। कोरोना मरीजों से ज्यादा रकम लेने वाले निजी अस्पतालों पर कार्रवाई करने के संकेत उन्होंने दिए। हरणे आयुर्वेदिक महाविद्यालय को कब्जे में लेकर आक्सीजन बेड का प्रबंध अंबरनाथ, बदलापुर के मरीजों के लिए किया जाएगा ऐसी घोषणा उन्होंने की है। बदलापुर में आज 51 नए बाधितों के मरीज मिलने से यहां कोरोना ग्रस्त मरीजों की संख्या 858 हो गई है। यहां पर 15 की मौत हुई है। जबकि एक्टिव मरीज 447 हैं और 396 मरीज ठीक हुए हैं।
अंबरनाथ में पुलिस ने टू व्हीलर व रिक्शा पर की कार्रवाई

अंबरनाथ। अंबरनाथ पश्चिम के मुख्य केबी महामार्ग महात्मा गांधी विद्यालय चौक पर दोपहर में भारी पुलिस बंदोबस्त के साथ वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक की निगरानी में बाईक, आटो रिक्शा एवं वाहनों पर कार्रवाई की गई। पूरी तरह लाॅकडाऊन होते हुए भी आजादी से लोग वाहनों पर घूम रहे थे उन पर कार्रवाई की गई है। पुलिस ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके ये जानकारी दी है कि 68 टू व्हीलर, 9 रिक्शा, 17 सीआरपीसी 149 अनुसार कार्रवाई, 22 मोटर सायकल की चाबियां निकालकर उनको समझ दी गई है। दंडात्मक कार्रवाई भी की गई है। चौक को पूरी तरह से नाकाबंदी कर दिया गया था। दो पुलिस निरीक्षक, 1 सह.पु.नि. 1 उपनि., 8 कर्मचारी, 6 एसआरपीएफ कर्मचारी तैनात किए गए थे। ऐसी जानकारी अब रोजाना की जाएगी। ऐसा वपुनि संजय धुमाल ने कहा है। उन्होंने शहरवासियों से कहा है कि घरों में ही रहे। घर से बाहर ना निकले, बिना जरूरत के अगर कोई बाहर निकला है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। यातायात पुलिस ने कई टू व्हीलर पर दंडात्मक कार्रवाई की है। कोरोना प्रादुर्भाव को रोकने के लिए जिलाधिकारी ने 10 दिनों का लाॅकडाऊन घोषित किया है। इसके बावजूद लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं। इस कारण पुलिस ने उन पर कार्रवाई की है।
अंबरनाथ कोविड अस्पताल एवं आर्चीड सेंटर से
कोरोना मरीजों की कोई शिकायत नहीं, प्रशासन का बढ़ीया प्रबंध

