April 2020

मुंबई। महाराष्ट्र के मौजूदा राजनीतिक संकट के बीच राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने चुनाव आयोग से विधान परिषद की 9 खाली सीटों पर चुनाव कराने की मांग की है। गुरुवार शाम राजभवन की ओर से यह जानकारी दी गई।  दरअसल, उद्धव ठाकरे इस समय विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य नहीं हैं। वह बिना चुनाव लड़े ही राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। लेकिन संविधान के अनुच्छेद 164 (4) के मुताबिक, यदि सदन से बाहर का कोई व्यक्ति मंत्री या मुख्यमंत्री बनता है तो शपथ ग्रहण से छह महीने के भीतर विधानसभा या विधान परिषद (जिन राज्यों में है) का सदस्य बनना अनिवार्य है।
कोरोना वायरस महामारी की वजह से अभी विधानसभा के लिए उपचुनाव या विधान परिषद के लिए चुनाव संभव नहीं है। ऐसे में राज्य कैबिनेट की ओर से दो बार राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। ऐसे में उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बने रह पाने के लिए उनका विधान परिषद में राज्यपाल की ओर से मनोनयन बेहद जरूरी है।
इधर राजभवन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद उद्धव ठाकरे ने बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी से भी बात की। महाराष्ट्र में संभावित राजनीतिक संकट को लेकर विशेषज्ञों की राज्य बंटी हुई है। क्या राज्यपाल के लिए राज्य कैबिनेट के प्रस्ताव के मुताबिक उद्धव को मनोनीत करना आवश्यक है या यह उनके विवेक पर निर्भर है? 
संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप कहते हैं कि यह राज्यपाल का फैसला होगा। उन्होंने कहा, ''संविधान राज्यपाल को किसी मुद्दे पर विवेक से फैसला लेने की इजाजत देता है। यदि राज्यपाल यह फैसला करते हैं कि वह अपने विवेक से किसी मुद्दे को निपटाएंगे तो इस पर सवाल नहीं उठाया जा सकता है। राज्यपाल मंत्रिमंडल की सलाह पर काम करने को बाध्य हैं, लेकिन तब नहीं जब वह अपने विवेक से फैसला लें।'' 

  • अंबरनाथ के चिखलोली गांव में पुलिस कर्मी कोरोना बाधित
  • उल्हासनगर में अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
  • उल्हासनगर में शुक्रवार से अनुमति लेकर सब्जी व फल विक्रेता कर सकेंगे बिक्री

     
      उल्हासनगर। उल्हासनगर शहर में फाॅलोअर लाईन में 28 अप्रैल 2020 को एक 87 वर्षीय मृतक वृद्ध महिला की कोरोना रिपोर्ट पाॅजिटीव आने के बाद शहर में चिंता का माहौल था साथ ही क्षेत्र के निवासियों में भी भय का माहौल था। इसके अलावा एक पुलिस अधिकारी के परिवार के सभी सदस्यों की रिपोर्ट भी पाॅजिटीव ने भी चिंता बढ़ा दी थी। जैसे कि कोरोना के लक्षण कम से कम 7 दिनों बाद पता चलते हैं ऐसे में उपरोक्त दोनों परिवार के अन्य सदस्यों को क्वारनटाईन किया गया है और कुछ दिनों बाद उनकी कोरोना जांच कराई जाएगी। मनपा क्षेत्र के आठ अन्य लोगों की कोरोना जांच रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है जिसमें एक पुलिस कर्मी भी शामिल है यह शहर और पुलिस विभाग के लिए राहत की खबर है। शहर में आज कोरोना का कोई भी नया मरीज नहीं मिला है। ऐसी जानकारी मनपा आयुक्त सुधाकर देशमुख ने प्रेस नोट द्वारा दी है। कोरोना से बाधित ज्यादातर लोग मुंबई अप-डाऊन कर रहे थे और आरोग्य व पुलिस सेवा से जुड़े हुए लोग ही कोरोना पाए जा रहे हैं। अपने शहरों में मुंबई से आने जाने वाले लोगों को रोकने की जरूरत है।
    अंबरनाथ में कोरोना के कुल 7 मरीज थे जिनमें से एक की मौत हो गई है और तीन ठीक हो गए हैं तीन कोरोना के मरीजों का ईलाज चल रहा है। बुधवार को अंबरनाथ के सर्योदय नगर के सामने चिखलोली गांव निवासी एक पुलिस कर्मी कोरोना से बाधित पाया गया है यह पुलिस कर्मी मुंबई में कार्यरित है। उसकी उम्र 32 वर्ष बताई गई है। उनके परिजनों को क्वारनटाईन किया गया है और चिखलोली गांव को सील कर दिया गया है। दूसरा मरीज न्यू काॅलोनी निवासी है जोकि ताज होटल में काम करता है उसकी पत्नी और तीन बच्चों का कोरोना जांच नेगेटिव पाया गया है। इस खबर से परिसर में राहत की सांस ली गई है। तीसरा मरीज पश्चिम के नवरे पार्क की निवासी है जोकि मुंबई के भाभा अस्पताल में नर्स का कार्य करती है। बदलापुर नपा क्षेत्र में कुल 29 कोरोना के मरीज थे जिनमें से 22 मरीजों का उपचार चल रहा है उनमें 5 मरीजों का ईलाज उल्हासनगर के कोविड अस्पताल में चल रहा है।
     उल्हासनगर मनपा आयुक्त श्री देशमुख ने जानकारी दी है कि उल्हासनगर-4 के कोविड अस्पताल में 12 मरीजों का ईलाज चल रहा है जिसमें 11 कोरोना से संक्रमित हैं। पुलिस कर्मी सहित 5 एक ही परिवार के सदस्य हैं, 5 मरीज बदलापुर के हैं जबकि 1 मरीज कल्याण निवासी है। 1 वृध्द महिला का ईलाज भी यही चल रहा है जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है। सभी मरीजों की हालत स्थिर और खतरे से बाहर है और अगर उनके कोरोना रिपोर्ट दो बार नेगेटिव आते है तो उन्हें डिस्चार्ज दिया जाएगा। उल्हासनगर निवासी दो कोरोना के मरीजों का ईलाज मुंबई के अस्पतालों में चल रहा है। जिनमें एक धारावी की क्लिनिक में काम करने वाला युवक तथा भाभा अस्पताल में काम करने वाली एक नर्स का समावेश है। 19 मार्च को दुबई से आयी एक महिला ठीक हो चुकी हैं।
     मनपा आयुक्त ने बताया कि कोरोना पर काबू पाया जा सकता है अगर समय पर उसका ईलाज कराया जाए। अगर बीमारी डर के कारण दबा दी जाती है तो यह निमोनिया में बदल सकती है और रोगी के जीवन को खतरे में डाल सकती है। साथ ही मरीज बिना ईलाज के बाहर है तो यह बीमारी उसके परिवार के सदस्यों को भी अपने संपर्क में लेकर लोगों में फैल सकती है। इसलिए मनपा द्वारा फीवर क्लिनिक में कोरोना रोग के लक्षणों वाले व्यक्तियों की तुरंत जांच कराने की अपील की है। ऐसे में कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए भविष्य में प्रशासन इस बीमारी को रोकने में सक्षम होगा जब लोग जागरुक होकर खुद अपना परीक्षण करवाएंगे। उल्हासनगर मनपा क्षेत्र में तीन क्षेत्रों को कनटेनमेंट झोन घोषित किया गया है जिसमें उल्हासनगर-5, उल्हासनगर-4 के जीजामाता काॅलोनी संभाजी चौक और उल्हासनगर-3 फाॅलोअर लाईन परिसर शामिल है। इन क्षेत्रों से कोरोना के मरीज मिले हैं। वाट्सअप पर कई मैसेज फारवर्ड हो रहे हैं कि फलां-फलां जगह पर कोरोना के मरीज मिल रहे हैं जो पूरी तरह झूठे हैं शहरवासियों से अपील की है कि ऐसे कोरोना संबंधित मैसेज को फारवर्ड न करें अन्यथा आप पर कार्रवाई की जाएगी। इससे शहर का माहौल खराब हो सकता है।
उल्हासनगर शहर में 1 मई से फल व सब्जियों की बिक्री शुरू
      शहर में फलों और सब्जियों की बिक्री 1 मई की सुबह से दोपहर 2 बजे तक शुरू करने की अनुमति दी गई है। लेकिन केवल उन फल व सब्जियों को विक्रेता बेच सकते हैं जिन्हें वार्ड अधिकारी द्वारा अनुमति दी गई हो। वार्ड अधिकारी उन्हें जगह भी निश्चित करके देंगे। बिना अनुमति लेने वाले सब्जी व फल विक्रेताओ पर मनपा कार्रवाई करेगी और दुकान व ठेले को तुरंत जब्त कर लिया जाएगा।
केडीएमसी क्षेत्र में कोरोना का कहर जारी
     कल्याण डोम्बिवली परिसर में गुरुवार को 6 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए है जिनमें एक 20 दिन का मासूम बच्चा भी इस बीमारी की चपेट में आ गया है इस नए आंकड़े के साथ अब कल्याण - डोम्बिवली में 162 कोरोना संक्रमित मरीज हो चुके है। विदित हो कि बुधवार को कल्याण -डोम्बिवली क्षेत्र में 13 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे वहीं गुरुवार को 6 नए कोरोना संक्रमित पाए गए जिनमे डोम्बिवली पश्चिम में 2 पुरूष, डोम्बिवली पूर्व में 20 दिन का मासूम बच्चा व 1 महिला, कल्याण पश्चिम में 1 पुरुष तो टिटवाला पूर्व में 1 महिला कोरोना संक्रमित पायी गयी है इसके साथ ही कल्याण में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 162 हो गयी है कुल 47 लोग स्वस्थ हो चुके है और 112 लोगो का उपचार अभी जारी है । अब तक कल्याण पूर्व में 30, कल्याण पश्चिम में 21, डोंबिवली पूर्व में 57, डोंबिवली पश्चिम में 41, मांडा टिटवाळा में 6, मोहने में 6 तथा नांदिवली में 1 मरीज कोरोना से संक्रमित पाये जा चुके है ।

  • घरों में कैद लोगों को टीवी व मोबाईल का ही सहारा
  • लाॅकडाऊन के दौरान बिजली बिल माफ की मांग बढ़ी
  • रोज कमाने वाले गरीब, कामगार व छोटे व्यापारी दो वक्त की रोटी नहीं जुटा पा रहे

उल्हासनगर। करण बोधा
     कोरोना महामारी से देशभर में लाॅकडाऊन के दौरान घरों में कैद लोगों के पास टीवी व मोबाईल ही एक ऐसा साधन है जो उन्हें बांधे हुए है वहीं तपती गर्मी ने भी अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। लोग न तो घरों से बाहर निकल पा रहे हैं और ना ही अंदर बैठ पा रहे हैं क्योंकि उल्हासनगर शहर में बिजली महावितरण विभाग की लापरवाही से उनको बार-बार बिजली खंडित का सामना करना पड़ रहा है। जिससे लोग परेशान हैं। वहीं रोज कमाने वाले गरीब, कामगार व छोटे व्यापारियों का बिजली बिल माफ करने की मांग ने जोर पकड़ा है।
    लाॅकडाऊन को करीब 40 दिन पूरे हो रहे हैं इतने दिनों से कैद शहरवासियों को घरों में टीवी व मोबाईल का ही सहारा है जो बिजली के उपकरण है वहीं इस तपती गर्मी में अगर फैन भी न चले तो उस व्यक्ति की क्या हालत होगी। शहर में आए दिन रोजाना बिना कारण के बिजली को खंडित किया जा रहा है। कई घरों के फैन खराब हो चुके हैं, इनवरटर खराब हो चुके है कई अन्य बिजली के उपकरण भी खराब हो चुके हैं लेकिन लाॅकडाऊन के कारण वो उनकी मरम्मत नहीं कर पाए हैं ऊपर से बिजली विभाग बिना किसी सूचना दिए बार-बार असमय बिजली बंद कर रहा है। कई क्षेत्रों में लोड कम ज्यादा की समस्या के चलते बिजली उपकरण खराब भी हो रहे हैं एक परिवार के सारे ट्यूब लाईट खराब हो चुके हैं वो रात को अंधेरे में बैठने को मजबूर हो गए हैं। इसका जिम्मेदार बिजली विभाग ही है क्योंकि बिजली के बिल तो कम नहीं होते उल्टा ज्यादा ही आते हैं इसलिए बिजली बिल माफ करने की मांग ने जोर पकड़ा है।
 
