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 गिराई जाएगी 16 मंजिला झलक पैराडाइज

हाईकोर्ट ने दिया आदेश

नियमों को ताक में रखकर टीपी मुले ने दी थी मंजूरी

मनपा अधिकारियों पर भी हो सकती है कार्रवाई

80 प्रतिशत सड़क पर बनी है 16 मंजिला इमारत


उल्हासनगर। उल्हासनगर शहर में बिल्डरों द्वारा नियमों का उल्लंघन व मनपा अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर इमारतें तो बनाई जा रही है लेकिन उसका खामियाजा भविष्य में फ्लैट धारकों को भुगतना करना पड़ता है। ऐसे ही एक ऐतिहासिक निर्णय अगस्त 2024 में हुआ था जहां तत्कालीन आयुक्त अजीज शेख ने शहर की सबसे ऊंची 16 मंजिला इमारत को तोड़ने का आदेश जारी किया था। बिल्डर ने इस आदेश पर स्थगन आदेश लाए थे लेकिन माननीय न्यायालय ने बुधवार को इसे तोड़ने का आदेश दे दिया है। अब बिल्डर को सुप्रीम कोर्ट इस आदेश के विरुद्ध जाना होगा। क्या उससे पूर्व मनपा आयुक्त मनिषा आव्हाले इसे तोड़ने का आदेश जारी करेगी। इस आदेश के आने के बाद बिल्डर लाॅबी में खलबली मच गई है।


कल आया नया आदेश

बुधवार को मुंबई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश श्री गडकरी व श्री कमल काथा की अदालत में 14342/24 सी.नं. 4 में इसी इमारत का मामला चला जहां बिल्डर की तरफ से श्री गिरीश अग्रवाल। इस मामले में टीपी ललित कोपरखडे ने यह हलफनामा दिया है कि 80 प्रतिशत इमारत डीपी रास्ते में बाधा डाल रही है। आखिरकार माननीय न्यायाधीश ने आदेश जारी किया है कि इस इमारत को पूरी तरह जमींदोज किया जाएं। अब इस पर मनपा कार्रवाई करेगी अथवा बिल्डर खुद इसे तोड़ेंगे यह देखने वाली बात होगी। लेकिन बिल्डर के सारी बातों को न्यायालय ने खारिज कर दिया है।


कुछ इस तरह का आदेश 2024 में आया था

ज्ञात हो कि उल्हासनगर-5 स्थित बैरक नं. 2112 रुम 1 से 4 तक झलक कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा 16 मंजिल की इमारत बनाई है। उसमें कुल 65 फ्लैट और 4 दुकानें हैं। यह इमारत 36 मीटर रिंग रोड और 24 मीटर डीपी रोड में बनाई गई है। इस इमारत को इसी कारण तत्कालीन टीपी प्रकाश मुले ने 12.9.2023 को स्टे दिया था। मनपा ने इस आदेश के विरुद्ध झलक बिल्डर मुंबई हाईकोर्ट में रिट याचिका नं. 1694 दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान मनपा के वकील ने कहा कि हम बिल्डर को अपना पक्ष रखने का एक मौका देंगे। हाईकोर्ट ने. 30.4.2024 को आदेश पारित करके मनपा को निर्देश दिया कि 6 हफ्तों के भीतर इस इमारत पर अंतिम इमारत पर अंतिम निर्णय दिया जाए. आदेश की अमलबजावणी करते हुए मनपा टीपी विभाग द्वारा बिल्डर को सुनवाई का मौका दिया गया परंतु बिल्डर अपना बचाव करने में असमर्थ हुआ। अंत में मनपा आयुक्त अजीज शेख ने आदेश नं. 44/19/112 जि.16.8.2024 द्वारा बिल्डर को 36 मीटर और 24 मीटर में बनाए गए हिस्से को और इसके अलावा 1426 चौरस फीट क्षेत्र को तोड़ने का आदेश दिया है। बिल्डर को 9.70 मीटर मार्जिन छोड़ना था परंतु उसने सिर्फ 3 मीटर ही छोड़ा है। आदेश में लिखा है कि 80 प्रतिशत इमारत डीपी रास्ते में बाधा डाल रही है।



