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💥 उल्हासनगर में नए मरीज 04, एक्टिव मरीज 115

कोरोना मुक्त 20,312, मृत्यु 546, कुल संख्या 20,974

💥 अंबरनाथ में नए मरीज 19, एक्टिव मरीज 156

कोरोना मुक्त 19,362, मृत्यु 524, कुल संख्या 20,042

💥 बदलापुर में नए मरीज 50, एक्टिव मरीज 239

कोरोना मुक्त 20,970, मृत्यु 351, कुल संख्या 21,560

💥 कल्याण-डोंबिवली में  नए मरीज 58, एक्टिव 957

कोरोना मुक्त 1,34,767, मृत्यु 2208, कुल 1,38,327

हीरो बोधा / करण बोधा
कोरोना की दूसरी लहर पर बोली सरकार
नई दिल्ली। अभी कोरोना का खतरा टला नहीं है। इस बीच केंद्र सरकार की तरफ से मंगलवार को कहा गया है कि कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी से किसी की मौत नहीं हुई है। हालांकि, केंद्र सरकार ने यह माना है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की डिमांड काफी बढ़ गई थी। दरअसल कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने सरकार से पूछा था कि क्या यह सच है कि Covid-19 की दूसरी लहर में कई सारे कोरोना मरीज सड़क पर और अस्पताल में इसलिए मर गए क्योंकि ऑक्सीजन की किल्लत थी? इस पर केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री भारती प्रवीण पवार ने इस सवाल के लिखित उत्तर में बताया कि 'स्वास्थ्य राज्य का विषय है। सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को कोरोना के दौरान हुई मौतों के बारे में सूचित करने के लिए गाइडलाइंस दिये गये थे। किसा भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की रिपोर्ट में यह नहीं कहा गया है कि किसी की मौत ऑक्सीजन की कमी से हुई है।' स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने आगे बताया कि महामारी की पहली लहर के दौरान, इस जीवन रक्षक गैस की मांग 3095 मीट्रिक टन थी जो दूसरी लहर के दौरान बढ़ कर करीब 9000 मीट्रिक टन हो गई। उनसे पूछा गया था कि क्या दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन न मिल पाने की वजह से बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है। पवार ने बताया कि स्वास्थ्य राज्य का विषय है और राज्य तथा केंद्र शासित प्रदेश कोविड के मामलों और मौत की संख्या के बारे में केंद्र को नियमित सूचना देते हैं। उन्होंने बताया केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कोविड से मौत की सूचना देने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
उल्हासनगर में 4 नए मरीज
उल्हासनगर। उल्हासनगर महानगरपालिका क्षेत्र में आज 4 नए कोरोना पाॅजिटीव मरीज मिलने से कोरोना ग्रस्त मरीजों की कुल संख्या 20,974 हो गई है। मृतकों की कुल संख्या 546 हो गई है। आज 6 मरीज डिस्चार्ज किए गए हैं जिससे कोरोना मुक्त मरीजों की संख्या 20,312 हो गई है। रिकवरी प्रतिशत 96.84 बताया गया है। वहीं 115 एक्टिव मरीजों का ईलाज शहर के बाहर के अस्पतालों में 4, होम आयसोलेशन में 67 व अन्य मरीजों का ईलाज निजी व सरकारी अस्पतालों में चल रहा है। उल्हासनगर-1 में आज 0, उल्हासनगर-2 में 1, उल्हासनगर-3 में 0, उल्हासनगर-4 में 2 और उल्हासनगर-5 में 1 नए कोरोना के मरीज मिले हैं। उल्हासनगर में वैक्सीन लगाने का कार्य जारी है। 6329 फ्रंटलाईन वकर्स ने अब तक वैक्सीन पहला का डोज लिया है उन्होंने 3243 वकर्स ने दूसरा डोज लिया है। 18 वर्ष से अधिक 15,381 तथा 45 वर्ष से अधिक 67,016 लोगों ने कोरोना का डोज लिया है। मनपा द्वारा घोषणा की गई है कि 21 व 22 जुलाई को वैक्सीन कार्यक्रम नहीं होगा। इसलिए लोग वैक्सीन लगाने सेंटर पर न आएं। शुक्रवार को सेंटर खुलेंगे।
अंबरनाथ में 19 नए मरीज
अंबरनाथ। अंबरनाथ नगरपालिका क्षेत्र में आज 19 नए कोरोना रोगी मिले हैं। जिससे कोरोना ग्रस्त मरीजों की कुल संख्या 20,042 हो गई है। 96.60 प्रतिशत के साथ आज तक 19,362 मरीज स्वस्थ होकर घर गए हैं। 0.77 प्रतिशत के साथ एक्टिव रोग अब 156 हैं। मृतकों की कुल संख्या 524 हो गई है। शहर में कोविड 19 टेस्ट की टेस्ट करने वालों की संख्या 1,05,648 पहुंच गई है। आज 206 लोगों ने टेस्ट कराया है जिसमें 187 नेगेटिव और 19 पाॅजिटीव हैं। अंबरनाथ में वैक्सीन का पहला डोज 24,766 ने लिया है जबकि दूसरा डोज 8646 लोगों ने लिया है।
बदलापुर में 50 नए पाॅजिटीव, 1 की मौत
बदलापुर। कुलगांव-बदलापुर नगरपरिषद क्षेत्र में आज 50 नए पाॅजिटीव मरीज मिले हैं जिससे कोरोना ग्रस्त मरीजों की कुल संख्या अब 21,560 हो गई है। आज 1 मरीज की मौत के बाद मृतकों का 1.62 प्रतिशत के साथ मरने वालों की संख्या 351 हो गई है। यहां पर 97.26 प्रतिशत मरीज ठीक हुए हैं 20,970 मरीज कोरोना मुक्त अब तक हो चुके हैं। 1.10 प्रतिशत के साथ एक्टिव मरीजों की कुल संख्या अब 239 है। जिनका ईलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। अब तक 61,729 लोगों का स्वेब टेस्ट हुआ है। आज कोरोना की रिपोर्ट में 292 नेगेटिव और 50 पाॅजिटीव पाए गए हैं।
कल्याण-डोंबिवली में 58 नए पाॅजिटीव
कल्याण। कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका क्षेत्र में आज कुल 58 कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि की गई है। जिससे कोरोना मरीजों की कुल संख्या 1,38,327 तक जा पहुंची है इनमें 957 मरीजों का उपचार चल रहा है तो वहीं 1,34,767 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं, मरने वालों की संख्या 2208 तक पहुंच गई है। 108 मरीज पिछले 24 घंटे के भीतर विभिन्न अस्पतालों से डिस्चार्ज भी हुए हैं। मनपा क्षेत्र के कल्याण पूर्व में 6, कल्याण पश्चिम में 15, डोंबिवली पूर्व में 21, डोंबिवली पश्चिम में 11, मांडा टिटवाला में 5, पिसवली में 0 तथा मोहना में 0 नए मरीज कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।
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केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों के आंदोलन के दौरान बुधवार को संत बाबा राम सिंह ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने खुद को गोली मार ली, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। यह घटना करनाल में बॉर्डर के पास हुई है। कहा जा रहा है कि संत बाबा राम सिंह किसानों पर सरकार के रवैये से आहत थे।