अंबरनाथ। डेंटल काॅलेज कोविड अस्पताल और आर्चीड क्वारनटाईन सेंटर में कोरोना पीड़ितों के साथ अच्छा ट्रीटमेंट किया जा रहा है। यहां से अब कोई शिकायत प्राप्त नहीं हो रही है। शुरू में यहां पर शौचालय की साफ सफाई और भोजन समय पर ना मिलने की शिकायतें प्राप्त हो रही थी लेकिन अब प्रशासन ने उपरोक्त दोनों सेंटर की शिकायत को दूर कर दिया है। आर्चीड में शहर भाजपा का एक पदाधिकारी कुछ दिनों से कोरोना से पीड़ित होकर दाखिल है। उन्होंने यहां से अपना दो वीडियो जारी करते बताया है कि सुबह के नाश्ते में पोहा, दो उबले हुए अंडे, दोपहर में दाल, चावल, भाजी और फल, रात में भी अच्छा भोजन दिया जा रहा है। सुबह और शाम में डाॅक्टर मरीजों को देखने आते हैं। दवाईयां भी समय पर दी जा रही है। उन्होंने अपने वीडियो में शहरवासियों से अपील की है कि वह कोविड 19 संक्रमण से ना घबराएं, यहां से मरीज बड़ी संख्या में ठीक होकर घर जा रहे हैं। कोविड अस्पताल में भी अब कोई शिकायत नहीं आ रही है। यहां पर बच्चों के लिए खिलौने के साथ बड़ों के लिए कैरम खेलने का भी प्रबंध है। जिससे मरीजों का टाईम पास हो रहा है। यहां पर शहर के प्रख्यात 10 डाॅक्टर तीन शिफ्टों में ड्यूटी दे रहे हैं। जिसके कारण कोरोना मरीज ठीक होकर बड़ी संख्या में घर जा रहे हैं। प्रशासक जगत सिंग गिरासे, मुख्याधिकारी प्रशांत रसाल, कोविड 19 नोडल डाॅक्टर नितिन राठोड़, उपमुख्याधिकारी धीरज चौहाण दिन रात परिश्रम कर रहे हैं।
लाॅकडाऊन को सफल बनाने की जरूरत
अंबरनाथ। अंबरनाथ में लाॅकडाऊन का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। केवल दुकानें बंद दिखाई दे रही है। लोग इसी तरह आ जा रहे हैं। जैसे रोजोना आते जाते हैं। बाईक सवार तो पहले से भी ज्यादा मुख्य सड़कों पर अपनी बाईक दौड़ा रहे हैं। कोरोना की चैन तोड़ने के लिए लाॅकडाऊन लिया गया है लेकिन सड़कों पर चौराहे पर लोगों की भीड़ को देखते हुए ये कहना पड़ रहा है कि कोरोना की चैन टूटेगी कैसे। प्रशासन को पूरी तरह कफर्यू लगाना चाहिए था ताकि लोग बाहर ना निकले। ये देखने में आ रहा है कि लोग बिना मतलब के ही घरों से निकल रहे हैं। उन्होंने पुलिस का कुछ खौफ डर नहीं है। सबसे ज्यादा भीड़ महावितरण कार्यालय पर दिखाई दे रही है जहां लाईट का बिल ज्यादा आने की शिकायत को लेकर एवं लाईट बिल भरने लोग कतार में खडे देखे गए। कईयों के मुंह पर मास्क नहीं। सामाजिक दूरी का कोई ख्याल नहीं, अभी भी समय नहीं गया है प्रशासन को चाहिए कि उन्होंने जिस प्रकार सख्ती से दुकानें बंद कर रखा है। उसी सख्ती के साथ लाॅकडाऊन करें तो कोरोना की चैन टूटेगी। हमारे अधिकारी रोजाना सड़क पर से कार्यालय में आते जाते हैं वह अच्छी तरह समझ रहे हैं कि वह लाॅकडाऊन में कितने फेल हो रहे हैँ, वह ये भी समझ रहे हैं कि केवल व्यापारियों को कोरोना के नाम पर सजा उन्होंने दी है जो भी हो लाॅकडाऊन अगर पूरी तरह सफल रहा तो कोरोना वायरस कम होगा लाॅकडाऊन को सफल बनाने की जरूरत है।


