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🔺 उल्हासनगर में नए मरीज 05एक्टिव मरीज 101

कोरोना मुक्त 11,097, मृत्यु 364, कुल संख्या 11,564

🔺 अंबरनाथ में नए मरीज 10, एक्टिव मरीज 67
कोरोना मुक्त 8135मृत्यु 310, कुल संख्या 8512

🔺 बदलापुर में नए मरीज 12एक्टिव मरीज 148
कोरोना मुक्त 8988, मृत्यु 120, कुल संख्या 9256

🔺 कल्याण-डोंबिवली में नए मरीज 54, एक्टिव 823
कोरोना मुक्त 57,574, मृत्यु 1129, कुल संख्या 59,526
युसूफ शेख / हीरो बोधा
कार्यक्रम में राज ठाकरे भी हुए शामिल
मुंबई। शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे की 95वीं जयंती के अवसर पर उनकी पूर्ण आकार की प्रतिमा का आज (23 जनवरी) मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कुलाबा के श्यामटाप्रसाद मुखर्जी चौक पर नावरण किया।इस अवसर पर राकांपा अध्यक्ष शरद पवार, विपक्ष के नेता देवेंद्र फड़नवीस और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बालासाहेब थोराट उपस्थित थे। पूर्ण आकार की प्रतिमा मुंबई के श्यामाप्रसाद मुखर्जी चौक पर लगाई गई है। यह मुंबई में शिवसेना प्रमुख की पहली विशाल प्रतिमा है। मूर्ति नौ फीट ऊंची और 1200 किलो की कांस्य धातु से बनी है। मूर्ति को दो फीट ऊंची हरियाली के साथ लगभग 14 फीट ऊंची एक चौकोर जगह पर रखा गया है। इस प्रतिमा को प्रबोधन प्रकाशन द्वारा बनवाया गया है। मूर्ति को वरिष्ठ मूर्तिकार शशिकांत वाडके ने बनाया था। इस कार्यक्रम में मंत्री आदित्य ठाकरे, जयंत पाटिल, एकनाथ शिंदे, छगन भुजबल, शिवसेना नेता सांसद संजय राउत, मुंबई के महापौर किशोरी पेडनेकर, नगर आयुक्त इकबाल सिंह चहल और राज्य के सभी दलों के नेताओं ने भाग लिया। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह मेरे जीवन का अविस्मरणीय यादगार क्षण है, बालासाहेब देश के एक महान मार्गदर्शक थे, उनका मार्गदर्शन हमेशा लाभकारी रहा है। उन्होंने आए हुए सभी दल के नेताओं से कहा कि मतभेद बुलाकर आने के लिए सभी का आभारी हूं।
उल्हासनगर में आज 12 हुए डिस्चार्ज
उल्हासनगर। उल्हासनगर महानगरपालिका क्षेत्र में आज केवल 5 नए कोरोना पाॅजिटीव मरीज मिलने से कोरोना ग्रस्त मरीजों की कुल संख्या 11,564 हो गई है। मृतकों की संख्या 366 हो गई है। आज 12 मरीज डिस्चार्ज किए गए हैं जिससे कोरोना मुक्त मरीजों की संख्या 11,097 हो गई है। रिकवरी प्रतिशत 95.96 बताया गया है। वहीं 101 एक्टिव मरीजों का ईलाज शहर के बाहर के अस्पतालों में 32, होम आयसोलेशन में 41 व अन्य मरीजों का ईलाज निजी व सरकारी अस्पतालों में चल रहा है। कोविड वैक्सीन हेतु 4267 आरोग्य कर्मचारियों ने पंजीकृत किया था जिसके चलते आज 75 लोगों को वैक्सीन लगाई गई है। आज तक कुल 324 आरोग्य कर्मियों को वैक्सीन दी गई है।
अंबरनाथ में 8135 कोरोना मुक्त
अंबरनाथ। अंबरनाथ नपा क्षेत्र में आज 10 नए कोरोना रोगी मिले हैं। जिससे कोरोना ग्रस्त मरीजों की कुल संख्या 8512 हो गई है। आज शहर पूर्व में 6 और पश्चिम में 4 रोगी मिले हैं। 95.57 प्रतिशत के साथ आज तक 8135 मरीज स्वस्थ होकर घर गए हैं। 0.78 प्रतिशत के साथ एक्टिव रोगी अब 67 हैं। मृतकों की कुल संख्या 310 हो गई है। अंनपा संचालित डेंटल कोविड अस्पताल में 9 मरीज अपना उपचार करा रहे हैं। शहर में कोविड 19 टेस्ट करने वालों की संख्या 39,241पहुंच गई है। आज 117 लोगों ने टेस्ट कराया है जिसमें 107 नेगेटिव और 10 पाॅजिटीव हैं। 
बदलापुर में आज 12 नए पाॅजिटीव