संत बाबा राम सिंह के पास से सुसाइड नोट भी मिला है। वे पिछले काफी दिनों से दिल्ली के पास हो रहे आंदोलन में शामिल थे। उन्होंने एक शिविर की भी व्यवस्था की थी और कंबल भी बांटे थे।

पीटीसी न्यूज की मानें तो सुसाइड नोट में बाबा राम सिंह ने लिखा है कि वे किसानों की हालत नहीं देख सकते हैं। उन्होंने लिखा कि केंद्र सरकार विरोध को लेकर कोई ध्यान नहीं दे रही है, इसलिए वे किसानों, बच्चों और महिलाओं को लेकर चिंतित हैं।

सुसाइड नोट में बाबा राम सिंह ने लिखा है कि उनसे किसानों का दुख देखा नहीं जा रहा है। उन्होंने लिखा, ''अपने हक के लिए सड़कों पर किसानों को देखकर बहुत दिल दुख रहा है। सरकार न्याय नहीं दे रही है। जुल्म है। जुल्म करना पाप है। जुल्म सहना भी पाप है।''

गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर किसानों के संगठन कृषि कानूनों को रद्द किए जाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इनमें अधिकतर किसान पंजाब और हरियाणा के हैं। प्रदर्शनकारी किसानों ने आशंका जताई है कि नए कानूनों से एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) और मंडी व्यवस्था खत्म हो जाएगी और और वे बड़े कॉरपोरेट पर निर्भर हो जाएंगे। केंद्रीय खाद्य मंत्री पीयूष गोयल और वाणज्य राज्य मंत्री सोम प्रकाश के साथ मिलकर तोमर किसानों के 40 संगठनों के साथ सरकार की वार्ता का नेतृत्व कर रहे हैं। अभी तक किसानों और सरकार के बीच में कई दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं, लेकिन कोई भी हल नहीं निकला है।

पंजाब लौट रहे किसानों की हो गई थी मौत

वहीं, दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर धरना देकर ट्रैक्टर पर सवार होकर पटियाला लौट रहे पंजाब के दो किसानों की हरियाणा के करनाल जिले में एक ट्रक की चपेट में आने से मंगलवार सुबह मौत हो गई थी। पुलिस ने बताया था कि तरौरी फ्लाईओवर पर हुई इस घटना में एक अन्य किसान को भी गंभीर चोटें आई हैं, जबकि कुछ और लोगों को मामूली चोटें लगी हैं। तरौरी थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर सचिन ने कहा कि मृतकों की उम्र 24 साल और 50 साल के आसपास है। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से भागने में कामयाब रहा था।

देश में कोरोना वायरस के मामलों में लगातार तेजी आ रही है। बीते कुछ दिनों से रोजाना 50 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं। हालांकि, संक्रमण से ठीक होने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। पिछले 24 घंटे में 54,736 नए मामले सामने आए हैं। इसी दौरान 853 और मरीजों की मौत हो गई। इसके साथ ही कोरोना वायरस से संक्रमित होने वालों का आंकड़ा देश में 17 लाख के पार पहुंच गया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, कोरोना वायरस के कुल 17,50,724 मामलों में 11,45,630 लोग रिकवर हो चुके हैं। अभी 5,67,730 एक्टिव मामले हैं, जिनका इलाज चल रहा है। वहीं, 37,364 लोगों की मौत हुई है।
कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में अब तक 2,66,883 रिकवर हो चुके हैं। बीते दिन 10725 और मरीज ठीक हुए। वहीं, 149520 लोगों का इलाज चल रहा है। राज्य में अब तक 15316 लोगों की मौत हो चुकी है।
तमिलनाडु में संक्रमण के 56738 एक्टिव केस हैं, जबकि 190966 लोग रिकवर कर चुके हैं। यहां बीते दिन 7010 लोग ठीक हुए हैं।  इसके अलावा  4034 लोगों की मौत हो चुकी है। 
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां की स्थिति लगातार बेहतर हो रही है। दिल्ली में अब सिर्फ 10596 एक्टिस केस हैं, जबकि 122131 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। शनिवार को 1201 और लोग ठीक हुए। राजधानी में अब तक 3989 लोगों की जान गई है।
उत्तर प्रदेश में भी कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यहां 36037 सक्रिय मरीज हैं। इसके अलावा 51334 लोग ठीक हो चुके हैं। राज्य में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 1677 पहुंच गया है।

    नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के प्रसार को देखते हुए लॉकडाउन को फिर से बढ़ाकर 4 मई से 17 तक कर दिया गया है। इस अवधि में सामान्य गतिविधियों को लेकर नई गाइडलाइंस भी जारी की गई हैं। हालांकि, यह सिर्फ सीमित क्षेत्रों में ही लागू किया जाएगा। इसी के मद्देनजर गृह मंत्रालय द्वारा शराब की दुकानों के साथ ही पान की दुकानों को खोलने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

     इसमें यह कहा गया है कि शराब की दुकानों और पान की दुकानों को एक दूसरे से न्यूनतम छह फीट की दूरी सुनिश्चित करते हुए ग्रीन जोन में कार्य करने की अनुमति दी जाएगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि दुकान पर एक बार में 5 से अधिक व्यक्ति मौजूद न हों।
    केंद्र सरकार शुक्रवार (1 मई) को तीसरे चरण के लॉकडाउन की घोषणा की है। गृह मंत्रालय ने बताया है कि चार मई से अगले दो हफ्तों तक लॉकडाउन प्रभावी रहेगा। मंत्रालय ने कहा है कि कोविड 19 को लेकर देश में हालात की समीक्षा के बाद यह अहम फैसला किया गया है। केंद्र सरकार ने तीसरे चरण के लॉकडाउन की भी घोषणा कर दी है। गृह मंत्रालय ने बताया है कि चार मई से अगले दो हफ्तों तक लॉकडाउन प्रभावी रहेगा। मंत्रालय ने कहा है कि कोविड 19 को लेकर देश में हालात की समीक्षा के बाद यह अहम फैसला किया गया है।
    लॉकडाउन के तीसरे चरण के लिए नई गाइडलाइंस भी जारी की गई है। इस नई गाइडलाइंस में रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन में बांटे जिलों में होने वाली गतिविधियों को लेकर सूचना दी गई है। ग्रीन और ऑरेंज जोन वाले जिलों को लॉकडाउन के दौरान कुछ रियायतें दी गई हैं। ग्रीन जोन में वे जिले रखे गए हैं, जहां पिछले 21 दिनों से कोई नया केस नहीं मिलेगा। गृह मंत्रालय ने कहा है कि मौजूदा समय में जिन गतिविधियों के लिए अनुमति मिली है, उसके लिए अलग से कोई अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। 
    गृहमंत्रालय ने शुक्रवार को जारी आदेश में कहा है कि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत अधिकारों का प्रयोग करते हुए लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा की गई है। रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन के जिलों के बारे में स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से साप्ताहिक आधार पर संबंधित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सूचना दी जाएगी।
   बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में 24 मार्च को पहली बार 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की थी। 14 अप्रैल को प्रथम चरण का लॉकडाउन खत्म होने पर फिर से उसे बढ़ाकर तीन मई तक कर दिया गया था। मगर कोविड 19 का खतरा नहीं टलने के कारण केंद्र सरकार ने अब तीसरे चरण के लॉकडाउन की घोषणा की है। हालांकि तीसरे चरण में रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन में जिलों  को बांटा जाएगा।

21 दिनों का पहला लॉकडाउन 24 मार्च से 14 अप्रैल तक चला। 18 दिनों का दूसरा लॉकडाउन 3 मई तक चलेगा। इस बीच सबके मन में यही सवाल है कि क्या देश में लॉकडाउन 3 भी होगा? हालांकि, केंद्र सरकार ने इस पर अभी कोई फैसला नहीं लिया है, लेकिन कई राज्यों ने लॉकडाउन बढ़ाने की अपील की है। ध्यान रहे कि पहला लॉकडाउन खत्म होने से पहले भी राज्यों ने इसी तरह लॉकडाउन बढ़ाने की गुजारिश की थी और केंद्र सरकार ने सभी की सलाह को मानते हुए देशवासियों को 3 मई तक घरों में ही रहने को कहा था।