उल्हासनगर। उल्हासनगर महानगरपालिका की बजट आम सभा में शहर की मूलभूत सुविधा शहरवासियों को दिलाने और बच्चों को छुट्टियों के दिनों में खेल कूद और स्विमिंग पुल जैसी सुविधा दिलाने के लिए जोर दिया गया। पैनल 16 से भाजपा नगरसेवक शंकर शंकर लुंड ने आम सभा में मनपा आयुक्त का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा है कि उल्हासनगर शहर में मनपा मुख्यालय के पीछे सिर्फ एक ही स्विमिंग पूल है और वह भी बीओटी के सिद्धांत पर दिया गया है। इसलिए, BJP पार्षद शेरी लुंड ने कैंप 4 और 5 के लोगों के लिए स्विमिंग पूल बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि स्विमिंग एक अच्छी एक्सरसाइज है और रीढ़ की हड्डी की सेहत के लिए भी फायदेमंद है। 

 

सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश). दिसंबर की सर्द हवा जब अपने पूर्ण असर में हो, ऐसे समय किसी जरूरतमंद को गर्माहट देकर उसका मन हल्का कर देना—यही संवेदना सुल्तानपुर के दिखौली ग्राम में उस क्षण जीवंत हो उठी, जब परोपकार सेवा समिति दिखौली द्वारा पत्रकार गुरुप्रसाद सिंह के माता–पिता स्व. मूल प्रताप सिंह और स्व. तालुका देवी की पुण्यतिथि पर साड़ी और कंबल वितरण का भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। गाँव के नीलकंठ महादेव, लक्ष्मी एवं गणेश मंदिर परिसर में सुबह से ही लोगों का आना-जाना शुरू हो गया था, और वातावरण में ऐसी आत्मीयता घुली हुई थी जिसने पूरे आयोजन को परिवार के उत्सव जैसा रूप दे दिया।
कार्यक्रम में गाँव के अधिकांश गणमान्य नागरिक, बुजुर्ग, महिलाएँ और युवा बड़ी संख्या में मौजूद थे। मुंबई से आए समाजसेवी हनुमान शुक्ला ने जब जरूरतमंदों के हाथों में कंबल और साड़ी थमाई, तो अनेक चेहरे आत्मिक संतोष से चमक उठे। उनके साथ काका ओंकारनाथ सिंह, काका ननकू सिंह, बब्बन सिंह, पूर्व लेखपाल कपिलदेव सिंह, दिलीप सिंह, पूर्व प्रधान अमरजीत गोसाईं, संतोष सिंह, अजय सिंह, गिरजेश सिंह, पूर्व बीडीसी अजय सिंह, ठाकुर शेषनाथ सिंह, रंजीत सिंह, लालबहादुर सिंह, भाने सिंह, फूदी सिंह, हरदेव सिंह, संजय सिंह, सुमित सिंह, सोहम सिंह, पंडित पांडेय महाराज, पन्नालाल धईकार, समाजसेवी विवेक सिंह, राजेश सिंह, शिवाकांत पाण्डेय, मिलहू पंडित, दिलीप सिंह, कप्तान सिंह समेत अनेक सम्मानित ग्रामीणों ने भी अपने कर-कमलों से वस्त्रदान में सहभागिता निभाई।
महिला शक्ति की ओर से वीना जीपी सिंह, केश कुमारी बब्बन सिंह और अखिलेश संजय सिंह की उपस्थिति ने पूरे आयोजन को और अधिक सौहार्दपूर्ण बना दिया। उनकी सहभागिता ने यह संदेश दिया कि सेवा का कार्य तब पूर्ण होता है जब समाज का हर वर्ग दिल से साथ खड़ा हो।
गाँव के करीब 551 जरूरतमंद परिवारों को साड़ी और कंबल प्राप्त हुए। कई बुजुर्ग महिलाएँ साड़ी लेते हुए भावुक दिखीं, और अनेक परिवारों ने गर्म कंबल को छूते ही मुस्कुराकर सिंह परिवार को आशीर्वाद दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि स्व. मूल प्रताप सिंह और माता तालुका देवी के जीवन में भी उदारता और करुणा प्रमुख मूल्य रहे थे, और उनकी पुण्यतिथि पर किया गया यह सेवा कार्य उन मूल्यों को एक बार फिर मूर्त रूप देता है।
दोपहर तक पूरा वातावरण मानवीय संवेदना और सामाजिक सामूहिकता से भर गया। गांव के बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएँ—सबके चेहरों पर यह संतोष स्पष्ट था कि सर्दी की इस ऋतु में कोई भी परिवार बिना गर्माहट के न रहे। दिखौली ग्राम सभा उस दिन सचमुच सेवा, स्मृति और मानवता के संगम जैसा दिखाई दिया।





 


महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने निकाय चुनावों पर ओबीसी आरक्षण को लेकर चुनावी प्रक्रिया का सशर्त रास्ता साफ कर दिया. 

महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने निकाय चुनावों पर ओबीसी आरक्षण को लेकर चुनावी प्रक्रिया का सशर्त रास्ता साफ कर दिया. 

अदालत ने उन सभी नए निकायों में 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण अधिसूचित करने पर रोक लगाई है, जिनके चुनाव अभी घोषित नहीं हुए हैं. वहीं, जिन नगर परिषदों और नगर पंचायतों में पहले से 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण अधिसूचित हो चुका है, वहां चुनाव तो तय कार्यक्रम के अनुसार होंगे, लेकिन उनके नतीजे रिट याचिकाओं के अंतिम फैसले पर निर्भर करेंगे. 

बता दें कि आज मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ महाराष्ट्र में ओबीसी आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी. पीठ ने मामले को तीन-न्यायाधीशों की बड़ी बेंच को भेजते हुए अगली सुनवाई 21 जनवरी तय की है.

2 दिसंबर को होने हैं निकाय चुनाव

सुनवाई के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ वकील बलबीर सिंह ने कोर्ट को बताया कि 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों में चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 2 दिसंबर को मतदान होना है. इनमें से 40 नगर परिषद और 17 नगर पंचायत ऐसे हैं जहां आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक है. वहीं दूसरी ओर, 29 महानगरपालिका, 32 जिला परिषद और 346 पंचायत समितियों के चुनाव अभी अधिसूचित नहीं हुए हैं. 


'आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं'

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन निकायों के चुनाव अभी नहीं घोषित हुए हैं, उनमें किसी भी स्थिति में आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती. कोर्ट को यह भी बताया गया कि केवल दो महानगरपालिकाएं ऐसी हैं जहां आरक्षण 50 प्रतिशत से ऊपर जाने की संभावना है. इस पर अदालत ने कहा कि इनके चुनाव भी अधिसूचित किए जा सकते हैं, लेकिन इनके परिणाम भी रिट याचिकाओं के नतीजों के अधीन रहेंगे.

 

बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे नागरिक
क्यों रोजाना नहीं मिल रहा पीने का पानी?
सपना गार्डन परिसर में पानी की भारी किल्लत
उल्हासनगर। उल्हासनगर शहर जोकि एक समस्या नगर बन चुका है उसे हल करने में स्थानीय नेता भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं। प्रशासन व नेता शहरवासियों को पानी, कचरा व सड़क जैसी प्रमुख सुविधा दिलाने में पूरी तरह फेल साबित हुए हैं। भाजपा विधायक कुमार आयलानी जिस परिसर में रहते हैं वहां के ही नागरिक इन दिनों बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। 
ज्ञात हो कि उल्हासनगर-3 स्थित सपना गार्डन परिसर में पिछले कई वर्षों से पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है। यहां पीने के पानी की कई लाइनें हैं जिनमें एक में रोजाना पानी आता है जो विशेष घरों में जाता है एक लाईन में कम पानी आता है जो एक दिन छोड़कर आता है और 3-4 ऐसी भी पुरानी लाईनें हैं जो पूरी तरह सुख चुकी है। पूर्व नगरसेवकों ने अपने परिसर में पानी खींचने के लिए बूस्टर भी लगाए हैं जिस कारण कई इलाकों में पानी नहीं मिल रहा है। इस परिसर के निवासी इसलिए भी त्रस्त हैं क्योंकि एक ब्लू लाईन है जिसमें पानी रोजाना नहीं आता है और अगर आता भी है तो केवल आधे घंटे के लिए ऐसे में हजारों की संख्या में नागरिक जो फ्लैटों में रहते हैं उन तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। सपना गार्डन परिसर के हरि कीर्तन दरबार से यूएमसी जाने वाली सड़क पर राजू सोसायटी सचो सतराम धाम आदि परिसर की सभी इमारतों में पानी की भारी किल्लत है। यहां रोजाना पानी नहीं आ रहा है। ज्ञात हो कि सपना गार्डन के समक्ष ही विधायक कुमार आयलानी रहते हैं लेकिन सूना गया है कि उनके लिए विशेष पानी की लाईन है जो इन परिसर के निवासियों के पास उपलब्ध नहीं है। यानी दिया तले अंधेरे शहर के एक मात्र जनप्रतिनिधि उनके निवास्थान परिसर में सूखा पड़ा है तो उल्हासनगर विधानसभा क्षेत्र की क्या हालत होगी यह तो जनता को नजर ही आ रहा है। इस परिसर के निवासियों ने मांग की है कि जो ब्लू लाइन में एक ही दिन पानी दिया जाता है उसे रोजाना किया जाए और इस परिसर में कम से कम 2 घंटे तक पानी मुहैया कराया जाए ताकि सभी निवासियों तक पानी पहुंच सके। पानी पुरवठा अधिकारियों से भी इस तरह की मांग की गई बावजूद यह परिसर सूखे की चपेट में है।