    ज्ञात हो कि उल्हासनगर मनपा आयुक्त को इस गर्मी के दौरान फैन के व्यापारियों ने दुकानें खोलने की अनुमति मांगी थी जिसे आयुक्त ने सुरक्षा के लिहाज से नकार दिया है। घरों में कैद लोगों को पानी की तो परेशानी नहीं हो रही लेकिन बिजली की आंख-मिचौली से लोग परेशान हैं क्योंकि अप्रैल-मई महिने में सबसे अधिक गर्मी होती है। यह तापमान 35 से 40 तक पहुंच रहा है। इस गर्मी में लोगों को फैन की सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है और बार-बार बिजली खंडित होने से उनका कहना है कि अब यह गर्मी ही हमें मार देगी। जय झुलेलाल सेवा संघर्ष समिति के दीपक मंगतानी तथा यूटीए कार्याध्यक्ष दीपक छतलानी ने बिजली विभाग से मांग की है कि इस लाॅकडाऊन के दौरान बिजली खंडित न करें क्योंकि लोग पहले से ही घरों में परेशान हैं उन्हें और परेशान न किया जाए। इस तपती गर्मी में सबसे ज्यादा भयंकर हालत छोटे घरों में रहने वाले लोगों की होती है जहां अगर फैन भी नहीं चलेगा तो वो सांस कहां से लेंगे। कई समाजसेवियों ने बिजली बिल माफ करने की भी मांग सरकार से की है। क्योंकि गरीब व छोटे व्यापारी जो रोज कमाकर खाते हैं वो पूरी तरह लाचार हो चुके हैं, उनकी दो वक्त की रोटी भी मुश्किल से निकल रही है ऐसे में बिजली बिल दोहरी मारी होगा।

ठाणे। राज्य में भिवंडी, कळवा, मुंब्रा, शिळफाटा, व मालेगाव इन भागो में इलेक्ट्रिकल सप्लाई से संबंधित सभी काम को करने के लिए महावितरण कंपनी ने फ्रेंचाइजीओं की नियुक्ति की है. 
देश में कोरोना महामारी  
लाॅकडाउन में लोगों को परेशानी ना हो इसलिए डॉ. नितीन राऊत, उर्जा मंत्री ने  राज्य की  महानिर्मिती, महापारेषण व महावितरण कंपनियों के काम की जानकारी लेते हुए कारपोरेट ऑफिस व क्षेत्रीय अधिकारियों को भी इस लाभ डाउन के दौरान विविध उपाय योजना को लेकर सतर्क किया था. इसके साथ ही राज्य में कुछ जगहों पर महावितरण द्वारा दी गई फ्रेंचाइजी कंपनियों को भी इस्लाम डाउन के दरमियान बिजली की आपूर्ति को सुचारू रूप सेशुरू रखने व अन्य तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए तैयार रहने का निर्देश ऊर्जा मंत्री  डॉ. नितीन राऊत ने दिया है.
 ऊर्जा मंत्री हैं नागपुर के प्रादेशिक संचालक महावितरण कार्यालय में भिवंडी,  मुंब्रा- कळवा व मालेगाव में तीन  प्राइवेट   वीज वितरण फ्रेंचाईझी के साथ व्हिडिओ कॉन्फरन्स के द्वारा  उनके कामों को जानकारी लेते हुए उनको निर्देश दिया है. 
इस वीडियो  कॉन्फरन्स के माध्यम से माध्य  आयोजित मीटिंग में   ऊर्जामंत्री डॉ. नितीन राऊत, प्रधान सचिव(ऊर्जा) व  अध्यक्ष व्यवस्थापकीय संचालक महावितरण असिम गुप्ता, टोरंट कंपनी के  जिनल मेहता व जगदीश और  सी.ई.एस.ई. कंपनी के  गौतम रॉय, देवाशीष बॅनर्जी व  बिपलँब पॉल प्रमुख रूप से उपस्थित थे. 
कोविड 19 की वजह से किए गए लॉकडाऊन में  उद्योगधंदे बंद होने की वजह से उसका परिणाम सर्वत्र दिखाई दे रहा है. इसके साथ ही रमजान  का त्योहार के साथ बढ़ती हुई गर्मी की वजह से बिजली की  अखंडित  आपूर्ति के लिए  फ्रेंचाईझी कंपनियों को  पूरी तैयारी व उपाय योजना से तैयार रहने के लिए  डॉ.राऊत ने निर्देश दिया है.इसके साथ  लॉकडाऊन के दौरान  भारनियमन, ब्रेकडाऊन नहीं हो इसके लिए भी  महावितरण व फ्रेंचाईझी कंपनियों को तैयार रहने का निर्देश दिया गया है.

मनपा सफाई कर्मी की माता क्रिटीकेयर अस्पताल में थी भर्ती
उल्हासनगर शहर में अब तक 7 कोरोना से संक्रमित
     

     उल्हासनगर। उल्हासनगर शहर में कोरोना के बम ने एक वृद्ध महिला की जान ले ली है। कैम्प 3 फाॅलवर लाईन परिसर निवासी एक 87 वर्षीय वृध्द महिला की क्रिटीकेयर अस्पताल में ईलाज के दौरान मौत हो गई है। बताया गया है कि महिला की मौत मंगलवार को हुई थी, बुधवार को उसकी कोरोना रिपोर्ट पाॅजिटीव बताई गई है। वहीं हैरानी की बात यह है कि फाॅलवर लाईन परिसर की निवासी महिला जोकि पूर्व सफाई कर्मी भी है उनका बेटा महानगरपालिका में सफाई कर्मचारी है। उपरोक्त परिसर भी घनी आबादी व झुग्गी झोपड़ों से घिरा हुआ है। प्रवीण वाईन्स के पीछे वाला परिसर सील किया गया है। अगर महिला कई लोगों के संपर्क में आयी है तो यह कोरोना बम कई लोगों पर फट सकता है। उपरोक्त महिला की मौत की पुष्टि मनपा आयुक्त सुधाकर देशमुख ने कर दी है। सूत्रों ने बताया है कि मृतक के शव को कल ही परिजनों को दे दिया गया था और कहा गया था कि उन्हें यहां से ही श्मशान ले लाया जाए लेकिन वो उन्हें अपने घर ले गए। 
   

19 मार्च को मिला था पहला मामला, 12 कोरोना पाॅजिटीव का ईलाज कोविड अस्पताल में जारी
उल्हासनगर मनपा आयुक्त के मुताबिक उल्हासनगर शहर में कोरोना का पहला मामला 19 मार्च 2020 को तब मिला जब दुबई से लौटी एक महिला कोरोना पाॅजिटीव पायी गई लेकिन तेजी से मिले उपचार के चलते उसे अगले ही सप्ताह 26 मार्च को नेगेटिव रिपोर्ट के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। 25 अप्रैल 2020 तक शहर में कोई भी कोरोना का मरीज नहीं मिला था। 25 अप्रैल को उल्हासनगर निवासी एक आरोग्य कर्मचारी जोकि मुंबई के धारावी ईलाके में एक क्लिनिक में कार्यरित था वो पाॅजिटीव पाया गया लेकिन उसका परिवार कोरोना नेगेटिव निकला। इसी तरह उल्हासनगर निवासी एक नर्स जोकि मुंबई के भाभा अस्पताल में कार्यरित है वो पाॅजिटीव पायी गई लेकिन उनके परिजन नेगेटिव पाए गए। उल्हासनगर-4 के कोविड अस्पताल में कुल 12 मरीजों का ईलाज चल रहा है जिसमें उल्हासनगर के 7 कोरोना मरीजों सहित एक कल्याण निवासी और बदलापुर के 3 मरीजों का ईलाज चल रहा है। एक वृध्द महिला को संदेह के आधार पर कोविड अस्पताल में भर्ती किया गया लेकिन उसकी रिपोर्ट नेगेटिव पायी गई।
 
  25 अप्रैल से मनपा को कई शिकायतें मिली कि कई लोग मुंबई से निकलकर सुरक्षित शहरों में पनाह के लिए घूस रहे हैं उनमें से कुछ लोगों को पकड़कर क्वारनटाईन किया गया है। लेकिन इस परिस्थित में सब पर नजर रखना पुलिस व प्रशासन के लिए भी कठिन है। ऐसे में पुलिस कर्मी भी संक्रमित हो रहे हैं। 20 मार्च से सरकारी तंत्र भी कार्य कर रहा है। कोरोना के लक्षण 14 दिनों अथवा कम से कम 7 दिनों में पता चलते हैं ऐसे में मुंबई अथवा अन्य इलाके से आए संक्रमित मरीज शहर में भी पाए जा सकते हैं जिस कारण शहर में कोरोना के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ सकती है जैसे 26 अप्रैल 2020 को मुंबई के येलो गेट पुलिस थाने में कार्यरित उल्हासनगर निवासी पुलिस कर्मी को कोरोना पाॅजिटीव पाया गया। दो दिनों बाद 28 अप्रैल को क्वारनटाईन में रखे गए पुलिस कर्मी की पत्नी व तीन बच्चों को भी कोरोना पाॅजिटीव पाया गया हैं। बुधवार को कोरोना पाॅजिटीव वृद्ध महिला की मौत से शहर में दहशत का माहौल छा गया है।

  • दै. उल्हास विकास की खबर सही साबित हुई
  • नगरविकास मंत्रालय का आदेश जारी
  • सदस्यों को कार्यकाल बढ़ाकर नहीं दिया

     अंबरनाथ। युसूफ शेख
    अंबरनाथ और बदलापुर नगरपरिषद पर प्रशासक की नियुक्ति कर दी गई है। प्रांत अधिकारी इन दोनों नपा के प्रशासक होंगे। ऐसा आदेश मंगलवार रात में नगरविकास विभाग की तरफ से जारी किया गया है। 
   