इन राज्यों ने की है अपील
दिल्ली सहित छह बड़े राज्यों ने लॉकडाउन को 3 मई से आगे बढ़ाने की इच्छा जाहिर की है। दिल्ली सरकार ने कहा है कि लॉकडाउन को 16 मई तक बढ़ाया जाए। वहीं, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पंजाब और ओडिशा ने अपने राज्यों के हॉटस्पॉट पर प्रतिबंध को 3 मई के बाद भी जारी रखने के संकेत दिए हैं। वहीं, तेलंगाना ने तो लॉकडाउन को पहले ही 7 मई तक बढ़ा दिया है।
इन राज्यों को पीएम के फैसले का इंतजार
हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और गुजरात ने कहा है कि वे केंद्र सरकार की ओर दिशा-निर्देश का इंतजार कर रहे हैं और केंद्र सरकार जैसा कहेगी उसी मुताबिक आगे बढ़ेंगे। वहीं बिहार, असम, केरल की सरकारों ने कहा है कि वे पीएम नरेंद्र मोदी के साथ सोमवार को चर्चा के बाद लॉकडाउन पर कोई फैसला करेंगे। 
कुछ राज्यों में मिल सकती है छूट
जानकारों के मुताबिक, सरकार इस बार लॉकडाउन का फैसला राज्य सरकारों पर भी छोड़ सकती है। माना जा रहा है कि जिन राज्यों में केस काफी कम हैं वहां प्रतिबंधों में ढील दी जा सकती है। ऐसे कई राज्य हैं जहां कोरोना केसों की संख्या अभी भी कुछ दर्जन तक सीमित है और अधिकतर केस कुछ ही जिलों में सिमटे हैं। ऐसे राज्यों को कंटेनमेंट जोन के अलावा अन्य जगहों पर लोगों के घर से निकलने और कामकाज करने की इजाजत दी जा सकती है। हालांकि, सोशल डिस्टेंशिंग और मास्क आदि की अनिवार्यता अभी बरकरार रखी जाएगी। राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक आयोजनों पर रोक पहले की तरह जारी रखी जाएगी।
सोमवार को हो सकता है फैसला
आगे की रणनीति बनाने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ विचार विमर्श शुरू कर दिया है। कैबिनेट सचिव राजीव गाबा ने शनिवार को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और डीजीपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बात की। उन्होंने गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार आर्थिक गतिविधियों की बहाली, प्रवासी मजदूरों के मुद्दे और विदेशों में फंसे हुए भारतीयों को लेकर चर्चा की। अब सोमवार को पीएम नरेंद्र मोदी राज्य सरकारों से बातचीत करने के बाद अंतिम फैसला लेंगे। 
दिल्ली में 16 मई तक बढ़ सकता है लॉकडाउन
माना जा रहा है कि यदि केंद्र सरकार ने राज्यों पर फैसला छोड़ा तो दिल्ली में केजरीवाल सरकार लॉकडाउन को 16 मई तक बढ़ा सकती है। कोविड-19 से निपटने के लिए दिल्ली सरकार की ओर से गठित समिति के अध्यक्ष डॉ एसके सरीन ने शनिवार (25 अप्रैल) को कहा, ''भारत में अभी भी महामारी का ग्राफ चढ़ रहा है इसलिए प्रतिंबधों में ढील देने का मतलब है कि मामलों में बेतहाशा वृद्धि हो जाएगी। दिल्ली में निषिद्ध क्षेत्रों की संख्या काफी है इसलिए इसका विस्तार करना समझदारी होगी। लॉकडाउन को 16 मई तक बढ़ाना होगा।''
महाराष्ट्र सरकार 15 दिन बढ़ा सकती है लॉकडाउन
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार 3 मई के बाद भी मुंबई और पुणे में लॉकडाउन का विस्तार कर सकती है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने एचटी मिंट से कहा कि अगर कोरोनो वायरस का प्रसार कम नहीं हुआ, तो लॉकडाउन को आगे बढ़ाने की आवश्यकता होगी। टोपे ने मिंट को बताया, "लॉकडाउन को लागू करने का मुख्य उद्देश्य कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकना था और अगर ये नहीं रुकता है, तो हमें लॉकडाउन का विस्तार करना होगा।" उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हो, तो हम 3 मई के बाद 15 दिनों के लिए लॉकडाउन का विस्तार केवल जरूरी जगहों पर करेंगे।

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने शनिवार (25 अप्रैल) को कहा कि राज्य में लॉकडाउन के नियमों में तीन मई तक कोई बदलाव नहीं होगा। टोपे ने कहा कि दुकानों को खोलने के संबंध में केन्द्र की ओर से जारी नए आदेश में कोई स्पष्टता नहीं है। उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री के साथ सोमवार को वीडियो कांफ्रेंस के बाद चीजें स्पष्ट होंगी।" मंत्री ने कहा, ''हमें केन्द्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। लेकिन लॉकडाउन के नियमों में तीन मई तक और कोई छूट नहीं दी जाएगी।" टोपे ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ बैठक में प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजने का मुद्दा भी उठाया जाएगा।
महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के 7628 मामले, 323 की मौत
महाराष्ट्र वैश्विक महामारी कोरोना वायरस 'कोविड-19' के आगे बेबस नजर होता नजर आ रहा। राज्य में शनिवार (25 अप्रैल) को 811 नए मामले सामने आए और कुल संक्रमितों की संख्या 7628 पर पहुंच गई है। इस दौरान 22 मरीजों की मौत से इस संक्रमण से मरने वालों की संख्या 323 हो गई है। राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की तरफ से शनिवार शाम यह जानकारी दी गई। देश की वाणिज्यिक नगरी मुंबई का बुरा हाल है। पिछले 24 घंटों में 281 नए मामलों से कुल संक्रमितों की संख्या 4870 पर पहुंच गई, जबकि इस दौरान 12 और की मौत हो जाने से मृतक 191 हो गए।