 

रेप केस में मोहाली कोर्ट ने सुनाया फैसला

चंडीगढ़: येशू-येशू वाले ईसाई धर्मगुरु पादरी बजिंदर सिंह को आज रेप केस में सजा सुनाई गई। मोहाली की जिला अदालत ने बजिंदर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। 3 दिन पहले मोहाली कोर्ट ने दोषी करार दिया था। जिसके बाद उसे पटियाला जेल भेज दिया गया था। बता दें कि यह मामला 2018 में जीरकपुर पुलिस थाने में एक महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि बजिंदर सिंह ने उसे विदेश ले जाने का वादा करके बहकाया और मोहाली के सेक्टर 63 स्थित अपने आवास पर उसके साथ बलात्कार किया और उसका वीडियो भी बना लिया। उसने आरोप लगाया था कि आरोपी ने धमकी दी थी कि अगर वह उसकी मांगें नहीं मानेगी तो वह वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर देगा।
खुद को बताया था निर्दोष
यह सजा ऐसे समय में दी गई है जब पादरी 28 फरवरी को दर्ज यौन उत्पीड़न के एक अन्य मामले में जांच का सामना कर रहा है। कपूरथला पुलिस ने 22 वर्षीय महिला की ओर से उसके खिलाफ लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया है। सिंह ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया था।
महिला को पीटने का वीडियो वायरल
मोहाली पुलिस ने 25 मार्च को पादरी के खिलाफ मारपीट और अन्य आरोपों में मामला दर्ज किया था। इससे कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर पादरी का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह कथित तौर पर एक महिला से बहस कर रहा था और उसे थप्पड़ मार रहा था। वो इस दौरान महिला पर पहले किताब फैंकता है और फिर उसके पास जाकर मारपीट करता है।


 डीसीएम ऑफिस में उप सचिव बनाये गए विकास ढाकने

मुंबई। पुणे, पिंपरी-चिंचवड़  और उल्हासनगर में इन्फ्रास्ट्रक्चर में सकारात्मक बदलाव लाने वाले उल्हासनगर मनपा के कमिश्नर विकास ढाकने को महाराष्ट्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए डीसीएम ऑफिस में उप सचिव बनाया है।

गौरतलब है कि इकोनॉमिक्स में मास्टर करने वाले विकास

बुनियादी ढांचे के 'एक्शन मैन' के रूप में जाने जाते हैं। 2008 बैच के सिविल सेवा अधिकारी, ढाकने की प्रशासनिक क्षमताओं के चलते यह निर्णय लिया गया है। ढाकने महाराष्ट्र शासन परिदृश्य में व्यापक अनुभव के लिए प्रसिद्ध हैं।

बता दें कि विकास ढाकने को उल्हासनगर में व्यापक परिवर्तन के लिए लाया गया था। पर सरकार ने इन्हें राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर में परिवर्तन के लिए डीसीएम ऑफिस में लाया। विकास ने हाल ही में उल्हासनगर में कमिश्नर का चार्ज लिया था, उन्होंने शहर के विकास के लिए व्यापक परिवर्तन करते हुए मिशन 50 शुरू किया था।

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