   विदित हो कि मंगलवार को ही दै. उल्हास विकास ने अंबरनाथ नपा पर प्रशासकीय राज के शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी जोकि वह सही साबित हुई है। नगरविकास मंत्रालय महाराष्ट्र की तरफ से जारी पत्रक में कहा गया है कि 19.5.2020 को दोनों नपा के सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है उसी दिन से प्रांत अधिकारी प्रशासक नियुक्त होंगे। जबकि हमारी जानकारी के अनुसार 17.5.2020 को नगरसेवकों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। नगरविकास मंत्रालय की तरफ से शायद कुछ गलती यहां पर हो रही है। चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र शासन को पत्र देकर दोनों नपा में प्रशासक नियुक्त करने को कहा था उस पर अमल करते हुए प्रशासक को नियुक्त किया गया है। आदेश में भी कहा गया है कि नगराध्यक्ष, उपनगराध्यक्ष, सभी विषय समिति के सभापति को लेकर एक समिति बनाए जा और इस कोरोना संकट से निपटने के लिए उनसे राय मशवरा लेकर सोशल डिस्टेंस का ख्याल रखते हुए बैठकें ली जाए। प्रशासक की नियुक्ति के बाद उपनगराध्यक्ष अब्दुल शेख ने कहा है कि आपकी खबर सच साबित हुई है। हम लोग और सभी ये सोच रहे थे कि नपा सदस्यों का कार्यकाल 6 महिने बढ़ाया जाएगा क्योंकि कोरोना का कहर बढ़ सकता है। 6 महिने तक चुनाव नहीं हो सकते। सभी नगरसेवक लोगों की सेवा में थे और कार्य करते रहेंगे ऐसा उन्होंने कहा है।

     उल्हासनगर। उल्हासनगर महानगरपालिका क्षेत्र में कोरोना संक्रमितों की संख्या चार नए मरीज मिलने के कारण 7 हो गई है यह पुलिस-प्रशासन के साथ-साथ शहरवासियों के लिए भी गंभीर स्थिती है क्योंकि अगर यह धारावी की तरह पैर पसारने लगा तो कोरोना कभी भी विकराल रूप ले सकती है। इसी विषय में महानगरपालिका आयुक्त सुधाकर देशमुख ने शहरवासियों के लिए संदेश जारी किया है।

    उल्हासनगर महानगरपालिका क्षेत्र में 2011 को किए गए जनगणना के मुताबिक शहर की आबादी 5 लाख 6 हजार है। यह शहर 13 किलोमीटर में फैला हुआ है यानि करीब प्रत्येक कि.मी. में 50 हजार लोग रह रहे हैं झुग्गियों में 20 हजार लोग प्रति कि.मी.में रह रहे हैं जोकि बहुत अधिक है। उल्हासनगर शहर मुंबई के उपनगरों के शहरों में आता है और मंगलवार तक शहर में कोरोना की स्थित काबू में थी लेकिन चार नए मरीज भीड़ वाले झुग्गी क्षेत्र में मिलने के बाद अब स्थित गंभीर हो गई है।
   
19 मार्च को मिला था पहला मामला
    मनपा आयुक्त के मुताबिक उल्हासनगर शहर में कोरोना का पहला मामला 19 मार्च 2020 को तब मिला जब दुबई से लौटी एक महिला कोरोना पाॅजिटीव पायी गई लेकिन तेजी से मिले उपचार के चलते उसे अगले ही सप्ताह 26 मार्च को नेगेटिव रिपोर्ट के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। 25 अप्रैल 2020 तक शहर में कोई भी कोरोना का मरीज नहीं मिला था। 25 अप्रैल को उल्हासनगर निवासी एक आरोग्य कर्मचारी जोकि मुंबई के धारावी ईलाके में एक क्लिनिक में कार्यरित था वो पाॅजिटीव पाया गया लेकिन उसका परिवार कोरोना नेगेटिव निकला। इसी तरह उल्हासनगर निवासी एक नर्स जोकि मुंबई के भाभा अस्पताल में कार्यरित है वो पाॅजिटीव पायी गई लेकिन उनके परिजन नेगेटिव पाए गए। एक वृध्द महिला को संदेह के आधार पर कोविड अस्पताल में भर्ती किया गया लेकिन उसकी रिपोर्ट नेगेटिव पायी गई। 
    25 अप्रैल से मनपा को कई शिकायतें मिली कि कई लोग मुंबई से निकलकर सुरक्षित शहरों में पनाह के लिए घूस रहे हैं उनमें से कुछ लोगों को पकड़कर क्वारनटाईन किया गया है। लेकिन इस परिस्थित में सब पर नजर रखना पुलिस व प्रशासन के लिए भी कठिन है। ऐसे में पुलिस कर्मी भी संक्रमित हो रहे हैं। 20 मार्च से सरकारी तंत्र भी कार्य कर रहा है। कोरोना के लक्षण 14 दिनों अथवा कम से कम 7 दिनों में पता चलते हैं ऐसे में मुंबई अथवा अन्य इलाके से आए संक्रमित मरीज शहर में भी पाए जा सकते हैं जिस कारण शहर में कोरोना के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ सकती है जैसे 26 अप्रैल 2020 को मुंबई के येलो गेट पुलिस थाने में कार्यरित उल्हासनगर निवासी पुलिस कर्मी को कोरोना पाॅजिटीव पाया गया। दो दिनों बाद 28 अप्रैल को क्वारनटाईन में रखे गए पुलिस कर्मी की पत्नी व तीन बच्चों को भी कोरोना पाॅजिटीव पाया गया हैं।
     28 अप्रैल उल्हासनगर शहर के लिए एक काला दिवस है। क्योंकि चार नए कोरोना मरीज जो मिले हैं वो ऐसे परिसर में रहते हैं जो पूरी तरह झुग्गी में फैला हुआ है। यह बहुत ही कठिन है कि प्रत्येक घर में जाकर कोरोना टेस्ट कराया जाए यह क्षेत्र हाय रिस्क का हो गया है। इसलिए इस क्षेत्र के लोगों से अपील है कि अपनी जिम्मेदारी को समझे और अगर कोरोना के लक्षण अथवा किसी भी तरह की आरोग्य पीड़ा हो तो अपना कोरोना जांच कोविड अस्पताल में कराएं। यह कराने से अपनों के साथ दूसरों को भी जीवन दे सकता है।
    नियमों का पालन करें और सुरक्षित रहें
    मनपा आयुक्त देशमुख शहरवासियों से कई बार अपील कर चुके हैं कि अपने शहर अथवा घरों से बाहर न जाए और अपने रिश्तेदारों को भी अपने घरों में न बुलाए यह खतरनाक हो सकता है। सामाजिक दूरी का पालन भी नहीं किया जा रहा है जिस कारण हमें सख्त कदम उठाने पड़ रहे हैं और अगर फिर भी लोग नहीं समझे तो कोरोना का विकराल रूप शहरवासियों को देखना पड़ेगा। अगर हम नियमों का पालन करेंगे तो कोरोना पर जरूर जीत पाएंगे।
   अगर शहरवासी लाॅकडाऊन का पालन नहीं करेंगे तो कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ती जाएगी और शहर रेड झोन से आरेंज अथवा ग्रीन झोन में नहीं आ सकेगा जिस कारण शहर को कब तक बंद रखा जाएगा फिर यह कहना मुश्किल हो जाएगा। कोरोना मरीज मिलने के बाद भी शहर के कई परिसरों में भीड़ देखी जा रही है। अपने शहर को कोरोना मुक्त करने के लिए शहरवासियों को ही सुरक्षित रहना है।

उल्हासनगर-4 में कोरोना पाॅजिटीव पाए गए 
पुलिस कर्मी के परिवार के चार सदस्य भी हुए संक्रमित
उल्हासनगर। दो दिनों पूर्व ही उल्हासनगर-4 संभाजी चौक परिसर में एक 44 वर्षीय पुलिसकर्मी के कोरोना पाॅजिटीव पाए जाने की खबर से हड़कंप मचा गया था आज रात को उनके परिवार के चार सदस्यों के भी कोरोना पाॅजिटीव की पुष्टि मनपा आयुक्त सुधाकर देशमुख ने कर ली है। यह खबर शहर के लिए चिंता का विषय बताई जा रही है। मनपा ने आव्हान किया है कि अगर उपरोक्त परिवार के संपर्क में जो कोई भी आया हो वो अस्पताल आकर क्वारनटाईन हो जाएं अन्यथा शहर को बड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है। इसी खबर के साथ उल्हासनगर शहर में अब कोरोना से संक्रमितों की संख्या 7 हो गई है। जिसमें से एक उल्हासनगर-5 निवासी व्यक्ति का ईलाज मुंबई में चल रहा है, कल्याण निवासी संक्रमित और संभाजी चौक निवासी पुलिस कर्मी का ईलाज उल्हासनगर में चल रहा है अब चार नए मरीजों को भी कोविड अस्पताल में ही ईलाज के लिए रखा गया है। उल्हासनगर में अचानक कोरोना के बढ़ते मरीज चिंता का विषय बन गए हैं क्योंकि कैम्प 4 संभाजी चौक परिसर भीड़ वाला क्षेत्र बताया गया है।

आरोग्य मंत्री राजेश टोपे से की जांच की मांग

    उल्हासनगर। कर्जत से कसारा तक के परिसर से उल्हासनगर के सरकारी मध्यवर्ती अस्पताल में हजारों लोग ईलाज कराने के लिए आते हैं। लेकिन कोरोना संक्रमण के इस कठिन समय में सेंट्रल अस्पताल में इन दिनों ईलाज न मिलने से मासूमों की जान जा रही है। गरीबों को ईलाज नहीं मिल पा रहा है। कुछ दिनों पूर्व वरिष्ठ पत्रकार रामेश्वर गवई की सुपुत्री कु.प्रणाली गवई को अस्पताल की लापरवाही से समय पर ईलाज न मिलने के कारण 20 अप्रैल को युवती का निधन हो गया वहीं एक गर्भवती महिला को दो बार अस्पताल से लौटाया गया और कलवा जाने के लिए कहा गया वहां पर भी ईलाज न मिलने के कारण भिवंडी बायपास पर एम्बूलैंस में ही उसकी प्रसूति हो गई उसने एक स्वस्थ बालक को जन्म दिया। इस तरह एक आदिवासी बच्चे की हड्डी टूटने पर उसे ईलाज समय पर नहीं मिल पा रहा था इस तरह की कई शिकायतें सेंट्रल अस्पताल के बारे में कोरोना के दौरान आ रही है। मध्यवर्ती अस्पताल की इस लापरवाही की शिकायत टीओके प्रमुख ओमी कालानी को जैसे ही मिली उन्होंने अपना शिष्टमंडल मंगलवार को सेंट्रल अस्पताल भेजा जहां टीओके नेताओं ने उपरोक्त मामलों में लापरवाही भरतने के चलते अधिक्षक डाॅ. सुधाकर शिंदे से मुलाकात की और स्पष्टीकरण मांगा। इस मामले में आरोग्य मंत्री से जांच की मांग भी की गई है। ओमी कालानी को आरोग्य मंत्री राजेश टोपे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का आश्वासन दिया है। इस शिष्टमंडल में टीओके प्रवक्ता कमलेश निकम, पंकज तिलोकानी, शिवाजी रगडे आदि टीओके के पदाधिकारी शामिल थे।

महाराष्ट्र दिवस पर रक्तदान शिविर का आयोजन
पिछले 35 दिनों से शहर में 2 हजार भोजन के पार्सल पहुंचाए जा रहे हैं