शहर में 2 से 12 जुलाई तक हुआ पूर्ण लॉकडाऊन
उल्हासनगर महानगरपालिका क्षेत्र में बुधवार को 68 नए मरीज मिले हैं जिससे शहर में कोरोना ग्रस्त मरीजों की कुल संख्या अब 1982 हो गई है। राहत की खबर यह है कि बुधवार को 40 मरीज कोरोना मुक्त होकर डिस्चार्ज हुए हैं जिससे कोरोना मुक्त मरीजों की कुल संख्या अब 1083 हो गई है। 851 एक्टिव मरीजों का ईलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। बुधवार को एक कोरोना ग्रस्त मरीज की मौत हुई है। जिससे मरने वालों की संख्या अब 48 हो गई है। वहीं उल्हासनगर मनपा प्रशासन बुधवार को 2 से 12 जुलाई तक पूर्ण लॉकडाऊन की घोषणा कर दी है। यह लॉकडाऊन 2 जुलाई की शाम 5 से 12 जुलाई की शाम 5 बजे तक होगा। इस लॉकडाऊन में शहर की किराणा दुकानें, भाजी, अंडे, फल, बेकरी, दूध, चिकन मटन की सुबह 9 से रात 9 बजे तक केवल होम डिलेवरी होगी। दूध डेयरी का काम सुबह 5 से सुबह 10 बजे तक होगा। शराब की दुकान सुबह 9 से शाम 5 बजे तक केवल होम डिलेवरी कर सकते हैं। वहीं रेस्टारेंट व किचन सुबह 10 से रात 10 बजे तक केवल होम डिलेवरी कर सकते हैं। मेडिकल स्टोर सुबह 9 से रात 9 बजे तक खुले रहेंगे। मास्क न पहनने पर एक हजार का जुर्माना मनपा द्वारा लगाया जाएगा।
शहर बंद का मिला जुला असर
उल्हासनगर। उल्हासनगर शहर में कोरोना के मरीज करीब 2 हजार तक पहुंच गए हैं जिसकी रोकथाम के लिए टीओके प्रमुख ओमी कालानी ने व्यापारियों से 1 से 7 जुलाई तक सप्ताह भर के लिए सेल्फ लॉकडाऊन की अपील की थी जिसका समर्थन यूटीए द्वारा भी किया गया। लेकिन मनपा आयुक्त डॉ. राजा दयानिधी ने सर्वपक्षीय बैठक में शहर में फिलहाल लॉकडाऊन नहीं होगा और जरूरत पडऩे पर शहर में लॉकडाऊन किया जाएगा ऐसा बयान दिया था। जिसके बावजूद बुधवार को शहर के व्यापारियों द्वारा खोली गई दुकानों को टीओके के कार्यकर्ताओं ने मोर्चा निकालकर नारेबाजी करते हुए दुकानों को जबरन बंद करवाकर अपने सेल्फ लॉकडाऊन को सफल बनाने का पूरा प्रयास किया लेकिन इस बंद का मिला जुला असर शहर में देखने को मिला। यूटीए से जुड़ी कई बाजारें पूरी तरह बंद देखी गई वहीं ज्यादातर दुकानें खुली अथवा बंद शटर के भीतर चल रही थी।
भाजपा जिलाध्यक्ष जमनू पुरस्वानी ने आरोप लगाया है कि जब व्यापारी प्रशासन के आदेशानुसार दुकानें खोलना चाहते हैं तो उनकी दुकानों को जबर्दस्ती शहर के 20 से 30 कार्यकर्ताओं द्वारा मोर्चा निकालकर क्यों बंद कराया गया? मोर्चे में सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ाकर माईक पर भाषण करके कानून व्यवस्था को हाथ में लिया गया है। जिससे आम व्यापारी काफी नाराज रहे। बंद के दौरान व्यापारियों का यही कहना था कि जिस तरह अंबरनाथ, कल्याण व ठाणे में मनपा व नपा प्रशासन ने पूर्ण लॉकडाऊन का आदेश निकाला है उसी आदेश के आधार पर ही हम दुकानें बंद अथवा खोलेंगे। 
शहर के बुद्धजीवियों का कहना है कि राजनीति की आपसी रंजिश के कारण जबरदस्ती दुकानें बंद कराना शहर हित में नहीं है। शहर को इस समय कोरोना के मरीजों को नहीं मिल रही आरोग्य सेवा में सुधार की ज्यादा जरूरत है। इसलिए शहर में इस कोरोना संकट के दौरान सर्वपक्षीय नेताओं को एकत्रित होकर पुलिस व प्रशासन के सहयोग से शहर में सख्त लॉकडाऊन की मांग करें। बुधवार को सुबह 9 से शाम 5 बजे तक सब्जी मंडी चालू रही, रिक्शा चल रही थी, किराणा, मेडिकल, क्लिनिक की दुकानें पूरी तरह खुली हुई थी। पी-1 के तहत शहर के मुख्य बाजारों की दुकानें मोर्चे के दौरान बंद की गई बाद में खुली हुई पायी गई। टीओके का बंद पूर्ण रूप से सफल नहीं हो पाया जिससे टीओके कार्यकर्ता यह कहते सुने गए कि हमने अपने नेता के आदेश का पालन कर दुकानें बंद करवाई है जो हमें आधी रात को भी काम आता है और यह बंद शहर की सुरक्षा के लिए कराया गया है। 





अंबरनाथ में एक ही दिन में कोरोना मुक्त हुए 242 रोगी
उल्हासनगर में फिलहाल लॉकडाऊन नहीं मनपा आयुक्त