भोपाल, वैश्विक महामारी कोरोना के कारण इस बार मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में पवित्र रमजान माह में ऐतिहासिक किले से रोजा खोलने एवं सहरी के लिए बारूद भरकर तोप चलाने की चली आ रही वर्षों पुरानी परम्परा भी बाधित होगी। रमजान का पवित्र माह 25 अप्रैल से शुरू हो रहा है। कोरोना महामारी के चलते मुस्लिम त्यौहार कमेटी ने मुस्लिम भाइयों से राय सलाह कर इस बार तोप नही चलाने का निर्णय लिया है। बल्कि मस्जिदों की जगह घर में ही नमाज पढ़ने की भी अपील की है।
मुस्लिम त्यौहार कमेटी के अध्यक्ष यामीन मोहम्मद ने बताया कि रमजान माह में चली आ रही वर्षों पुरानी परम्परा के अनुसार रमजान के माह में तोप की गर्जना सुनकर करीब 50 गांव के लोग प्रति वर्ष आने वाले  रमजान माह में रोजा खोलते हैं।  रमजान के पवित्र माह में राजधानी भोपाल से सटे रायसेन जिला मुख्यालय पर हर वर्ष तोप की गर्जना के साथ मुसलमान बंधु सहरी और रोजा अफतारी करते आ रहे हैं। यह देश में अपनी तरह की यह अनूठी परंपरा है। इस परंपरा को जिला प्रशासन ने भी बरकरार रखा।
जिला कलेक्टर द्वारा प्रति वर्ष तोप चलाने और बारूद खरीदने कि विधिवत लिखित अनुमति मुस्लिम त्यौहार कमेटी को रमजान माह में सीमित समयावधि के लिए प्रदान की जाती है। जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक किले की पहाड़ी पर एक नियत स्थान है। जहां रमजान माह प्रारम्भ होने के एक दिन पहले प्रशासन की अभिरक्षा में रखी तोप को मुस्लिम त्यौहार कमेटी के सदस्य लेकर जाते हैं।
भोपाल स्टेट के आखिरी नबाव हमीदुल्लाह खान द्वारा यह तोप रायसेन के मुसलमानों को दान में दी गई थी। इस तोप में लगभग दो सौ ग्राम बारूद का प्रयोग किया जाता है। रियासत के नबावी शासन काल से ही यहां रमजान माह में तोप सहरी का संकेत देती आ रही है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस तोप का पहला लाइसेन्स सबसे पहले वर्ष 1956 में तत्कालीन कलेक्टर बदरे आलम ने जारी किया था। रमजान माह के बाद इस तोप को विधिवत कलेक्ट्रेट के मालखाने में जमा करा दी जाती है। रमजान माह में अलसुबह होने वाली सहरी की सूचना नगाड़ा बजाकर देने की भी अनूठी परंपरा रही है। पांच सौ फीट ऊंची किले की पहाड़ी से यह तोप रात के सन्नाटों को चीरती नगाड़ों की आवाजों से आसपास के लगभग पचास गांव के रोजेदारों को इस वर्ष नही जगाएगी।
महत्वपूर्ण बात यह भी है कि ईद का चाँद दिखने का जितना इंतजार देश के रोजेदारों को होता है, उतना ही इंतजार ईद का चाँद दिखने के साथ ही उस दिन विशेष रूप से लगभग दस बार तोप चलाकर चांद दिखने का संकेत भी दिया जाता रहा है।


मुंबई। कोरोना वायरस दुनियाभर में कहर बरपा रहा है। सरकारें वायरस को फैलने से रोकने के लिए पूरी ताकत लगा रही हैं तो वैज्ञानिक इलाज और बचाव को लेकर शोध में जुटे हैं। छह भारतीय कंपनियां भी कोविड-19 से बचाने वाला वैक्सीन बनाने में जुटी हैं। एक बड़े भारतीय वैज्ञानिक ने यह जानकारी दी। हालांकि, इनके बाजार में आने में अभी समय लगेगा। 
करीब 70 वैक्सीन की जांच चल रही है और कम से कम तीन मानव पर क्लिनिकल ट्रायल स्टेज में पहुंची हैं। लेकिन 2021 से पहले इनके बाजार में आने की संभावना कम है। दुनिया में करीब 19 लाख लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं और 1 लाख 26 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। 
ट्रैन्स्लैशनल हेल्थ साइंस एंड टेक्नॉलजी इंस्टिट्यूट फरीदाबाद के एग्जीक्युटिव डायरेक्टर गगनदीप कांग ने कहा, 'जाइडस काडिला दो वैक्सीन पर काम कर रही है। इसके अलावा सीरम इंस्टीट्यूट, बायोलॉजिकल ई, भारत बायोटेक, इंडियन इम्यूनोलोजिकल्स और मायनवैक्स भी एक-एक वैक्सीन डिवेलप करने में जुटी हैं।'
अभूतपूर्व तेजी से काम
कांग कोलिशन फॉर एपिडेमिक प्रिपेयर्डनेस इनोवेशन (CEPI) के भी उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा, 'कोविड-19 के खिलाफ ग्लोबल वैक्सीन पर रिसर्च एंड डिवेलपमेंट स्केल और स्पीड के मानक पर अभूतपूर्व है। लेकिन यह बहुत जटिल प्रक्रिया है। इसके कई चरण होते हैं जिसमें कई चुनौतियां होती हैं। कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीन बनने में 10 साल का समय नहीं लगेगा जैसा कि अक्सर लगता है, लेकिन सुरक्षित, प्रभावी साबित करने और सबके लिए सुलभ बनाने में एक साल का समय तो लगेगा।'

वैक्सीन बनाने में लग जाते हैं सालों
केरल में राजीव गांधी सेंटर फॉर बोयोटेक्नॉलजी के मुख्य वैज्ञानिक ई. श्रीकुमार कहते हैं, 'वैक्सीन डिवेलपमेंट बहुत लंबी प्रक्रिया है, जिसमें अक्सर सालों लग जाते हैं, इसमें बहुत सी चुनौतियां होती हैं।' हैदराबाद में सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मोलिक्युलर बायोलॉजी के डायरेक्टर राकेश मिश्रा ने कहा, 'आमतौर पर वैक्सीन को अलग-अलग स्टेज से गुजरने में कई महीने लग जाते हैं। हम उम्मीद नहीं कर रहे हैं कि इस साल वैक्सीन आएगा।' मानव पर परीक्षण से पहले वैक्सीन की लैब टेस्टिंग पर जानवरों पर ट्रायल होता है। श्रीकुमार कहते हैं कि मानव पर परीक्षण के भी कई फेज होते हैं।  