    उल्हासनगर। कोरोना महामारी के चलते राष्ट्रवादी कांग्रेस पक्ष के राष्ट्रवादी वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा प्रदेश में आरोग्य सेवाएं देने वाले डाॅक्टरों को फेस शिल्ड दिए जा रहे हैं। कोरोना की इस महामारी के दौरान डाॅक्टरों का अहम रोल होता है लेकिन कई डाॅक्टर ही कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं जिस कारण डाॅक्टरों को मरीजों की जांच के दौरान फेस शिल्ड की काफी आवश्यकता रहती है जिसे राकांपा प्रदेश ने मुहैया करके डाॅक्टरों में बांटा जा रहा है। ऐसे में उल्हासनगर राकांपा द्वारा भी स्थानीय डाॅक्टरों में सैकड़ों फेस शिल्ड राकांपा जिलाध्यक्ष सोनिया धामी व भारत राजवानी(गंगोत्री) के नेतृत्व में दिए जा रहे हैं। 
    वहीं लाॅकडाऊन के इन 35 दिनों से शहर में जरूरतमंदों को उल्हासनगर राकांपा द्वारा 2000 भोजन के पार्सल सामाजिक दूरी का ख्याल रखते हुए बनाए और पहुंचाए जा रहे हैं। यह जानकारी हमें राकांपा नेता भारत राजवानी(गंगोत्री) ने दी है। उन्होंने कहा कि हमारे वरिष्ठों के मार्गदर्शन में यह कार्य लाॅकडाऊन के पहले दिन से ही चलाया जा रहा है राकांपा कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों का इसमें हमें भरपूर सहयोग मिल रहा है। 
    राकांपा प्रदेशाध्यक्ष श्री जयंत पाटील के आदेशानुसार महाराष्ट्र दिवस पर रक्तदान शिविर का आयोजन सुबह 10 से शाम 6 बजे तक राकांपा मुख्यालय, भाटिया चौक, गंगोत्री हाईट्स, उल्हासनगर-5 में किया गया है।  जिलाध्यक्ष सोनिया धामी ने लोगों को सामाजिक दूरी के तहत रक्तदान शिविर में भाग लेने की अपील की गई है। ज्ञात हो कि पैनल 17 संभाजी चौक परिसर में कोरोना पाॅजिटीव व्यक्ति मिलने के बाद स्थानीय नगरसेवक भारत राजवानी(गंगोत्री) ने स्थानीय लोगों से संयम भरतने की अपील की है और लोगों को कोई परेशानी न हो इसके लिए पुलिस व प्रशासन से आग्रह किया है कि लोगों को सहयोग दें।

17 मई को नगरसेवकों का कार्यकाल हो रहा समाप्त
मुख्याधिकारी द्वारा की गई गलतियों के कारण हो सकता है तबादला?

अंबरनाथ। युसूफ शेख

कोरोना संक्रमण के कारण अप्रैल में होने वाले अंबरनाथ नगरपरिषद के चुनाव नहीं हो पाए हैं। अंबरनाथ नपा में 57 नगरसेवक हैं। जिनका कार्यकाल 17 मई को समाप्त हो रहा है। नगराध्यक्ष का कार्यकाल भी 17 मई को समाप्त हो रहा है। क्या नगरसेवकों का कार्यकाल राज्य सरकार बढ़ाएगा ऐसी चर्चा शहर में हो रही है। वहीं शहर में इस तरह की अफवाह ने भी जोर पकड़ा है कि लाॅकडाऊन के दौरान मुख्याधिकारी द्वारा की गई गलतियों के कारण उनका तबादला किया जा सकता है।
नगरपालिका के कार्यकाल पर नगरविकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने अभी तक कोई खुलासा नहीं किया है। पालिका के विद्यमान सदस्यों को मुद्दत बढ़ाकर भी दी जा सकती है नहीं तो प्रशासक के हवाले भी किया जा सकता है। लाॅकडाऊन में स्वतः मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी मुश्किल में आ गए हैं। कोरोना का कहर तेजी से बढ़ रहा है इसलिए अब 6 महिने तक चुनाव होना मुश्किल है। अंबरनाथ नगरपरिषद पर प्रशासक बिठाए जाने के संकेत मिल रहे हैं। महानगरपालिकाओं और नगरपरिषद जिनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है वहां पर प्रशासक बिठाए जाने की सिफारिश चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से की है। अगर राज्य शासन ने ये सिफारिश मंजूर की तो अंबरनाथ नगरपरिषद पर प्रशासक का राज हो सकता है। केवल 20 दिन ही रह गए हैं। देखना है राज्य सरकार क्या निर्णय लेती है। कोरोना के कहर में सभी नगरसेवक अपने-अपने परिसर में जनता की भलाई के कामों जैसे उन्हें भोजन देना, अनाज पहुंचाना परिसर को सेनिटाईज करने में व्यस्त हैं। ऐसे कठिन परिस्थिति में क्या खबर आती है उस पर सबकी नजर लगी हुई है। साथ ही मुख्याधिकारी तबादले की अफवाह भी क्या सच साबित होती है यह भी देखने वाली बात होगी क्योंकि उनके गलतियों के चर्चे शहर में जोरों पर चल रहे हैं।

कल्याण। कल्याण डोम्बिवली मनपा अंतर्गत कोरोना बाधित व कोरोना संक्रमित क्षेत्रों में प्रवास कर आए लोगो को अब 14 दिन के बजाय 28 दिन के लिए होम कोरंटाइन किया जाएगा ऐसा आदेश आरोग्य विभाग की तरफ से दिया गया है अधिकारी ने बताया कि यह सब कोरोना संक्रमितों की लगातार बढ़ रही संख्या को देखते हुए किया जा रहा है इसी क्रम में मंगलवार को 6 और नए मरीज पाये गए है।
कल्याण डोम्बिवली महानगरपालिका में मंगलवार को 6 लोग कोरोना पॉजिटिव पाये गए जिनमे डोम्बिवली पूर्व में 2 पुरुष, कल्याण पूर्व में 1 पुरुष,  नांदिवली में 1 पुरूष, कल्याण पश्चिम में 1 पुरुष तो वही मोहना में 12 साल का एक नाबालिक कोरोना संक्रमित पाया गया है इसके साथ ही कल्याण में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 143 हो गयी है कुल 45 लोग स्वस्थ हो चुके है और 95 लोगो का उपचार अभी जारी है । 
अब तक कल्याण पूर्व में 29, कल्याण पश्चिम में 17, डोंबिवली पूर्व में 50, डोंबिवली पश्चिम में 35, मांडा टिटवाळा में 5, मोहने में 6 तथा नांदिवली में 1 मरीज कोरोना से संक्रमित पाये जा चुके है वही दूसरी तरफ 14 दिनों के लिए होम कोरंटाइन मरीजो में एक नया मामला सामने आया है मनपा को कुछ ऐसे भी मरीज मिले है जिनमे 14 दिनों के बाद कोरोना का लक्षण पाये गए है इस विषय को गंभीरता से लेते हुए मनपा आरोग्य विभाग ने अब होम कोरंटाइन की अवधि बढ़ाकर 28 दिनों की कर दी है इस संदर्भ में आरोग्य अधिकारी लवंगारे का कहना है कि जो मरीज संक्रमितों के संपर्क में रहे होंगे, जिनका बाहर का प्रवास हिस्ट्री होगा ऐसे सभी को अब 28 दिनों के लिए कोरंटाइन किया जाएगा ताकि इस बीमारी को जल्द से जल्द समाप्त किया जा सके ।

उल्हासनगर। कोरोना वायरस के कारण करीब 40 दिनों से देशभर में लॉकडाऊन है ऐसे में उल्हासनगर शहर में बाहरी राज्यों से काम करने आए मजदूर फंसे हुए हैं। कोई काम न होने के कारण मजदूर भूखमरी के शिकार हो रहे हैं। उल्हासनगर-5 में एशिया का दूसरा सबसे बड़ा जीन्स का कारोबार होता है जिसमें हजारों की संख्या में कामगार काम कर रहे हैं। यहां पहले से ही कारोबार ठप्प होने के कारण कई मजदूर अपने गांव चले गए लेकिन आज भी हजारों मजदूर लॉकडाऊन के कारण फंसे हुए हैं और भूखमरी झेल रहे हैं ऐसे में उल्हासनगर गारमेंट्स मैन्युफेक्चर्स एसोसिएशन द्वारा यहां के करीब 8 हजार मजदूर व प्रवासियों के लिए भोजन की व्यवस्था रोजाना की जा रही है। जोकि उनके लिए बड़ी राहत है।
उल्हासनगर गारमेंट्स मैन्युफेक्चर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपी वाधवानी, किशन गंगवानी व उनकी टीम के नेतृत्व में उनके ही प्रांगण में रोजाना 8 हजार से अधिक लोगों का भोजन बनाया जाता है और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए उन मजदूरों को पहुंचाया भी जा रहा है। इस मानव सेवा से शहर के व्यापारी संघटनाओं को सीख लेनी चाहिए। शहर में करीब तीन प्रमुख बड़ी व्यापारी संघटनाएं हैं लेकिन कोई भी बड़ी संघटना द्वारा इस तरह का मानव सेवा कार्य नहीं कर रही है। अगर कोई कर रहा है तो निजी तौर पर अथवा सामाजिक संस्था द्वारा कर रहा है। उल्हासनगर गारमेंट्स मैन्युफेक्चर्स एसोसिएशन के प्रमुख गोपी वाधवानी ने बताया कि जब तक लॉकडाऊन जारी रहेगा हमारी सेवाएं भी जारी रहेंगी। उल्हासनगर में उपरोक्त संस्था ने हजारों लोगों के भोजन की व्यवस्था कर मिसाल कायम की है। 

महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए उद्धव ठाकरे की उम्मीदें राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर जा टिकी हैं और यही वजह है कि राज्यपाल कोटे से एमएलसी बनाने के लिए कैबिनेट लगातार गुहार लगा रहा है। महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर दबाव बनाते हुए उद्धव कैबिनेट ने सोमवार को एक बार फिर उनसे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) मनोनीत करने को कहा। कोरोना वायरस महामारी के कारण सभी चुनाव टाले जाने की वजह से उद्धव ठाकरे चुनाव लड़कर विधायक नहीं बन पाए हैं। दरअसल, उद्धव ठाकरे ने पिछले साल 28 नवंबर को मुख्यमंत्री पद संभाला था और उन्हें पद पर बने रहने के लिए अब एक महीने के भीतर ही विधानमंडल का सदस्य बनना होगा, क्योंकि उसके बाद 6 महीने की समय सीमा समाप्त हो जाएगी। अब तक वह राज्य विधानसभा अथवा परिषद के सदस्य नहीं हैं। 
अजित पवार की अध्यक्षता में प्रस्ताव पास
सोमवार को उप मुख्यमंत्री अजित पवार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला लिया गया कि कोश्यारी से परिषद में राज्यपाल की ओर से मनोनीत किए जाने वाले दो सदस्यों में से एक सदस्य के तौर पर ठाकरे को मनोनीत किए जाने की सिफारिश की जाए। इससे पहले भी इस महीने की शुरुआत में नौ अप्रैल को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्यपाल से ऐसा ही निवेदन किया गया था।
उद्धव ठाकरे को विधान परिषद में मनोनीत करने को लेकर अब तक कोश्यारी ने मंजूरी नहीं दी है। ऐसे में शिवसेना सांसद संजय राउत ने देरी को लेकर पार्टी के मुखपत्र सामना में लिखे लेख में रविवार को भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व पर निशाना साधा था।
28 मई तक सदस्य बनना जरूरी
ठाकरे ने 28 नवंबर 2019 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और अभी वह विधानमंडल के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। संविधान के तहत उन्हें 28 मई 2020 तक किसी सदन का सदस्य बनना जरूरी है। कोरोना वायरस महामारी के कारण हालांकि सभी चुनाव स्थगित हैं ऐसे में राज्य मंत्रिमंडल ने 9 अप्रैल को उन्हें राज्यपाल कोटे से विधान परिषद में नामित किए जाने की सिफारिश की थी। 
दोबारा प्रस्ताव की जरूरत क्यों
बीती नौ अप्रैल को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्ताव पारित कर राज्यपाल के पास भेजा गया था कि उद्धव ठाकरे को विधान परिषद मनोनीत किया जाए। लेकिन राज्यपाल ने अब तक कोई निर्णय नहीं लिया। इस बीच मामला बांबे हाईकोर्ट में भी गया जहां दलील दी गई थी कि मंत्रिमंडल की बैठक मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होती है। जबकि नौ अप्रैल की बैठक उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की अध्यक्षता में हुई थी।
बिना सदन के सदस्य बने आठवें सीएम हैं उद्धव
उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के आठवें ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जो बिना किसी सदन के सदस्य हुए मुख्यमंत्री बने हैं। इनसे पहले कांग्रेस नेता ए आर अंतुल्य, वसंतदादा पाटिल, शिवाजी राव निलंगेकर पाटिल, शंकर राव चाव्हान, सुशील कुमार शिंदे और पृथ्वीराज चौहान और एनसीपी चीफ शरद पवार भी बिना सदन के सदस्य हुए सीएम बन चुके हैं। 
क्या कहता है नियम:    
नियम के मुताबिक, विधायक दल का नेता किसी भी व्यक्ति को चुना जा सकता है भले ही वह विधानसभा या विधानपरिषद का सदस्य हो अथवा नहीं। लेकिन छह महीने के भीतर विधानसभा या विधानपरिषद (जिन राज्यों में है) का सदस्य होना अनिवार्य होता है। उद्धव ठाकरे के लिए समयसीमा अगले महीने खत्म हो रही है। उन्होंने 28 नवंबर 2019 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