उल्हासनगर। उल्हासनगर महानगरपालिका क्षेत्र में कोरोना का कोहराम जारी है। मंगलवार को अब तक का सबसे ज्यादा 148 नए मरीज मिलने से शहर में कोरोना के प्रति दहशत बढ़ गई है। इसी के साथ शहर में कोरोना ग्रस्त मरीजों की कुल संख्या अब 1914 हो गई है। जिसमें राहत की खबर यह है कि मंगलवार को 60 मरीज कोरोना मुक्त होकर डिस्चार्ज हुए हैं जिससे कोरोना मुक्त मरीजों की कुल संख्या अब 1043 हो गई है। 824 एक्टिव मरीजों की ईलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। मंगलवार को चार मरीजों की मौत कोरोना से हुई है जिससे मरने वालों की संख्या अब 47 हो गई है। उल्हासनगर शहर में बढ़ते कोरोना के मामलों को लेकर मंगलवार को महानगरपालिका में नए आयुक्त डॉ. राजा दयानिधी ने सर्वपक्षीय बैठक का आयोजन किया था। जिसमें टीओके द्वारा 1 से 7 जुलाई तक की गई लॉकडाऊन की मांग पर मनपा आयुक्त डॉ. दयानिधी ने कहा कि शहर में फिलहाल लॉकडाऊन नहीं होगा क्योंकि लॉकडाऊन हेतु कई तैयारियां की जाती है जिसके लिए पुलिस का सहयोग आवश्यक है। शहर में लॉकडाऊन की अगर आवश्यकता होगी तो उस पर उचित समय पर तैयारी के साथ निर्णय लिया जाएगा।
अंबरनाथ। अंबरनाथ में दो दिनों से एक पॉजिटीव खबर मिल रही है। सोमवार को 230 रोगी तो आज मंगलवार को 242 कोरोना रोगी ठीक होकर घर गए हैं। अब तक कुल 1245 रोगी ठीक हुए है। मंगलवार को कोरोना के 54 नए रोगी मिले हैं। कुल संख्या अब 1823 हो गई हैं। जितनी बड़ी संख्या में कोरोना रोगी मिल रहे हैं उससे भी ज्यादा बड़ी संख्या में रोजाना ठीक होकर मरीज डिस्चार्ज किए जा रहे हैं। लोगों की समझ में ये बातें नहीं आ रही है कि मरीजों को कितने दिन अस्पताल में रखकर छोड़ा जा रहा है। आज 533 एक्टिव रोगी बताए गए है जिनका ईलाज अस्पतालों में चल रहा है। अब तक 45 की मौत हुई है। अब तक 3547 लोगों का स्वेब कलेक्शन करके चेक किया गया है। अंबरनाथ नपा और मेट्रोपोलीस लेबोरेट्री के बीच एक करार हुआ है जिसके अनुसार जुलाई और अगस्त माह में 5 हजार लोगों के कोरोना टेस्ट मुफ्त में किए जाएंगे। जिससे एक करोड़ 40 लाख रुपए की बचत होगी।
बदलापुर। बदलापुर में भी कोरोना रफ्तार पकड़ रहा है। मंगलवार को यहां पर 32 कोरोना ग्रस्त मिले हैं। यहां पर कुल संख्या 774 हो गई है। 394 बीमार ठीक होकर घर गए हैं। एक्टिव मरीज 365 हैं। यहां पर अब तक 15 की मृत्यु हुई है। आज तक 1547 लोगों का स्वेब कलेक्शन करके चेक किया गया है। बदलापुर में 900 लोगों को होम क्वारनटाईन किया गया है। 106 नपा के क्वारनटाईन सेंटर में है। आज 45 स्वेब सेम्पल लिए गए हैं। आज बदलापुर में अंबरनाथ का एक 45 वर्षीय शिक्षक और एक डोंबिवली पुलिस कर्मी बाधित पाया गया है।
कल्याण। कल्याण डोम्बिवली शहर में कोरोना संक्रमितों के मामले में आज कुल 462 कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि की गई जिसके साथ ही कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 6575 तक जा पहुची है इनमें 4066 मरीजो का उपचार चल रहा है तो वहीं 2389 मरीज डिस्चार्ज हो चुके है वही आज 7 लोगों की मौत हो गयी इस आंकड़े के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 120 हो गयी है। इन आकड़ों पर नजर डाला जाए तो अब इलाज करा रहे मरीजो की संख्या बढ़ती जा रही है जबकि डिस्चार्ज होनेवालों की संख्या कम होती जा रही है वही मरनेवालों की संख्या भी थमने का नाम नही ले रही है।

उल्हासनगर महानगरपालिका क्षेत्र में कोरोना का कोहराम जारी है। मंगलवार को 148 नए मरीज मिलने से शहर में कोरोना के प्रति दहशत बढ़ गई है। इसी के साथ शहर में कोरोना ग्रस्त मरीजों की कुल संख्या अब 1914 हो गई है। जिसमें राहत की खबर यह है कि मंगलवार को 60 मरीज कोरोना मुक्त होकर डिस्चार्ज हुए हैं जिससे कोरोना मुक्त मरीजों की कुल संख्या अब 1043 हो गई है। 824 एक्टिव मरीजों की ईलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। मंगलवार को चार मरीजों की मौत कोरोना से हुई है जिससे मरने वालों की संख्या अब 47 हो गई है।

