विधायक आयलानी का निवासस्थान परिसर सूखे की चपेट में
बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे नागरिक
क्यों रोजाना नहीं मिल रहा पीने का पानी?सपना गार्डन परिसर में पानी की भारी किल्लत
ULHAS VIKAS Hindi Daily By :- HERO ASHOK BODHA www.ulhasvikas.com (Editor in Chief) Latest Newspaper PDF click👇https://epaper.ulhasvikas.com/
बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे नागरिक
क्यों रोजाना नहीं मिल रहा पीने का पानी?सपना गार्डन परिसर में पानी की भारी किल्लत
डीसीएम ऑफिस में उप सचिव बनाये गए विकास ढाकने
मुंबई। पुणे, पिंपरी-चिंचवड़ और उल्हासनगर में इन्फ्रास्ट्रक्चर में सकारात्मक बदलाव लाने वाले उल्हासनगर मनपा के कमिश्नर विकास ढाकने को महाराष्ट्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए डीसीएम ऑफिस में उप सचिव बनाया है।
गौरतलब है कि इकोनॉमिक्स में मास्टर करने वाले विकास
बुनियादी ढांचे के 'एक्शन मैन' के रूप में जाने जाते हैं। 2008 बैच के सिविल सेवा अधिकारी, ढाकने की प्रशासनिक क्षमताओं के चलते यह निर्णय लिया गया है। ढाकने महाराष्ट्र शासन परिदृश्य में व्यापक अनुभव के लिए प्रसिद्ध हैं।
बता दें कि विकास ढाकने को उल्हासनगर में व्यापक परिवर्तन के लिए लाया गया था। पर सरकार ने इन्हें राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर में परिवर्तन के लिए डीसीएम ऑफिस में लाया। विकास ने हाल ही में उल्हासनगर में कमिश्नर का चार्ज लिया था, उन्होंने शहर के विकास के लिए व्यापक परिवर्तन करते हुए मिशन 50 शुरू किया था।
महानगरपालिका को लगी फटकार
उल्हासनगर। शहरवासियों को यह जानकारी होगी कि स्वर्गीय दादा हरदास ठारवानी ने सन 2013 में 19/2013 जनहित याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने सपना सिनेमा और होटल सैलेब्रिशन के विरुद्ध हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस संदर्भ में उल्हासनगर महानगरपालिका ने 24.5.2024 को सैलिब्रेशन इमारत और दो ब्रिज को तोड़ने का आदेश पारित किया था। इस आदेश के विरुद्ध महसूल व वन विभाग के सचिव के पास कोणार्क कंपनी ने अपील दाखिल की थी। इस मामले की सुनवाई आज बुधवार 9 अक्टूबर 2024 हाईकोर्ट में हुई। माननीय न्यायालय ने आदेश पर कहा कि दो इमारतों के बीच में बनाई गई ब्रिज जो दोनों अलग मालिकों की है वो कैसे कोई बना सकता है। माननीय उच्च न्यायालय ने महानगरपालिका को फटकार लगाते हुए कहा कि इस मामले को 12 वर्षों में क्यों नहीं पूरा किया गया। इसके साथ ही मंत्रालय के अपील अधिकारी को निर्देश दिया है कि 17 अक्टूबर 2024 तक इसी मामले में अंतिम निर्णय लिया जाएं और 24 अक्टूबर 2024 को इस निर्णय पर सुनवाई होगी। इस आदेश के बाद कोणार्क कंपनी की मुश्किल बढ़ गई है। सुना है कि इस संदर्भ में जहां यह इमारत बनी हुई है उस इमारत की सनद जांच के लिए पवाई स्थित उपविभागीय अधिकारी एसडीओ ने लिखित में दिया था कि हमारे कार्यालय से सीडी जांच के संदर्भ में कोई भी पत्र जारी नहीं किया गया है। स्वर्गीय दादा हरदास ठरवानी ने सत्र न्यायालय और मनपा आयुक्त को इस बात से अवगत भी कराया था। ऐसे में क्या इसमें धोखाधड़ी और नकली दस्तावेज का मामला भी सामने आएगा, यह देखना होगा। होटल सैलिब्रेशन के नीचे बनाए गए दुकानदारों ने भी उच्च न्यायालय के समक्ष इंटरवेंशन अपील दाखिल की थी और कहा था कि हमें भी सुना जाएं जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। इस मामले में कुछ दिनों पूर्व 4 सितंबर को तोड़क दस्ता तोड़ू कार्रवाई करने तो निकला था लेकिन किसी और अवैध निर्माण तोड़ने चला गया इस मामले में खबर मिली है कि मनपा आयुक्त ने संबंधित अधिकारी को शोकास नोटिस भी जारी किया है। अब देखना होगा मनपा आयुक्त श्री विकास ढाकणे क्या निर्णय लेते हैं क्योंकि सुना है कि उन्होंने भी कानूनी पढ़ाई की हुई है।