उल्हासनगर शहर में कोरोना के तीन एक्टिव मरीज

अंबरनाथ। युसूफ शेख 


अंबरनाथ पश्चिम नवरे पार्क निवासी एवं मुंबई के एक अस्पताल में प्रचारीका(नर्स) का कार्य करने वाली एक महिला का स्वेब टेस्ट कोरोना पॉजिटीव आया है। उसके परिवार के सदस्यों को क्वारनटाईन करके उनका भी स्वेब टेस्टींग के लिया भेजा जाएगा। ऐसी जानकारी हमें मुख्याधिकारी देवीदास पवार ने दी है। ये पूछे जाने पर की क्या इस प्रचारिका नर्स के केस को अंबरनाथ में गिना जाएगा इसका खुलासा करते हुए उन्होंने हमें बताया कि नर्स अंबरनाथ के नवरे पार्क में रहती है लेकिन गत एक महिने से वह शहर में आयी ही नहीं वह भाभा अस्पताल में कार्य करती है और वहीं मुंबई में रहती है। संक्रमित नर्स को उपचार हेतु मुंबई के कस्तुरबा अस्पताल में रखा गया है। अंबरनाथ में केवल एक ही कोरोना का रोगी है जोकि न्यू कॉलोनी के एक इमारत में पाया गया है। उसका उपचार ठाणे के सीविल अस्पताल में चल रहा है। इस रोगी की पत्नी और तीन बच्चों के कोरोना जांच की रिपोर्ट एक दो दिन में आने की संभावना है। ऐसा मुख्याधकिारी ने बतायी है। इस दरम्यान अंबरनाथ के कुछ पत्रकारों को भी कोरोना स्वेब टेस्टींग की गई है। सांसद श्रीकांत शिंदे ने एक लैब की सहायता से ये जांच कराई है। अंबरनाथ में 6 कोरोना के मरीज अब तक मिले हैं जिसमें से एक की मौत हो गई, तीन ठीक हुए हैं दो का उपचार चल रहा है।
बदलापुर में 16 कोरोना मरीज
बदलापुर में सोमवार को और तीन नए कोरोना पॉजिटीव रोगी पाए जाने के बाद यहां पर कुल 16 कोरोना संक्रमितों का उपचार चल रहा है। बदलापुर में कुल 20 रोगी थे। जिसमें से एक की मौत हो गई है शेष तीन ठीक होकर घर लौट गए हैं। दो मरीजों का ईलाज उल्हासनगर के कोविड अस्पताल में चल रहा है।
उल्हासनगर में लॉकडाऊन का उल्लंघन जारी
उल्हासनगर शहर में सोमवार को कैम्प 4 संभाजी चौक पांच दुकान परिसर में एक 44 वर्षीय पुलिसकर्मी के कोरोना संक्रमित पाए जाने से शहर में डर का माहौल है। उसे उपचार हेतु कोविड अस्पताल में रखा गया है जहां कल्याण निवासी एक 45 वर्षीय व्यक्ति का ईलाज 22 अप्रैल से चल रहा है। तीसरे मरीज का ईलाज मुंबई के अस्पताल में चल रहा है जोकि कैम्प 5 का निवासी बताया गया है। एक नेगेटिव पायी गई कैम्प 2 नेहरू चौक निवासी एक 67 वर्षीय महिला का ईलाज अभी भी कैम्प 4 के शासकीय कोविड अस्पताल में चल रहा है। शुरुवाती दिनों में कोरोना पॉजिटीव एक 47 वर्षीय महिला ठीक हो चुकी है। उल्हासनगर में अब तक तीन एक्टिव मरीजों की पुष्टि मनपा आयुक्त सुधाकर देशमुख ने कर ली है। लोगों द्वारा नियमों को उल्लंघन करने के कारण 28 से 30 अप्रैल तक सब्जी मंडी बंद रखने का आदेश मनपा आयुक्त ने दिया है। वहीं किराना, दूध, मेडिकल व बैंक चालू रखे गए हैं। उल्हासनगर-3 पैनल 8 में शास्त्रीनगर राधाकृष्ण मंदिर के पास सुबह व रात में लोगों की बिना कारण भीड़ देखने को मिल रही है। साथ ही कैम्प 4 भाटिया चौक के पास स्टेट बैंक के पीछे कृष्णा मंदिर परिसर में लोग लॉकडाऊन का उल्लंघन भी कर रहे हैं और मंदिर के भीतर भी देखने को मिल रहे हैं। कई बार इसकी शिकायत पुलिस व मनपा अधिकारियों से भी की गई लेकिन कोई हल नहीं निकला। ड्रोन कैमरे द्वारा कुछ ही परिसरों पर नजर रखी जा रही है जबकि ड्रोन की आवश्यकता शहर के हर वार्ड में है।

मुंबई। कुर्ला ट्रैफिक डिविजन में तैनात 57 वर्षीय हेड कांस्टेबल शिवाजी नारायण सोनवाने की कोरोना के कारण मौत हो गई। उन्हें मुंबई के एक नहीं, चार-चार अस्पतालों ने एडमिट करने से इनकार कर दिया था। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद अंत में परेल स्थित किंग एडवर्ड्स मेमोरियल में इलाज के आईसीयू में उन्हें एडिमट किया गया था।
बीते 48 घंटों में मुंबई पुलिस में यह कोरोना से तीसरी मौत है। आपको यह भी बता दें कि अभी तक 50 से अधिक पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने एचटी से बात करते हुए कहा कि हेड कंस्टेबल का कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। उन्हें केईएम अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। उन्हें पहले से ब्लड प्रेशर की शिकायत भी थी।
मृतक हेड कांस्टेबल शिवाजी नारायण सोनवाने के बेटे ने बताया कि 21 अप्रैल को चार अस्पतालों ने कोरोना वायरस के लक्षण होने के बावजूद उन्हें भर्ती करने से इनकार कर दिया। वह राजावाड़ी हॉस्पिटल गया, जहां पहुंचने पर उन्हें बुखार था। डॉक्टरों ने देखने के बाद होम क्वारंटाइन में रखने के लिए कहा। जब डॉक्टर से भर्ती करने के लिए कहा तो उन्होंने बेड नहीं होने और और कस्तूरबा हॉस्पिटल ले जाने की बात कही। 
इसके बाद शिवाजी नारायण सोनवाने का बेटा उन्हें लेकर कस्तूरबा अस्पताल पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें ऑक्सीजन दी। इसके बाद वहां डॉक्टरों ने नैयर अस्पताल ले जाने के लिए कहा। साथ ही कांस्टेबल के बेटे ने यह भी बताया कि अस्पताल ने जांच के लिए स्वैब तक नहीं लिया। उसने रहा कि नैयर अस्पताल में भी प्रबंधन ने कहा कि बेड नहीं है और इस कारण से इलाज नहीं किया। इसके बाद नैयर अस्पताल के कहने पर कांस्टेबल को लेकर उनका बेटा केईएम अस्पताल पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने पहले एडमिट करने से इनकार कर दिया। तंग आकर उसने पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद हेड कांस्टेबल को आईसीयू में रात के 11 बजे के करीब एडमिट किय गया।
बेटे ने आरोप लगाया कि मेरे पिता ने 28 साल पुलिस में नौकरी की है। उनके साथ जो भी गलत हुआ है इसके जिम्मेदार डॉक्टर हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच में तैनात हेड कांस्टेबल के भाई ने कहा कि परिवार में उनकी पत्नी के अलावा दो बच्चे हैं, जो कि कुरला के कामानी स्लम में रहते हैं। बड़ा बेटा सीसीटीवी ऑपरेटर का काम करता है। बीएमसी के डिप्टी हेल्थ ऑफिसर डॉ. दीक्षा शाह ने कहा कि शुक्रवार को बताया गया है कि उनकी हालत स्थिर है। परिजनों की शिकायत का हॉस्पिटल के डीन जवाब देंगे।

मुंबई। किशेारी पेडनेकर ने महानगर में कोविड-19 रोगियों की सेवा के लिए अपना पुराना यूनिफॉर्म फिर से पहन लिया है। वह पहले नर्स रह चुकी हैं।शिवसेना पार्टी के एक नेता ने कहा कि वह देर रात की पाली में अपनी सेवाएं देंगी। शिवसेना की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट किया, ''यह हमारे मुंबई की सम्मानित महापौर हैं किशोरी पेडनेकर जी। वह रोज सुबह आठ बजे से देर रात दो बजे तक काम करती हैं और अब महानगर की सेवा के लिए उन्होंने नर्स का यूनिफॉर्म भी पहन लिया है। वह नैयर अस्पताल में सेवा देंगी।"
उन्होंने कहा, ''जो लोग उनके बारे में अपमानजनक ढंग से ट्वीट करते रहे हैं उन्हें सबक लेना चाहिए। खुद से पहले काम।" महापौर ने ट्वीट किया, ''मुंबई के लिए कुछ भी। हम घर से काम नहीं कर सकते, हम आपके लिए क्षेत्र में हैं, घर पर रहिए, ख्याल रखिए... मैं नैयर अस्पताल में हूं।
नासिक में कोविड-19 के सात नए मामलों की पुष्टि, आंकड़ा 149 पहुंचा
वहीं, महाराष्ट्र के नासिक जिले में रविवार (26 अप्रैल) रात से सोमवार (27 अप्रैल) दोपहर के बीच कोविड-19 के सात नए मामलों की पुष्टि हुई जिससे जिले में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 149 पहुंच गई। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि रविवार को संक्रमित पाए गए कुल छह में पांच कोविड-19 से संक्रमित मरीज के करीबी थे। छठवां व्यक्ति जिला सिविल अस्पताल में प्रशिक्षु चिकित्सक है। सोमवार को हमें 440 नमूनों की जांच रिपोर्ट मिली जिनमें सिर्फ एक व्यक्ति में संक्रमण की पुष्टि हुई है। जिले में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 149 पहुंच गई है जिनमें 127 मरीज मालेगांव, 11 नासिक शहर और 11 तालुकाओं से हैं।
अमरावती में कोरोना वायरस का आंकड़ा 23 पहुंचा
दूसरी ओर, महाराष्ट्र में अमरावती के 72 साल के मृत व्यक्ति के स्वाब नमूने के जांच रिपोर्ट में सोमवार (27 अप्रैल) को कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई। इस व्यक्ति की 24 अप्रैल को मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार को 20-30 साल के दो युवकों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है जिसके बाद जिले में संक्रमित लोगों की तादाद 23 हो गई है। कलक्टर शैलेश नवल ने कहा कि जिले में कोरोना वायरस के 12 सक्रिय मामले हैं। अब तक इस संक्रमण से सात लोगों की मौत हो चुकी है और चार इलाज के बाद ठीक होकर घर जा चुके हैं।