इस बार लाॅक डाऊन के नियम सख्त होंगे- पीएम

देशभर में जारी कोरोना कहर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशव्यापी लॉकडाउन की अवधि को 3 मई तक बढ़ाने का फैसला लिया है। कोरोना वायरस लॉकडाउन के 21वें दिन देश के नाम संबोधन में मंगलवार को सुबह 10 बजे पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए देश में 3 मई तक लॉकडाउन जारी रहेगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि 20 अप्रैल के बाद कुछ सीमित सेक्टर्स में सशर्त सीमित छूट दी जा सकती है। मगर कोरोना वायरस के मामलों में कमी नहीं दिखने पर इसे वापस ले लिया जाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि देश पूरी मजबूती के साथ कोरोना वायरस महामारी से लड़ रहा है। जिस तरह से देशवासियों ने त्याग और तपस्या का परिचय दिया है, वह कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अहम है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए 24 मार्च को 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी, जिसकी अवधि मंगलवार यानी आज खत्म हो रही है।

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना जिस तेजी से फैल रहा है उसने दुनियाभर में सरकारों और हेल्थ एक्सपर्टों को और ज्यादा सतर्क कर दिया है। भारत में कोरोना के खिलाफ लड़ाई अब आगे कैसे बढ़े, हम विजयी कैसे हों, हमारा नुकसान कैसे हो, लोगों की दिक्कतें कैसे कम हो, इन बातों को लेकर राज्यों के साथ मैंने निरंतर चर्चाएं की हैं। सबका यही सुझाव यही आता है कि लॉकडाउन को बढ़ाया जाए। कई राज्यों ने पहले ही लॉकडाउन को बढ़ाने का फैसला कर चुके हैं। उन्होंने आगे कहा कि सारे सुझावों को ध्यान में रखते हुए ये तय किया गया है कि भारत में लॉकडाउन को अब 3 मई तक और बढ़ाना पड़ेगा, यानी 3 मई तक हम सभी को, हर देशवासी को लॉकडाउन में ही रहना होगा। इस दौरान हमें अनुशासन का उसी तरह पालन करना है जैसे हम करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरी सभी देशवासियों से ये प्रार्थना है कि अब कोरोना को हमें किसी भी कीमत पर नए क्षेत्रों में फैलने नहीं देना है। स्थानीय स्तर पर अब एक भी मरीज बढ़ता है तो ये हमारे लिए चिंता का विषय होना चाहिए। 
पीएम मोदी ने कहा कि मेरी सभी देशवासियों से ये प्रार्थना है कि अब कोरोना वायरस को हमें किसी भी कीमत पर नए क्षेत्रों में फैलने नहीं देना है। स्थानीय स्तर पर अब एक भी मरीज बढ़ता है तो ये हमारे लिए चिंता का विषय होना चाहिए। इसलिए हमें हॉटस्पॉट (Hotspots) को लेकर बहुत ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी। जिन स्थानों के हॉटस्पॉट में बदलने की आशंका है उस पर भी हमें कड़ी नजर रखनी होगी। नए हॉटस्पॉट का बनना, हमारे परिश्रम और हमारी तपस्या को और चुनौती देगा। 
20 अप्रैल बाद कुछ छूट संभव
पीएम मोदी ने कहा कि अगले एक सप्ताह में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में कठोरता और ज्यादा बढ़ाई जाएगी। 20 अप्रैल तक हर कस्बे, हर थाने, हर जिले, हर राज्य को परखा जाएगा, वहां लॉकडाउन का कितना पालन हो रहा है, उस क्षेत्र ने कोरोना से खुद को कितना बचाया है, ये देखा जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि जो क्षेत्र इस अग्निपरीक्षा में सफल होंगे, जो हॉटस्पॉट में नहीं होंगे और जिनके हॉटस्पॉट में बदलने की आशंका भी कम होगी, वहां पर 20 अप्रैल से कुछ जरूरी गतिविधियों की अनुमति दी जा सकती है। इसलिए, न खुद कोई लापरवाही करनी है और न ही किसी और को लापरवाही करने देना है। कल इस बारे में सरकार की तरफ से एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की जाएगी। 
रोज कमाई करने वाले मेरा परिवार
पीएम मोदी ने कहा कि जो रोज कमाते हैं, रोज की कमाई से अपनी जरूरतें पूरी करते हैं, वो मेरा परिवार हैं। मेरी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में एक इनके जीवन में आई मुश्किल को कम करना है। अब नई गाइडलइंस बनाते समय भी उनके हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। इस समय रबी फसल की कटाई का काम भी जारी है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारें मिलकर प्रयास कर रही हैं कि किसानों को कम से कम दिक्कत हो। 
भारत में एक ला्ख से अधिक बेड
उन्होंने कहा कि हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर भी हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। जहां जनवरी में हमारे पास कोरोना की जांच के लिए सिर्फ एक लैब थी, वहीं अब 220 से अधिक लैब्स में टेस्टिंग का काम हो रहा है। भारत में आज हम एक लाख से अधिक बेड की व्यवस्था कर चुके हैं। इतना ही नहीं, 600 से भी अधिक ऐसे अस्पताल हैं, जो सिर्फ कोविड के इलाज के लिए काम कर रहे हैं। इन सुविधाओं को और तेजी से बढ़ाया जा रहा है। 