उल्हासनगर। उल्हासनगर शहर में बढ़ते कोरोना के मामलों को लेकर मंगलवार को महानगरपालिका में नए आयुक्त डॉ. राजा दयानिधी ने सर्वपक्षीय बैठक का आयोजन किया था। जिसमें टीओके द्वारा 1 से 7 जुलाई तक की गई लॉकडाऊन की मांग पर मनपा आयुक्त डॉ. दयानिधी ने कहा कि शहर में फिलहाल लॉकडाऊन नहीं होगा क्योंकि लॉकडाऊन हेतु कई तैयारियां की जाती है जिसके लिए पुलिस का सहयोग आवश्यक है। शहर में लॉकडाऊन की अगर आवश्यकता होगी तो उस पर उचित समय पर तैयारी के साथ निर्णय लिया जाएगा। यह जानकारी हमें भाजपा जिलाध्यक्ष व गट नेता जमनू पुरस्वानी ने दी जो उस बैठक में मौजूद थे।
उल्हासनगर मनपा में मंगलवार को मनपा आयुक्त डॉ. राजा दयानिधी ने सर्वपक्षीय बैठक का आयोजन किया था जिसमें भाजपा से जमनू पुरस्वानी, किशोर वनवारी, शिवसेना से धनंजय बोडारे, अरुण आशान, धनंजय बोडारे, टीओके से कमलेश निकम, शिवाजी रगडे व साई पक्ष से टोनी सीरवानी, कांग्रेस से रोहित सालवे उपस्थित थे। इस बैठक में शहर में कोरोना संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई जिसमें सर्वपक्षीय नगरसेवकों ने अपने विचार रखे और शहर की समस्या से अवगत कराया।  शहर में 1 से 7 जुलाई तक सप्ताह भर लॉकडाऊन की मांग टीओके तथा शिवसेना द्वारा की गई। वहीं भाजपा द्वारा यह कहा गया की गई कि अगर लॉकडाऊन शहर में करना ही है तो पूर्ण रूप से और सख्ती से पुलिस व प्रशासन की निगरानी में लॉकडाऊन करें। केवल शटर नीचे करके लॉकडाऊन करना व्यर्थ है। इस लॉकडाऊन में मजदूरों को खान-पान की व्यवस्था भी मनपा प्रशासन को करनी पड़ती है उसकी भी व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर अनलॉक का ही पालन व्यापारी व शहरवासी अच्छे से नियमानुसार करें तो लॉकडाऊन की आवश्यकता नहीं है। इस तरह की बातें भाजपा गट नेता जमनू पुरस्वानी ने की। लॉकडाऊन के सुझाव पर मनपा आयुक्त ने कहा कि प्रशासन लॉकडाऊन के लिए फिलहाल तैयार नहीं है इसकी अग्रिम सूचना तथा पुलिस का सहयोग आवश्यक है और पूरी तैयारी के बाद ही हम लॉकडाऊन की घोषणा करेंगे और अगर जरूरत पड़ी तो कुछ ही दिन में इसका निर्णय भी लिया जाएगा।
मनपा आयुक्त ने कहा कि कोरोना की रोकथाम हेतु प्रशासन ने रुपरेखा तैयार की है जिसमें सप्ताह भर में 200 बेड का अस्पताल तैयार किया जाएगा, चार निजी अस्पताल कोविड को समर्पित होंगे तथा गरीब अथवा अमीर मरीजों को महात्मा ज्योर्तिबा फुले योजना के तहत मुफ्त ईलाज की सुविधा देने का प्रयास भी किया जा रहा है। कोरोना की रोकथाम हेतु हर संभव कोशिश की जाएगी। ताकि कोरोना मामले में गिरावट आए।
आयुक्त की उपरोक्त बातें हमें भाजपा जिलाध्यक्ष जमनू पुरस्वानी ने बताई और कहा कि नए आयुक्त काफी काबिल है और उनके चार्ज लेते ही लॉकडाऊन का प्रेशर सत्तापक्ष दे रही है। आयुक्त स्वयं डॉक्टर भी है इसलिए उन्हें फ्री हैंड काम करने मौका देना चाहिए। उन्होंने हमसे वादा किया है कि वो कोरोना की रोकथाम हेतु हर संभव प्रयास करेंगे। यह बैठक मंगलवार की दोपहर 12.30 से 3 बजे तक चली। बैठक में उपस्थित नगरसेवकों ने शहर में ऑक्सीजन, वेंटीलेटर, बेडों व चेकअप सेंटर की कमी पर भी चर्चा की। जिस पर उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द इसका निवारण का प्रयास किया जाएगा।


ULHAS VIKAS

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