बदलापुर। कुलगांव-बदलापुर नगरपरिषद क्षेत्र में आज 12 नए पाॅजिटीव मरीज मिले हैं जिससे कोरोना ग्रस्त मरीजों की कुल संख्या अब 9256 हो गई है। मृतकों का 1.30 प्रतिशत के साथ मरने वालों की संख्या 120 हो गई है।यहां पर 97.10 प्रतिशत मरीज ठीक हुए हैं 8988 मरीज कोरोना मुक्त अब तक हो चुके हैं। 1.65 प्रतिशत के साथ एक्टिव मरीजों की कुल संख्या अब 148 है। जिनका ईलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। अब तक 16,810 लोगों का स्वेब टेस्ट हुआ है। आज कोरोना की रिपोर्ट में 60 नेगेटिव और 12 पाॅजिटीव पाए गए हैं। यह जानकारी हमें नपा के श्री सुनील मकाजी ने दी है। 
कल्याण-डोंबिवली क्षेत्र में आज मिले 54 पाॅजिटीव
कल्याण। कल्याण-डोम्बिवली महानगरपालिका में आज कुल 54 कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि की गई जिसके साथ ही कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 59,526 तक जा पहुची है इनमें 823 मरीजों का उपचार चल रहा है तो वहीं 57,574 मरीज डिस्चार्ज हो चुके है, मरने वालों की संख्या 1129 तक पहुंच गई है। 102 मरीज पिछले 24 घंटे के भीतर विभिन्न अस्पतालों से डिसचार्ज भी हुए है। मनपा क्षेत्र के कल्याण पूर्व में 7, कल्याण पश्चिम में 20, डोंबिवली पूर्व में 12, डोंबिवली पश्चिम में 12, मांडा टिटवाला में 2, पिसवली में 0 तथा मोहना में 1 नए मरीज कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।
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श्री बांगर मुंबई पुलिस में तैनात
उल्हासनगर / सत्यन पुरी
उल्हासनगर शहर से ही अपनी शिक्षा प्राप्त करने वाले वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक श्री सुर्यकांत बांगर को राष्ट्रपति पदक से नवाजा गया है। श्री बांगर फिलहाल मुंबई के डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के पद पर तैनात हैं। ज्ञात हो कि 15 अगस्त से पूर्व सरकार ने महाराष्ट्र राज्य के 58 पुलिस अधिकारियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए उन्हें राष्ट्रपति पदक देने की घोषणा की है। जिनमें उल्हासनगर में पले बड़े वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक श्री सुर्यकांत बांगर का नाम भी शामिल है।
ज्ञात हो कि श्री सुर्यकांत बांगर उल्हासनगर शहर में ही पले बड़े हुए और उनकी पढ़ाई स्कूल सरस्वती विद्या मंदिर और काॅलेज आर.के.टी. काॅलेज में हुई। ग्रैजुएशन के बाद पुलिस फोर्स में पुलिस उपनिरीक्षक के तौर पर शामिल हुए और धीरे-धीरे कर आगे बढ़ते हुए पुलिस फोर्स में अच्छे कार्यों को देखते हुए उनकी पदोन्नती वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के तौर पर की गई। उल्हासनगर के मध्यवर्ती पुलिस थाने, अपराध शाखा में भी कार्य कर चुके हैं और अब मुंबई के डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के पद पर तैनात हैं। बता दें कि श्री बांगर को 400 से अधिक अवार्ड मिल चुके हैं। 2013 में पुलिस महानिदेशक(डीजी) द्वारा बेस्ट डिटेक्शन अवार्ड भी उन्हें मिल चुका है। 2016 में पुलिस महानिदेशक डीजी इंनसेग्यनिया भी मिला है। उल्हासनगर शहरवासियों ने श्री बांगर को बधाई देते हुए कहा है कि उन्होंने शहर का गर्व बढ़ाया है।
इनके अलावा अंबरनाथ पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय धुमाल तथा सिंधुदुर्ग पुलिस थाने के अपराध शाखा के व.पु.नि. श्री सुनील धनावडे जिन्होंने उल्हासनगर में भी कई वर्षों तक अपनी सेवाएं दी थी उनको भी राष्ट्रपति पदक मिला है।