देश के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि नमस्ते मेरे प्यारे देशवासियों, कोरोना वैश्विक महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई काफी मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। आप सभी देशवासियों की तपस्या, आपके त्याग की वजह से भारत अब तक कोरोना से होने वाले नुकसान को काफी हद तक टालने में सफल रहा है। आप लोगों ने कष्ट सहकर भी अपने देश को बचाया है। हमारे इस भारतवर्ष को बचाया है। मैं जानता हूं आपको कितनी दिक्कतें आई हैं। किसी को खाने की परेशानी, किसी को आने-जाने की परेशानी, तो कोई घर-परिवार से दूर है, लेकिन आप देश की खातिर एक अनुशासित सिपाही की तरह अपने कर्तव्य निभा रहे हैं। मैं आप सबको आदरपूर्वक नमन करता हूं। 
पीएम मोदी ने कहा कि साथियों, आज पूरे विश्व में कोरोना की जो स्थिति है, हम सब उससे परिचित हैं। अन्य देशों के मुकाबले भारत ने कैसे अपने यहां संक्रमण को रोकने के प्रयास किए, आप इसके सहभागी भी रहे हैं और साक्षी भी। जब हमारे यहां कोरोना का एक भी केस नहीं था, उससे पहले ही भारत ने कोरोना प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी थी। कोरोना के मरीज 100 तक पहुंचे, उससे पहले विदेश से आए हर यात्रियों के लिए भारत ने 14 दिनों का आइसोलेशन शुरू कर दिया था। मॉल, जिम आदि को बंद कर दिया गया। 
 उन्होंने कहा कि जब हमारे यहां कोरोना के 550 केस थे, तभी भारत ने 21 दिन के संपूर्ण भारत के लॉकडाउन का एक अहम और बड़ा कदम उठा लिया। हमने समस्या बढ़ने का इंतजार नहीं किया, बल्कि जैसे ही दिखी उसी समय उसे रोकने का प्रयास किया। 
पीएम मोदी ने कहा हा कि वैसे यह ऐसा संकट है, जिसमें किसी भी देश के साथ उचित नहीं है। मगर फिर भी कुछ सच्चाइयों को नकार नहीं सकते। ये भी एक सच्चाई है कि दुनिया के सामर्थ्यवान देशों की तुलना करें तो भारत आज बहुत ही संभली हुई स्थिति में है। महीना-डेढ़ महीना पहले कई देश कोरोना संक्रमण के मामले में एक तरह से भारत के बराबर खड़े थे। आज उन देशों में भारत की तुलना में कोरोना के केस 25 से 30 गुना बढ़ गए हैं। उन देशों में हजारों लोगों की मौत हो चुकी है। भारत ने सही अप्रोच नहीं दिखाया होता और सही फैसले नहीं लिए होते तो आज भारत की स्थिति क्या होती, इसकी कल्पना करते ही रोएं खड़े हो जाते हैं। मगर बीते दिनों के अनुभवों से यह साफ है कि हमने जो रास्ता चुना है, आज की स्थिति में वही हमारे लिए सही है। 
उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन का लाभ देश को मिला है। सिर्फ आर्थिक दृष्टि से देखें तो यह महंगा जरूर लगता है, मगर भारतवासी की जिंदगी के आगे इसकी कोई तुलना नहीं हो सकती। सीमित संसाधनों के बीच भारत जिस मार्ग पर चला है, उस मार्ग की चर्चा आज दुनियाभर में हो रही है। 
सरकारी कामकाज शुरू होने की उम्मीद : सरकारी विभागों में शीर्ष स्तर पर शुरू हो चुके कामकाज को इसी दिशा में उठाया कदम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, आवश्यक सेवाएं और कृषि संबंधी गतिविधियां अभी लॉकडाउन के दायरे में नहीं हैं। इन सेवाओं में कुछ और कार्य शामिल हो सकते हैं। साथ ही कई सरकारी सेवाएं ऑनलाइन शुरू की जा सकती हैं।
कौन-कौन राज्य कर चुके हैं लॉकडाउन का ऐलान : पंजाब, ओडिशा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना व पश्चिम बंगाल कोरोना लॉकडाउन 30 अप्रैल तक बढ़ाने का फैसला लागू कर चुके हैं। इसके अलावा आठ राज्यों में इसके लिए पूरी तैयारी चल रही है।
देश में कोरोना की स्थिति
भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण का मामला लगातार बढ़ रहा है। देश में पिछले 24 घंटे में 1211 मामले सामने आने के बाद कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 10363 हो गई है। वहीं, पिछले 24 घंटे में कोरोना से 31 लोगों की मौत हुई है, जिससे कोविड-19 महामारी से मरने वालों का आंकड़ा 339 पहुंच गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना वायरस के कुल 10363 मामलों में से 8988 एक्टिव केस हैं। इसके अलावा, 1035 लोग पूरी तरह से ठीक हो गए हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मंगलवार सुबह 8 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना वायरस से सर्वाधिक 160 लोगों की मौत महाराष्ट्र में हुई। यहां अब इस महामारी से पीड़ितों की संख्या 2711 हो गई है।