मुंबई से ही आ रहा है संक्रमण

अंबरनाथ। युसूफ शेख
    अंबरनाथ नगरपरिषद क्षेत्र में पांच में से तीन कोरोना संक्रमित रोगी मुंबई से ये संक्रमण लेकर अंबरनाथ आए हैं। जिनमें से एक की मौत हो गई है। उल्हासनगर व बदलापुर में भी ऐसा ही हुआ है। अंबरनाथ से मुंबई, ठाणे और शहरों में शासकीय नौकरी व अन्य कामों के लिए 2 हजार कर्मचारी आते-जाते हैं। शहर में आने के बाद उनकी आरोग्य जांच की जाए ऐसी सूचना सोमवार को कोरोना संदर्भ में विधायक डाॅ. बालाजी किणीकर द्वारा आयोजित एक बैठक में उन्होंने मुख्याधिकारी देवीदास पवार को दी। विधायक ने सह.पु.आयुक्त विनायक नरले, तहसीलदार जयराज देशमुख, मुख्याधिकारी एवं शिधावाटप अधिकारी पंडित राठोड के साथ एक बैठक का आयोजन किया जिसमें सुनील चौधरी भी उपस्थित थे। लाॅकडाऊन में कोई भी भूखा ना रहे सभी को भोजन एवं अनाज सही तरीके से मिले। राशनिंग दुकानों में सभी को राशन मिले। इस पर गहराई से चर्चा की गई। शहर में कम्युनिटी किचन बनाए गए हैं। वहां पर कोई कमी न हो, बेघर, स्थालंतरीत मजदूरों को भोजन मिले इस पर भी चर्चा की गई। शहर में सेवाभावि संस्था भी गरीबों में भोजन बांट रहे हैं। उन्हें भी सरकारी मदत करने के लिए तहसीलदार से कहा गया। शहर की सीमा को बंद करके सीमा पर चेक पोस्ट बनाकर आने जाने वालों पर नजर रखने की सूचना दी गई।
   अंबरनाथ में मोबाईल फीवर क्लिनिक शुरू किया गया है जो सभी वार्डों में जाकर लोगों की जांच करेगी। अंबरनाथ नपा और आमा के सौजन्य से यह जावसाई गांव से शुरू किया गया है। 

  • उल्हासनगर के कोविड अस्पताल में 5 मरीजों का ईलाज जारी
  • दो मरीज बदलापुर के शामिल
  • 28 से 30 अप्रैल तक सब्जी मंडी पूर्ण रूप से बंद


   उल्हासनगर। उल्हासनगर शहर में एक और कोरोना का मरीज मिलने से जहां हड़कंप मच गया है वहीं उल्हासनगर महानगरपालिका के आयुक्त सुधाकर देशमुख की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर डाले गए बयान में यहा है कि कैम्प 4 में भीड़ वाले ईलाके से एक कोरोना का मरीज मिला है। मनपा के आरोग्य अधिकारी डाॅ. राजा रिजवानी ने उल्हास विकास को बताया है कि कैम्प 4 संभाजी चौक परिसर में एक 44 वर्षीय व्यक्ति कोरोना पाॅजिटीव पाया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उपरोक्त व्यक्ति पुलिस कर्मी है और डोंबिवली के पुलिस स्टेशन में कार्यरित है। पिछले करीब कुछ दिनों से उसका ईलाज कोविड अस्पताल में चल रहा था। सोमवार सुबह को उसकी रिपोर्ट पाॅजिटीव आयी है। डाॅ. रिजवानी ने बताया कि उल्हासनगर के कोविड अस्पताल में बदलापुर के भी दो मरीजों का ईलाज चल रहा है। उल्हासनगर के दो मरीज और एक नेहरू चौक परिसर की नेगेटिव पायी गई महिला को मिलाकर कुल 5 मरीजों का ईलाज कोविड अस्पताल में चल रहा है। वहीं मनपा आयुक्त ने सोमवार दोपहर 1 बजे यह आदेश निकाला है कि 28 से 30 अप्रैल तक सब्जी मंडी व फलों की विक्री को पूर्ण रूप से बंद रहेगी। किराणा, मेडिकल व दूध की दुकानें खुली रहेंगी।
    वहीं मनपा आयुक्त सुधाकर देशमुख ने सोशल मीडिया पर दिए गए संदेश में कहा है कि उल्हासनगर -4 में एक भीड़ वाले इलाके जीजामाता कॉलोनी, संभाजी चौक से संक्रमित मरीज पाया गया है। उल्हासनगर में पाया गया कोरोना पॉजिटिव मरीज आज शहर के लिए बहुत चिंता का विषय है। पुलिस द्वारा दंडित किए जाने के बावजूद अनुशासन तोड़ने वालों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। जीजामाता कॉलोनी के पास का एक बड़ा हिस्सा झुग्गी या भीड़-भाड़ वाली झोपड़ी है। इसलिए कोई भी यहां कोरोना रोग के प्रसार को नियंत्रित नहीं कर सकेगा।
    मुंबई शहर में यह बीमारी तेजी से फैल रही है और हर दिन मरीजों की संख्या दोगुनी हो रही है। ठाणे और मीरा भयंदर में इसका फैलना भी बहुत चिंताजनक है। कोरोना बीमारी ने राक्षसी रूप लेना शुरू कर दिया है। इसलिए शहर को बीमारी मुक्त रखना प्रशासन के हाथ में नहीं बल्कि अनुशासित नागरिकों के हाथों में है। मुंबई और उसके उपनगरों में कोरोना के बढ़ते प्रभाव के कारण, उल्हासनगर के निवासी या उल्हासनगर के निवासियों के रिश्तेदार शहर में घुसने की कोशिश कर रहे हैं। बार-बार अपील के बावजूद, नागरिकों से कहा जाता है कि वे रिश्तेदारों के पास न जाएं और न ही रिश्तेदारों को बुलाएं। ये मामले पुलिस के नियंत्रण से बाहर हैं। गांवों में नागरिकों ने पूरा अनुशासन दिखाया है और राज्य के गांवों में यह बीमारी नहीं पहुंची है। लेकिन  शिक्षित लोगों के शहरों में दुर्भाग्य से इसका पालन कम हो रहा है।
   शहर में आवश्यक सेवाओं के दुकानदारों और सब्जी विक्रेताओं के लिए कई नियम निर्धारित किए गए हैं। प्रशासन उन पर नियमों का पालन करने का दबाव डाल रहा है। लेकिन न तो दुकानदार और न ही ग्राहक अनुशासन को लेकर गंभीर है। प्रशासन के लिए सब कुछ रोकना कभी भी संभव नहीं है। शिकायतें इसलिए की जाती हैं क्योंकि लोग अनुशासन का पालन नहीं करते हैं, लेकिन अनुशासन का पालन नहीं करने और देखने वालों की संख्या बढ़ रही है और अनुशासन का पालन करने वालों की संख्या कम हो रही है। नतीजतन, पुलिस और प्रशासनिक कर्मचारियों, जो मूल रूप से सीमित हैं, पर तनाव बढ़ रहा है और बीमारी नियंत्रण पर काम करने की तुलना में शिकायतों को हल करने में अधिक समय लगता है।
   शहरवासियों के हाथ से समय अभी तक नहीं गुजरा है। हम अभी भी अपने क्षेत्र के लोगों को अनुशासित कर सकते हैं। शहर तभी बच सकता है जब हम कम से कम 20 मई तक इस बीमारी को नियंत्रण में रखें। अन्यथा यह कहना मुश्किल है कि इस शहर को कौन बचाएगा। राज्य में नगर निगमों में से एक में कोरोना संक्रमण के कारण निगम के चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी को छोड़ दिया गया है। कई शहरों में डॉक्टर और नर्स कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं। इसलिए, यह गारंटी देना बहुत मुश्किल है कि यह प्रणाली कितने दिनों तक चल सकती है। श्री देशमुख ने कहा कि मैं बहुत चिंतित हूं। प्रशासन अब सभी उपाय करके लोगों की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है। हालांकि, जनता से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसलिए नियमों को पालन कर आपकी सुरक्षा आपके हाथ है।

मुंबई में हाल ही में 50 से अधिक पत्रकारों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उनमें से आज 31 मीडियाकर्मी स्वस्थ होकर अपने-अपने घर वापस लौट चुके हैं। इनका दूसरा कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद अस्पताल ने इन्हें छुट्टी दे दी है। साथ ही इन्हें 14 दिनों तक घर पर ही क्वारंटाइन रहने के लिए कहा गया है। यह जानकारी आज बीएमसी ने दी है।
मुंबई के प्रतीक्षा नगर के प्रेस एनक्लेव के हाउसिंग सोसाइटी के सदस्यों ने ताली बजाकर पत्रकारों का स्वागत किया। यहां रहने वाले दो पत्रकार भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे।
आपको बता दें कि मुंबई में कम से कम 53 मीडियाकर्मी ऐसे थे, जिनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। बीएमसी ने बताया था कि कोविड-19 की जांच के लिए 16 और 17 अप्रैल को आजाद मैदान में विशेष शिविर लगाया गया था और इस दौरान 171 मीडियाकर्मियों के लार के नमूने लिए गए थे। इनमें इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के पत्रकार, फोटोग्राफर और कैमरामैन शामिल थे।
कुल 171 नमूनों में से 53 कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे। इनमें से अधिकतर में कोई लक्षण नहीं थे। सभी संक्रमितों को क्वारंटाइन में रखा गया था।

महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमितों की संख्या 8 हजार के पार

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 8 हजार के पार चली गई है। रविवार को 440 नए मामलों के साथ राज्य में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या रविवार को 8,068 हो गई। संक्रमण से 19 लोगों की मौत होने के साथ ही मृतकों की संख्या 342 हो गई।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि संक्रमण की वजह से 19 और लोगों की मौत के साथ राज्य में अब तक कोविड-19 से जान गंवाने वालों की संख्या 342 हो गई है। अधिकारी ने बताया कि अब तक 1,188 मरीज संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और उन्हें अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है।
केवल मुंबई सर्किल की बात करें तो यहां 6343 लोग संक्रमित हो चुके हैं और 223 लोगों की मौत हुई है। नासिक सर्किल में 222 तो पुणे सर्किल में 1128 मरीज हैं, जबकि 83 लोगों की मौत हुई है। 
कल की तुलना में कम केस
राहत की बात यह है कि शनिवार की तुलना में आज महाराष्ट्र में नए मामलों में कमी आई है। महाराष्ट्र में शनिवार को कोरोना के 811 नए केस आने के बाद राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 7628 हो गई थी। कल यहां 22 और लोगों की मौत हुई थी।  
देश में महाराष्ट्र सबसे आगे
देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 26917 हो गई है। 5914 मरीज अब तक ठीक हुए हैं तो 826 की मौत हुई है। महाराष्ट्र में देश में सबसे अधिक कोरोना संक्रमित मरीज हैं। इसके बाद गुजरात में सबसे अधिक 3071 कोरोना संक्रमित हैं। यहां 133 लोगों की जान चली गई है। तीसरे नंबर पर दिल्ली है जहां 2625 कोरोना मरीज हैं।