मैं और आप ही सैनिक हैं- उद्धव ठाकरे
    मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने स्वीकार किया है कि राज्य में अभी तक कोरोना वायरस 'चेन' को तोड़ने में सफलता नहीं मिली है। हालांकि, इस बीच उन्होंने राज्य में सेना की तैनाती को खारिज करते हुए कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में मैं आप ही सैनिक हैं। इस बीच, राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि 1089 केसों के साथ महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 19,063 हो गई है। 
    उद्धव ठाकरे ने कहा, ''पिछले कुछ दिनों से अफवाह है कि मुंबई में सेना को तैनात किया जाएगा और सभी दुकानें बंद कर दी जाएंगी। अब तक मैंने जो भी किया है उसके लिए पहले आपको (जनता) विश्वास में लिया है। सेना को नहीं तैनात किया जाएगा। कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में मैं और आप ही सैनिक हैं।'' 
    केंद्रीय बलों की हो सकती है तैनाती
    महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि पुलिस को कुछ आराम देने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की जा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो पुलिस को चरणबद्ध तरीके से आराम देने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की जा सकती है। 

राज्य में राजनैतिक उठा पटक तेज
महाराष्ट्र में भाजपा ने एक बार फिर अपने दिग्गज नेताओं को दरकिनार कर नए चेहरों को तरजीह दी है। राज्य में विधान परिषद के लिए घोषित चार उम्मीदवारों में दावेदार बड़े नामों को की जगह नए चेहरे चुनाव मैदान में होंगे। नौ सीटों के लिए होने वाले चुनाव में भाजपा से चार उम्मीदवार घोषित कर दिए जाने के बाद अब सत्तारूढ़ उद्धव ठाकरे सरकार के सामने अपने सहयोगियों के साथ सीटों के तालमेल का दबाव बन गया है। अगर सत्तारूढ़ गठबंधन छह सीटों पर लड़ता है तो उद्धव ठाकरे का निर्विरोध निर्वाचन संपन्न नहीं हो सकेगा।
महाराष्ट्र के विधान परिषद की 9 सीटों पर 21 मई को होने वाले चुनाव को लेकर भाजपा ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। पार्टी ने विधान परिषद के चुनाव में अपने पुराने और दिग्गज नेताओं को नजर अंदाज कर नए चेहरों के नाम तय किए हैं। इनमें डॉ. अजित गोपछडे, प्रवीण डटके, गोपीचंद पडलकर और रणजीत सिंह मोहित पाटिल शामिल है। गोपीचंद पडलकर वंचित बहुजन अगाड़ी छोड़कर हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं, जबकि रणजीत सिंह मोहित पाटिल एनसीपी से आए हैं।
BJP ने दिग्गजों को किया दरकिनार
महाराष्ट्र में भाजपा के कई दिग्गज नेता, जो विधानसभा चुनाव हार गए थे या टिकट नहीं मिला था, वो विधान परिषद के टिकट के संभावित दावेदार माने जा रहे थे। इनमे गोपीनाथ मुंडे की बेटी पंकजा मुंडे, पूर्व मंत्री एकनाथ खड़से और पूर्व मंत्री चंद्रशेखर बावनपुरे जैसे बड़े नाम शामिल हैं। पंकजा मुंडे विधानसभा चुनाव हार गई थीं। एकनाथ खड़से और चंद्रशेखर बावनपुरे को भाजपा ने विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया था। ये तीनों देवेंद्र फडणवीस के विरोधी गुट के माने जाते हैं। विधानसभा चुनाव के बाद से पंकजा और एकनाथ खड़से तो खुलकर बागी रुख अख्तियार किए हुए हैं, वहीं, चंद्रशेखर बावनपुरे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के करीबी नेता माने जाते हैं।
यह है महाराष्ट्र का अंकगणित
महाराष्ट्र के कुल 288 सदस्यीय विधानसभा में सत्ताधारी महा विकास अघाड़ी को 170 विधायकों का समर्थन हासिल है। इनमें शिवसेना के 56 विधायक, एनसीपी के 54 विधायक, कांग्रेस के 44 विधायक और अन्य 16 विधायक उनके साथ हैं। वहीं, भाजपा के नेतृत्व वाले विपक्ष के पास 115 विधायक हैं, जबकि दो एआईएमआईएम और एक मनसे के विधायक हैं।
विधान परिषद की एक सीट के लिए तकरीबन 32 वोटों की प्रथम वरीयता के आधार पर जरूरत होगी। इस लिहाज से महा अघाड़ी छह सीटों को लेकर समीकरण बना रही है, वहीं भाजपा की नजर भी चार सीटों पर है। इसके लिए सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की नजर निर्दलीय और छोटे दलों के विधायकों पर है। अगर सत्ता पक्ष छह व विपक्ष चार उम्मीदवार उतारता है तो मतदान कराना होगा।