कोरोना: दिल्ली में मरकज के मौलाना साद के ठिकाने का चल गया पता, पुलिस इस वजह से एक्शन में कर रही देरी

नई दिल्ली, देश में कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच तबलीगी जमात के मरकज में हुई बड़ी लापरवाही को लेकर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता हाथ लगी है। माना जा रहा है कि क्राइम ब्रांच ने मरकज के मौलाना साद के उस ठिकाने का पता लगा लिया है, जहां वह छुपे हुए हैं। क्राइम ब्रांच सूत्रों के मुताबिक, मौलाना साद दिल्ली के जाकिर नगर में स्थित अपने घर में क्वारंटाइन हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि मौलाना साद से अभी पूछताछ नहीं कर सकती है। दरअसल, जमात से जुड़े अधिकतर लोगों में जिस तरह से कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है, उससे यह भी आशंका है कि मौलाना साद भी कोरोना की चपेट में न आ गए हों। इसलिए एहतियातन क्राइम ब्रांच अभी मौलाना साद के क्वारंटाइन अवधि के पूरा होने का इंतजार कर रही है।
मौलाना साद से फिलहाल पूछताछ संभव नहीं:
निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के कोरोना संक्रमण को लेकर बरती गई बड़ी लापरवाही का खुलासा होने के बाद नामदज किए गए मरकज प्रमुख मौलाना साद समेत प्रबंधन से जुड़े कुल लोग दिल्ली में ही अपने-अपने घरों में होम क्वारंटाइन हैं। मामले की जांच में जुटी क्राइम ब्रांच सूत्रों की मानें तो कोई फरार नहीं हुआ है। ऐसे में मौलाना साद से फिलहाल पूछताछ संभव नहीं है।
मौलाना साद से 26 सवालों के जवाब मांगे गए थे:
देश में सबसे बड़े कोरोना वायरस हॉटस्पॉट के रूप में उभरे दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज में हुई बड़ी लापरवाही के मुख्य आरोपी मौलाना साद और प्रबंधन से जुड़े पदाधिकारियों से क्राइम ब्रांच ने सवाल पूछे हैं। मौलाना साद के नाम से जारी नोटिस में 26 सवालों का जवाब पूरे विवरण के साथ मांगा है। संगठन के रजिस्ट्रेशन से लेकर उससे जुड़ी कई गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां शामिल हैं।
क्राइम ब्रांच ने अब तक 11 लोगों से पूछताछ की:
क्राइम ब्रांच ने मरकज से जुड़े जमात के 11 लोगों से पूछताछ की है। उनके जरिए जांच से जुड़े कुछ तथ्यों का पता लगाने का प्रयास किया गया। बरामद दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी के बारे में पूछताछ की गई। मरकज आने वाले लोगों की एंट्री के काम से जुड़े कर्मियों का ब्योरा भी लिया गया है। दरअसल पुलिस को शक है कि एंट्री से जुड़े कुछ दस्तावेज मिसिंग हैं। इसके अलावा कुछ महत्वपूर्ण जानकारी को लेकर क्रॉसचेक करना चाहती है।
एफआईआर में साद समेत सात के नाम : 
दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज में हुई इस बडी लापरवाही की जांच क्राइम बांच की टीम कर रही है। एफआईआर मौलाना साद समेत प्रबंधन से जुड़े कुल सात लोगों के नाम को शामिल किया गया है। यह एफआईआर निजामुद्दीन थाने के एसएचओ मुकेश वालिया की शिकायत पर की गई है। एफआईआर में मौलाना साद के अलावा डॉक्टर जीशान, मुफ़्ती शहजाद, मोहम्मद अशरफ, मुर्सलीन सैफ़ी, यूनिस, और मोहम्मद सलमान के नाम शामिल हैं।

नई दिल्ली। अल्पसंख्यक मामलों की केंद्रीय मंत्री नजमा हेपतुल्ला ने मंगलवार को बताया कि सरकार अल्पसंख्यक का दर्जा देने संबंधी यहूदियों की मांग पर विचार कर रही है। हेपतुल्ला ने बताया कि हाल ही में समुदाय के सदस्यों की ओर से मंत्रालय को इस आशय का एक प्रस्ताव मिला है। इसे कानून मंत्रालय समेत अन्य विभागों को विचार के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि देश में करीब पांच हजार यहूदी रह रहे हैं।
बता दें कि देश में इस समय छह समुदायों को अल्पसंख्यक का दर्जा हासिल हैं। इनमें मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, पारसी और जैन शामिल हैं। करीब 50 लाख की आबादी वाले जैन समुदाय को सबसे आखिर में जनवरी, 2014 में यह दर्जा दिया गया है।

बर्लिन: यूरोपीय संघ के एक अधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि पनामा और दूसरे देश धनशोधन एवं कर चोरी से लड़ने में पूरा सहयोग नहीं करते हैं तो उन्हें प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। यह बयान दरअसल बड़ी संख्या में वे आंकड़े जारी होने के बाद आया है, जिनमें पाया गया है कि यह छोटा सा देश धन छिपाने का इरादा रखने वाले लोगों के लिए अब भी एक प्रमुख ठिकाना बना हुआ है।
पनामा की विधि कंपनी मोसैक फोंसेका के 1.15 करोड़ दस्तावेजों में पाया गया कि उसने हजारों लोगों और कंपनियों को कम कर वाले देशों में छद्म कंपनियां खोलने और विदेशी खाते खोलने में मदद की। चूंकि ऐसे खाते अक्सर संपत्तियों के मालिक का नाम गुप्त रखते हैं, ऐसे में इन्हें कर से बचने, धनशोधन के लिए या रिश्वत देने के लिहाज से सबसे उपयुक्त जरिया माना जाता है।

कुल 28 देशों की सदस्यता वाले यूरोपीय संघ के आर्थिक मामलों के अध्यक्ष पियरे मोस्कोविकी ने कहा, ‘इस मामले में जो धनराशि, जिन लोगों के नाम और अधिकार क्षेत्रों की बात सामने आई है, वे वाकई चौंकाने वाले हैं।’ पनामा को यूरोपीय संघ ने एक ऐसे देश के रूप में सूचीबद्ध कर रखा है, जो कर मामलों में सहयोग नहीं कर रहे हैं। मोस्कोविकी ने पनामा से अपील की कि ‘‘वह इस संदर्भ में अपने रूख पर दोबारा सोचे।’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि वे बदलने से इंकार करते हैं तो यूरोपीय संघ को उन पर उपयुक्त प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार रहना चाहिए।’ इस प्रकरण के सामने आने के बाद आइसलैंड के नेता की कुर्सी जा चुकी है और अर्जेंटीना एवं यूक्रेन के राष्ट्रपतियों, चीन के वरिष्ठ नेताओं, मशहूर अभिनेताओं, खिलाड़ियों और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दोस्तों के लेन-देन को लेकर सवाल उठ चुके हैं। कुछ का आरोप है कि पुतिन को ऐसे खातों से अप्रत्यक्ष तौर पर लाभ पहुंचा है।

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