  • वुलनचाल परिसर को किया गया सील 
  • घर के चार लोगों को क्वारनटाईन किया गया
  • बदलापुर में अभी भी 13 कोरोना मरीज
  • उल्हासनगर के नेहरू चौक परिसर निवासी महिला की रिपोर्ट नेगेटिव


         अंबरनाथ। युसूफ शेख
      अंबरनाथ पश्चिम में एक कोरोना रोगी के मिलने से वुलन चाल न्यू काॅलोनी परिसर को पूरी तरह सील करके आस पास की सड़कों को भी बंद कर दिया गया है। इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए मुख्याधिकारी देवीदास पवार ने बताया कि उपरोक्त परिसर में रहने वाले 45 वर्षीय व्यक्ति का कोरोना पाॅजिटीव आया है ये व्यक्ति मुंबई के ताज होटल में सुरक्षा रक्षक का कार्य करता है, उसने दो दिनों पूर्व एक निजी अस्पताल में अपना स्वेब कोरोना जांच के लिए दिया था। जांच करने के बाद वह अंबरनाथ अपने घर में आ गया था। रविवार को उसकी रिपोर्ट पाॅजिटीव आने के बाद उसे घर से एम्बूलैंस में ठाणे के सीविल अस्पताल में उपचार हेतु ले जाया गया है। रविवार शाम 6 बजे उसके घर से उसकी पत्नी दो लड़कियां और एक छोटे बच्चे को होम क्वारनटाईन करके घरों में ही रहने के लिए कहा गया है। पूरी ईमारत और परिसर को सेनिटाईज किया जा रहा है। परिसर में सन्नाटा सा छा गया है। मुख्याधिकारी ने बताया कि रोगी के तीनों बच्चे और पत्नी का भी कोरोना जांच कराया जाएगा। विदित हो कि शनिवार को ही मुख्याधिकारी ने पत्रकार परिषद लेकर अंबरनाथ में एक भी कोरोना का रोगी नहीं है बताया था उसके 24 घंटे के भीतर ही एक कोरोना का रोगी मिलने से पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई है।
      वहीं अंबरनाथ से सटे बदलापुर शहर में कोरोना के 15 मरीज थे जिनमें से 2 ठीक हुए हैं यहां अभी भी कोरोना के 13 मरीज हैं। इसके अलावा उल्हासनगर शहर के कैम्प 2 नेहरू चौक परिसर में भी एक महिला पर कोरोना का संदेह था उसकी रिपोर्ट भी रविवार शाम को नेगेटिव आयी है। उल्हासनगर शहर में अभी भी कोरोना के दो मरीज हैं जिनमें एक कैम्प 5 निवासी का ईलाज मुंबई में चल रहा है वहीं कल्याण निवासी व्यक्ति का ईलाज कैम्प 4 के कोविड अस्पताल मे ंचल रहा है। उल्हासनगर से करीब 29 लोगों का कोरोना जांच हेतु स्वैब मुंबई भेजा गया था जहां सभी के रिपोर्ट नेगेटिव पायी गई है।

कल्याण । दो दिनों से नीचे गिर रहे कोरोंना संक्रमितों की संख्या में रविवार को अचानक तेजी आ गयी और यहां पर मरीजो की कुल संख्या 129 तक जा पहुची जो कि आज मिले हुए 12 मरीजो को लेकर है ।

विदित हो कि कल्याण डोम्बिवली महानगरपालिका अंतर्गत शनिवार को 3 कोरोना पॉजिटिव मरीज पाये गए थे जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा था कि शायद यह आंकड़ा अब धीरे धीरे कम होगा परंतु रविवार को अचानक इन मरीजो की संख्या में तेजी आ गयी और 12 लोग कोरोना पॉजिटिव पाये गए जिनमे डोम्बिवली पूर्व में 4 कोरोना संक्रमित मिले है जिनमे पुलिस विभाग, आरोग्य विभाग व पत्रकार का भी समावेश है तो कल्याण पूर्व में 1 महिला जो कि मुंबई के आरोग्य विभाग में कार्यरत थी कोरोना पॉजिटिव पायी गयी है वही डोम्बिवली पश्चिम में 2 पुरुष व 2 महिलाएं कोरोना संक्रमित पाई गई है इसी तरह मांडा - टिटवाला में 12 वर्ष की एक बच्ची एवम 1 महिला जो कि मुंबई के अस्पताल में कार्यरत थी वह भी संक्रमित पाई गई है दूसरी तरफ कल्याण पश्चिम में भी 1 पुलिस कर्मचारी संक्रमित पाया गया है जो मुम्बई के पुलिस विभाग में कार्यरत थे इस नए आंकड़े के बाद यहां पर कोरोना संक्रमितों की संख्या 129 तक पहुच चुकी है कुल 40 लोग स्वस्थ हो चुके है और 86 लोगो का उपचार अभी जारी है । अब तक कल्याण पूर्व में 27, कल्याण पश्चिम में 15, डोंबिवली पूर्व में 47, डोंबिवली पश्चिम में 32, मांडा टिटवाळा में 4 तथा मोहने में 4 मरीज कोरोना से संक्रमित पाये जा चुके है ।

हालांकि अब अधिकतर जो मरीज मिल रहे है वह या तो पुलिस विभाग से संबंधित है या फिर आरोग्य विभाग से जुड़े है या तो मीडिया क्षेत्र से संबंधित ही पाये जा रहे है इसके अलावा ऐसे भी मरीज है जो कि पीड़ित मरीज के परिवार का हिस्सा हो अब तक के पिछले चार दिनों के आंकड़े में उक्त विभाग से संबंधित ही इस महामारी से संक्रमित पाये जा रहे है यह चिंता का विषय भी बना हुआ है कि अगर रक्षक व उपचारकर्ता ही इस बीमारी के चपेट में आते जाएंगे तो बाकियों का उपचार व शहर में कानून का सख्ती से पालन करवाने वाले कि कमी पड़ जाएगी ।खैर सभी को उपचारार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया है और इनके संपर्क में आये लोगो की खोजबीन शुरू की गई है ।

21 दिनों का पहला लॉकडाउन 24 मार्च से 14 अप्रैल तक चला। 18 दिनों का दूसरा लॉकडाउन 3 मई तक चलेगा। इस बीच सबके मन में यही सवाल है कि क्या देश में लॉकडाउन 3 भी होगा? हालांकि, केंद्र सरकार ने इस पर अभी कोई फैसला नहीं लिया है, लेकिन कई राज्यों ने लॉकडाउन बढ़ाने की अपील की है। ध्यान रहे कि पहला लॉकडाउन खत्म होने से पहले भी राज्यों ने इसी तरह लॉकडाउन बढ़ाने की गुजारिश की थी और केंद्र सरकार ने सभी की सलाह को मानते हुए देशवासियों को 3 मई तक घरों में ही रहने को कहा था।

इन राज्यों ने की है अपील
दिल्ली सहित छह बड़े राज्यों ने लॉकडाउन को 3 मई से आगे बढ़ाने की इच्छा जाहिर की है। दिल्ली सरकार ने कहा है कि लॉकडाउन को 16 मई तक बढ़ाया जाए। वहीं, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पंजाब और ओडिशा ने अपने राज्यों के हॉटस्पॉट पर प्रतिबंध को 3 मई के बाद भी जारी रखने के संकेत दिए हैं। वहीं, तेलंगाना ने तो लॉकडाउन को पहले ही 7 मई तक बढ़ा दिया है।
इन राज्यों को पीएम के फैसले का इंतजार
हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और गुजरात ने कहा है कि वे केंद्र सरकार की ओर दिशा-निर्देश का इंतजार कर रहे हैं और केंद्र सरकार जैसा कहेगी उसी मुताबिक आगे बढ़ेंगे। वहीं बिहार, असम, केरल की सरकारों ने कहा है कि वे पीएम नरेंद्र मोदी के साथ सोमवार को चर्चा के बाद लॉकडाउन पर कोई फैसला करेंगे। 
कुछ राज्यों में मिल सकती है छूट
जानकारों के मुताबिक, सरकार इस बार लॉकडाउन का फैसला राज्य सरकारों पर भी छोड़ सकती है। माना जा रहा है कि जिन राज्यों में केस काफी कम हैं वहां प्रतिबंधों में ढील दी जा सकती है। ऐसे कई राज्य हैं जहां कोरोना केसों की संख्या अभी भी कुछ दर्जन तक सीमित है और अधिकतर केस कुछ ही जिलों में सिमटे हैं। ऐसे राज्यों को कंटेनमेंट जोन के अलावा अन्य जगहों पर लोगों के घर से निकलने और कामकाज करने की इजाजत दी जा सकती है। हालांकि, सोशल डिस्टेंशिंग और मास्क आदि की अनिवार्यता अभी बरकरार रखी जाएगी। राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक आयोजनों पर रोक पहले की तरह जारी रखी जाएगी।
सोमवार को हो सकता है फैसला
आगे की रणनीति बनाने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ विचार विमर्श शुरू कर दिया है। कैबिनेट सचिव राजीव गाबा ने शनिवार को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और डीजीपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बात की। उन्होंने गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार आर्थिक गतिविधियों की बहाली, प्रवासी मजदूरों के मुद्दे और विदेशों में फंसे हुए भारतीयों को लेकर चर्चा की। अब सोमवार को पीएम नरेंद्र मोदी राज्य सरकारों से बातचीत करने के बाद अंतिम फैसला लेंगे। 
दिल्ली में 16 मई तक बढ़ सकता है लॉकडाउन
माना जा रहा है कि यदि केंद्र सरकार ने राज्यों पर फैसला छोड़ा तो दिल्ली में केजरीवाल सरकार लॉकडाउन को 16 मई तक बढ़ा सकती है। कोविड-19 से निपटने के लिए दिल्ली सरकार की ओर से गठित समिति के अध्यक्ष डॉ एसके सरीन ने शनिवार (25 अप्रैल) को कहा, ''भारत में अभी भी महामारी का ग्राफ चढ़ रहा है इसलिए प्रतिंबधों में ढील देने का मतलब है कि मामलों में बेतहाशा वृद्धि हो जाएगी। दिल्ली में निषिद्ध क्षेत्रों की संख्या काफी है इसलिए इसका विस्तार करना समझदारी होगी। लॉकडाउन को 16 मई तक बढ़ाना होगा।''
महाराष्ट्र सरकार 15 दिन बढ़ा सकती है लॉकडाउन
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार 3 मई के बाद भी मुंबई और पुणे में लॉकडाउन का विस्तार कर सकती है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने एचटी मिंट से कहा कि अगर कोरोनो वायरस का प्रसार कम नहीं हुआ, तो लॉकडाउन को आगे बढ़ाने की आवश्यकता होगी। टोपे ने मिंट को बताया, "लॉकडाउन को लागू करने का मुख्य उद्देश्य कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकना था और अगर ये नहीं रुकता है, तो हमें लॉकडाउन का विस्तार करना होगा।" उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हो, तो हम 3 मई के बाद 15 दिनों के लिए लॉकडाउन का विस्तार केवल जरूरी जगहों पर करेंगे।

