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बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे नागरिक
क्यों रोजाना नहीं मिल रहा पीने का पानी?
सपना गार्डन परिसर में पानी की भारी किल्लत
उल्हासनगर। उल्हासनगर शहर जोकि एक समस्या नगर बन चुका है उसे हल करने में स्थानीय नेता भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं। प्रशासन व नेता शहरवासियों को पानी, कचरा व सड़क जैसी प्रमुख सुविधा दिलाने में पूरी तरह फेल साबित हुए हैं। भाजपा विधायक कुमार आयलानी जिस परिसर में रहते हैं वहां के ही नागरिक इन दिनों बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। 
ज्ञात हो कि उल्हासनगर-3 स्थित सपना गार्डन परिसर में पिछले कई वर्षों से पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है। यहां पीने के पानी की कई लाइनें हैं जिनमें एक में रोजाना पानी आता है जो विशेष घरों में जाता है एक लाईन में कम पानी आता है जो एक दिन छोड़कर आता है और 3-4 ऐसी भी पुरानी लाईनें हैं जो पूरी तरह सुख चुकी है। पूर्व नगरसेवकों ने अपने परिसर में पानी खींचने के लिए बूस्टर भी लगाए हैं जिस कारण कई इलाकों में पानी नहीं मिल रहा है। इस परिसर के निवासी इसलिए भी त्रस्त हैं क्योंकि एक ब्लू लाईन है जिसमें पानी रोजाना नहीं आता है और अगर आता भी है तो केवल आधे घंटे के लिए ऐसे में हजारों की संख्या में नागरिक जो फ्लैटों में रहते हैं उन तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। सपना गार्डन परिसर के हरि कीर्तन दरबार से यूएमसी जाने वाली सड़क पर राजू सोसायटी सचो सतराम धाम आदि परिसर की सभी इमारतों में पानी की भारी किल्लत है। यहां रोजाना पानी नहीं आ रहा है। ज्ञात हो कि सपना गार्डन के समक्ष ही विधायक कुमार आयलानी रहते हैं लेकिन सूना गया है कि उनके लिए विशेष पानी की लाईन है जो इन परिसर के निवासियों के पास उपलब्ध नहीं है। यानी दिया तले अंधेरे शहर के एक मात्र जनप्रतिनिधि उनके निवास्थान परिसर में सूखा पड़ा है तो उल्हासनगर विधानसभा क्षेत्र की क्या हालत होगी यह तो जनता को नजर ही आ रहा है। इस परिसर के निवासियों ने मांग की है कि जो ब्लू लाइन में एक ही दिन पानी दिया जाता है उसे रोजाना किया जाए और इस परिसर में कम से कम 2 घंटे तक पानी मुहैया कराया जाए ताकि सभी निवासियों तक पानी पहुंच सके। पानी पुरवठा अधिकारियों से भी इस तरह की मांग की गई बावजूद यह परिसर सूखे की चपेट में है।

 डीसीएम ऑफिस में उप सचिव बनाये गए विकास ढाकने

मुंबई। पुणे, पिंपरी-चिंचवड़  और उल्हासनगर में इन्फ्रास्ट्रक्चर में सकारात्मक बदलाव लाने वाले उल्हासनगर मनपा के कमिश्नर विकास ढाकने को महाराष्ट्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए डीसीएम ऑफिस में उप सचिव बनाया है।

गौरतलब है कि इकोनॉमिक्स में मास्टर करने वाले विकास

बुनियादी ढांचे के 'एक्शन मैन' के रूप में जाने जाते हैं। 2008 बैच के सिविल सेवा अधिकारी, ढाकने की प्रशासनिक क्षमताओं के चलते यह निर्णय लिया गया है। ढाकने महाराष्ट्र शासन परिदृश्य में व्यापक अनुभव के लिए प्रसिद्ध हैं।

बता दें कि विकास ढाकने को उल्हासनगर में व्यापक परिवर्तन के लिए लाया गया था। पर सरकार ने इन्हें राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर में परिवर्तन के लिए डीसीएम ऑफिस में लाया। विकास ने हाल ही में उल्हासनगर में कमिश्नर का चार्ज लिया था, उन्होंने शहर के विकास के लिए व्यापक परिवर्तन करते हुए मिशन 50 शुरू किया था।

महानगरपालिका को लगी फटकार

उल्हासनगर। शहरवासियों को यह जानकारी होगी कि स्वर्गीय दादा हरदास ठारवानी ने सन 2013 में 19/2013 जनहित याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने सपना सिनेमा और होटल सैलेब्रिशन के विरुद्ध हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस संदर्भ में उल्हासनगर महानगरपालिका ने 24.5.2024 को सैलिब्रेशन इमारत और दो ब्रिज को तोड़ने का आदेश पारित किया था। इस आदेश के विरुद्ध महसूल व वन विभाग के सचिव के पास कोणार्क कंपनी ने अपील दाखिल की थी। इस मामले की सुनवाई आज बुधवार 9 अक्टूबर 2024 हाईकोर्ट में हुई। माननीय न्यायालय ने आदेश पर कहा कि दो इमारतों के बीच में बनाई गई ब्रिज जो दोनों अलग मालिकों की है वो कैसे कोई बना सकता है। माननीय उच्च न्यायालय ने महानगरपालिका को फटकार लगाते हुए कहा कि इस मामले को 12 वर्षों में क्यों नहीं पूरा किया गया। इसके साथ ही मंत्रालय के अपील अधिकारी को निर्देश दिया है कि 17 अक्टूबर 2024 तक इसी मामले में अंतिम निर्णय लिया जाएं और 24 अक्टूबर 2024 को इस निर्णय पर सुनवाई होगी। इस आदेश के बाद कोणार्क कंपनी की मुश्किल बढ़ गई है। सुना है कि इस संदर्भ में जहां यह इमारत बनी हुई है उस इमारत की सनद जांच के लिए पवाई स्थित उपविभागीय अधिकारी एसडीओ ने लिखित में दिया था कि हमारे कार्यालय से सीडी जांच के संदर्भ में कोई भी पत्र जारी नहीं किया गया है। स्वर्गीय दादा हरदास ठरवानी ने सत्र न्यायालय और मनपा आयुक्त को इस बात से अवगत भी कराया था। ऐसे में क्या इसमें धोखाधड़ी और नकली दस्तावेज का मामला भी सामने आएगा, यह देखना होगा। होटल सैलिब्रेशन के नीचे बनाए गए दुकानदारों ने भी उच्च न्यायालय के समक्ष इंटरवेंशन अपील दाखिल की थी और कहा था कि हमें भी सुना जाएं जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। इस मामले में कुछ दिनों पूर्व 4 सितंबर को तोड़क दस्ता तोड़ू कार्रवाई करने तो निकला था लेकिन किसी और अवैध निर्माण तोड़ने चला गया इस मामले में खबर मिली है कि मनपा आयुक्त ने संबंधित अधिकारी को शोकास नोटिस भी जारी किया है। अब देखना होगा मनपा आयुक्त श्री विकास ढाकणे क्या निर्णय लेते हैं क्योंकि सुना है कि उन्होंने भी कानूनी पढ़ाई की हुई है।





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