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने शनिवार (25 अप्रैल) को कहा कि राज्य में लॉकडाउन के नियमों में तीन मई तक कोई बदलाव नहीं होगा। टोपे ने कहा कि दुकानों को खोलने के संबंध में केन्द्र की ओर से जारी नए आदेश में कोई स्पष्टता नहीं है। उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री के साथ सोमवार को वीडियो कांफ्रेंस के बाद चीजें स्पष्ट होंगी।" मंत्री ने कहा, ''हमें केन्द्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। लेकिन लॉकडाउन के नियमों में तीन मई तक और कोई छूट नहीं दी जाएगी।" टोपे ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ बैठक में प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजने का मुद्दा भी उठाया जाएगा।
महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के 7628 मामले, 323 की मौत
महाराष्ट्र वैश्विक महामारी कोरोना वायरस 'कोविड-19' के आगे बेबस नजर होता नजर आ रहा। राज्य में शनिवार (25 अप्रैल) को 811 नए मामले सामने आए और कुल संक्रमितों की संख्या 7628 पर पहुंच गई है। इस दौरान 22 मरीजों की मौत से इस संक्रमण से मरने वालों की संख्या 323 हो गई है। राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की तरफ से शनिवार शाम यह जानकारी दी गई। देश की वाणिज्यिक नगरी मुंबई का बुरा हाल है। पिछले 24 घंटों में 281 नए मामलों से कुल संक्रमितों की संख्या 4870 पर पहुंच गई, जबकि इस दौरान 12 और की मौत हो जाने से मृतक 191 हो गए।

उल्हासनगर में कोरोना वायरस पर नियंत्रण
ठाणे जिला रेड झोन में, लॉकडाऊन की बढ़ सकती है अवधि

        उल्हासनगर। उल्हासनगर शहर में कोरोना के अब तक दो मरीज मौजूद बताए गए हैं जिसमें से एक मुंबई के अस्पताल में काम करने वाला युवक जोकि उल्हासनगर निवासी है उसे कोरोना पॉजिटीव पाया गया है उसका ईलाज मुंबई के अस्पताल में ही चल रहा है साथ ही एक कल्याण निवासी व्यक्ति जो उल्हासनगर ईलाज करवाने आया था वो भी कोरोना पॉजिटीव पाया गया है उसका उल्हासनगर-4 के कोविड अस्पताल में ईलाज चल रहा है। लॉकडाऊन के शुरुवाती दिनों में एक कोरोना ग्रस्त महिला ठीक हो गई है। जबकि नेहरू चौक परिसर की एक वृद्ध महिला का रिपोर्ट आना अभी बाकी है। इस तरह उल्हासनगर शहर में कोरोना वायरस पर नियंत्रण रखने में पुलिस व प्रशासन पूरी तरह सफल हुआ है। लेकिन जिस तरह कल्याण निवासी बीमार व्यक्ति ने अपना ईलाज करवाने उल्हासनगर आया था ठीक उसी तरह पिछले कई दिनों से वाहनों पर आपात सेवा के फर्जी स्टीकर लगाकर कल्याण अथवा अन्य शहरों से लोग उल्हासनगर आ रहे हैं जिस कारण यहां पर कोरोना संक्रमण की संख्या बढऩे की आशंका जताई जा रही है।
      कल्याण शहर में रहने वाले कई लोगों का कारोबार उल्हासनगर में है अथवा रिश्तेदार है ऐसे में वो उनकी देखरेख अथवा मिलने के लिए वाहनों पर आपात सेवा का फर्जी स्टीकर लगाकर शहर में आ रहे हैं जो इस समय खतरनाक साबित हो सकता है। अगले सप्ताह 3 मई को लॉकडाऊन की अवधि समाप्त हो रही है। लेकिन वर्तमान के हालात को देखते हुए ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि लॉकडाऊन 15 दिन आगे ढकेला जा सकता है। ठाणे जिला पूरी तरह रेड झोन में है। इतना ही नहीं कल्याण-डोंबिवली में कोरोना के मरीजों की संख्या 100 पार है ऐसे में शहर की सभी सीमाएं सील की गई है केवल आपात वाहनों को ही अनुमति दी जा रही है लेकिन आज भी बेपरवाह लोग इसका उल्लंघन करते हुए वाहनों पर आपात अथवा प्रेस का फर्जी स्टीकर लगाकर शहर में दाखिल हो रहे हैं। उनपर कड़ी नजर रखने की आवश्यकता है। दिल्ली से केंद्रीय पथक भी कोरोना का जायजा लेने के लिए कल ठाणे व कल्याण का दौरा कर हालतों का जायजा ले चुका है। देशभर में कोरोना के 26 हजार 496 एक्टिव मामले हैं जिसमें 824 लोगों की मौत हुई है और 5804 लोग ठीक हुए हैं। महाराष्ट्र में कुल 7628 मामले हैं और 323 लोगों की मौत हुई है। ठाणे जिले में वर्तमान में कुल 717 कोरोना के मरीज हैं और 15 लोगों की मौत हुई है। अकेले मुंबई में कोरोना के 5 हजार से ज्यादा मरीज हैं।

शहर की लाईट 41 मिनट रही बंद

अंबरनाथ। युसूफ शेख
अंबरनाथ के बुवापाड़ा में एक भयंकर दुर्घटना हुई है, यहां का निवासी युवक आलोक सिंह इंटरनेट का वायर लापरवाही से डाल रहा था ये वायरल पडघा-अंबरनाथ के हायटेशन 100 केवी वायर से टकरा जाने के कारण जोरदार विस्फोट के बाद आग निकली जिसमें युवक बुरी तरह घायल हो गया और अंबरनाथ शहर की लाईट 41 मिनट तक बंद रही। बुवापाड़ा परिसर के कई टीवी, पंखे व बिजली के उपकरण जल गए हैं। आलोक सिंह पर महाराष्ट्र राज्य विद्युत कंपनी के पांडुरंग घाटके(55) ने भादवि कलम 290, 336, 337, 427, 139 विद्युत कायदा कलम 139 के अनुसार शनिवार को अंबरनाथ पुलिस स्टेशन में अपराध दर्ज कराया है। आलोक घायल होने एवं झुलस जाने के कारण एक निजी अस्पताल में उसका उपचार चल रहा है। इसलिए पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया है। ये घटना रविवार 19 अप्रैल शाम की है और अपराध 25 अप्रैल को दाखिल किया गया है। रविवार 19 अप्रैल को आलोक सिंह नेट का वायर डाल रहा था ये वायर पडघा-अंबरनाथ 100 केवी हाईटेंशन वायर से टच हो गया जिसके कारण जबरदस्त विस्फोट हो गया। आलोक भी बुरी तरह झुलस गया। ये कृति करने से जनता और अपनी जान को सिंह ने खतरे में डाला और अंबरनाथ परिसर की लाईट 41 मिनट तक चली गई जिसके कारण अंबरनाथ की जनता भी परेशान हुई है ऐसा अपराध दर्ज हुआ है। मामले की जांच पु.उप.नि. जाधव कर रहे हैं। पता चला है कि आरोपी आलोक सिंह युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बबलू सिंह का भतीजा है। ये भी पता चला है कि आलोक अल्पवयीन है। लॉकडाऊन होते हुए भी उससे ये कार्य कौन करा रहा था। पुलिस इसकी जांच कर रही है।

मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे के शराब की दुकान खोलने को लेकर दिए गए बयान पर शिवसेना ने शनिवार को तंज कसा है। शिवसेना ने कहा है कि उनके लिए (राज ठाकरे) खाने की प्लेट की तरह पेग भी जरूरी है। शिवसेना ने कहा है कि राज ठाकरे को पता होना चाहिए कि लॉकडाउन की वजह से न सिर्फ वाइन शॉप, बल्कि शराब की फैक्ट्रियां भी बंद हैं।
शिवसेना के अखबार 'सामना' में लिखे गए संपादकीय में पार्टी ने कहा, 'आपको केवल दुकानें खोलने से राजस्व नहीं मिलता है। सरकार को उत्पाद शुल्क और बिक्री कर के रूप में राजस्व मिलता है जब एक वितरक कारखानों से उत्पाद खरीदता है। इन इकाइयों को शुरू करने के लिए मजदूरों की जरूरत होती है। इसके अलावा यदि दुकानें फिर से खुलीं तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जाएगा।'
राज ठाकरे ने गुरुवार को मांग की थी कि राज्य सरकार को 'नैतिक मुद्दों' को छोड़ देना चाहिए और शराब की दुकानों और रेस्तरां को खोलने की अनुमति देनी चाहिए ताकि वे लोग अपने व्यापार चला सकें। अपने चचेरे भाई और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे एक पत्र में मनसे प्रमुख ने कहा था कि 18 मार्च से राज्य लॉकडाउन में है, पहले 31 मार्च तक, फिर 14 अप्रैल तक और अब 3 मई तक इसे बढ़ा दिया गया है। लॉकडाउन हटने लेकर अभी कुछ तय भी नहीं है।
संपादकीय में कहा गया है कि राज ठाकरे ने मांग के जरिए से सरकार को बताया है कि खाने की तरह शराब भी जरूरी है। उन्होंने कहा है कि जैसे चावल की प्लेट लोगों के लिए जरूरी है, उसी तरह वे 'क्वार्टर' और 'पेग' पर भी निर्भर हैं। 
सत्तारूढ़ दल ने देवेंद्र फडणवीस का नाम लिए बिना कहा, 'विपक्षी नेताओं को संकट के समय में आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए सरकार को सलाह देनी चाहिए, लेकिन विपक्ष के नेता ऐसा करने में सक्षम नहीं हैं।'
संपादकीय में आगे लिखा गया है कि राज ठाकरे ने गरीब लोगों की दुर्दशा को सामने रखा है और समाज का एक वर्ग उनका इसलिए आभारी रहेगा। लेकिन सरकार को समग्र स्थिति पर विचार करते हुए निर्णय लेना होगा।

अंबरनाथ में अब तक 38 लोगों की रिपोर्ट कोरोना नेगेटिव

अंबरनाथ।युसूफ शेख
       
        अंबरनाथ शहर कोरोना मुक्त पेंशट शहर हो गया है जिस एक कोरोना संक्रमण रोगी का उपचार चल रहा था वह अब कोरोना नेगेटिव हो गया है। उसे क्वारंटाईन में रखा गया है। अब अंबरनाथ में एक भी कोरोना रोगी नहीं है। ऐसी जानकारी शनिवार शाम में मुख्याधिकारी देवीदास पवार ने पत्रकारों को दी, उनके साथ मेजर डाॅ. नितीन राठोड़, उपमुख्याधिकारी धीरज चौहान भी उपस्थित थे। पवार ने कोरोना के बारे में अधिक जानकारी देते हुए बताया शहर में चार कोरोना संक्रमण रोगी थे, जिनमें से एक की मौत हो गई दो ठीक हो गए और चौथा रोगी भी स्वस्थ हो गया है। उसे क्वारनटाईन में रखा गया है। अब शहर में एक भी कोरोना का रोगी नहीं है। कोरोना से मरने वाले व्यक्ति की पत्नी और उसके लड़के का भी रिपोर्ट नेगेटिव आया है। ये अच्छी खबर है। आज तक कुल 38 लोगों की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आयी है।
          नगरपरिषद के कोरोना अलगीकरण कक्ष में कुल सात लोग है और स्वतः के घर में क्वारनटाईन 14 लोग हैं। इन सभों की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आयी है। ऐसी जानकारी मुख्याधिकारी ने बताया कि शहर में प्रवेश करने वाले वाहनों को सेनीटाईज करके ही शहर में प्रवेश करने दिया जा रहा है। सफाई कर्मचारियों की भी आरोग्य जांच की गई है। उन्होंने लोगों से आव्हान किया है कि वह घरों से बाहर ना निकले और प्रशासन पुलिस को सहकार्य करें तो हम कोरोना की जंग जीत सकते हैं। शहर के डाॅक्टरों में 300 पीपीई कीट बांटे गए हैँ।

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