महाराष्ट्र में कोविड-19 के 790 नए मामले, 36 लोगों की मौत; 

कुल मरीज 12000 के पार, 

मुंबई में 322 ने गंवाई जान

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने शनिवार को कहा कि पुलिस कमिश्नरी वाले शहरों में संबंधित पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अंतर-राज्यीय या अंतर-जिला यात्रा की अनुमति दे सकते हैं। सरकार ने को कहा कि राज्य के अन्य हिस्सों के लोगों को मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण और पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के तहत आने वाले क्षेत्रों में आने-जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। 
एक आधिकारिक बयान में कहा गया, बहरहाल, इन दोनों प्राधिकरण क्षेत्रों से महाराष्ट्र से बाहर जाने की (विशेष रूप से प्रवासी श्रमिकों को) अनुमति दी गई है। यात्रा की अनुमति के लिए कोई भी नजदीकी पुलिस थाने में आवश्यक जानकारी और एक मेडिकल प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर आवेदन कर सकता है। बयान के अनुसार आवेदन संबंधित डीसीपी को भेज दिया जाएगा और आवेदन की जांच और कोविड-19 महामारी की स्थिति पर विचार करने के बाद निर्णय किया जाएगा। पुणे नगर निगम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शहर में कोरोना वायरस से अत्याधिक प्रभावित क्षेत्र (हॉटस्पॉट) में स्वाब एकत्र करने के लिए केंद्र बनाने पर विचार कर रहा है। आयुक्त शेखर गायकवाड ने शनिवार को यह जानकारी दी। 
पुणे जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के 1800 से अधिक मामले हैं, जिनमें से अधिकतर शहर क्षेत्र में हैं। गायकवाड और अन्य निगम अधिकारियों ने शनिवार सुबह संक्रमित क्षेत्रों में झुग्गी-बस्ती इलाकों का दौरा किया और स्थानीय लोगों से बातचीत की। महाराष्ट्र में कोविड-19 के 790 नए मामले सामने आए, अभी तक 12,296 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि। शनिवार को राज्य में संक्रमण से 36 लोगों की मौत, अभी तक कोविड-19 ने ली 521 लोगों की जान जा चुकी है।
राज्य में पिछले 24 घंटे में वायरस संक्रमण से 36 और लोगों की मौत हुई है जिनमें से 27 लोगों की मौत मुंबई में हुई है। मुंबई में अभी तक 8,359 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है जबकि संक्रमण से 322 लोगों की मौत हुई है। इलाज के बाद कोरोना वायरस संक्रमण से मुक्त हुए 121 लोगों को शनिवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। राज्य में अभी तक 2,000 लोग संक्रमण मुक्त हुए हैं। राज्य में अभी तक 1,61,092 लोगों के नमूनों की जांच की गई है।
कोविड-19 : मालेगांव में 14 नए मामले, कुल संख्या 298 पहुंची
नासिक जिले के मालेगांव में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 14 नए मामले सामने आने के साथ ही जिले में संक्रमित हुए लोगों की कुल संख्या 333 पहुंच गई है। इनमें से 298 मामले अकेले मालेगांव के हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि जिले में संक्रमण से अभी तक 12 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा, ''आज हमें 56 जांच रिपोर्ट मिली हैं, सभी मालेगांव से हैं। उनमें से 14 की पुष्टि हुई हैं, जबकि 42 नेगेटिव हैं। नासिक में अब कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 333 हो गई है, जिनमें से 298 अकेले मालेगांव से हैं।"
एसआरपीएफ के 5 जवान कोरोना वायरस से संक्रमित
महाराष्ट्र के हिंगोली में  राज्य आरक्षित पुलिस बल (एसआरपीएफ) के पांच जवानों समेत छह लोग शनिवार को कोरोना वायरस 'कोविड-19' से संक्रमित पाए गए, जिससे संक्रमितों की संख्या बढ़कर 52 हो गई है। जिला सिविल सर्जन डॉक्टर श्रीवास ने कहा कि एसआरपीएफ से पांच तथा सेंगांव से एक कोविड-19 से संक्रमित हुए हैं। हिंगोली में कुल 46 राज्य आरक्षित पुलिस बल के जवान कोविड-19 से संक्रमित पाए गए। इनमें से 33 मालेगांव में और 13 मुंबई में काम कर रहे थे।



मुंबई। महाराष्ट्र के मौजूदा राजनीतिक संकट के बीच राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने चुनाव आयोग से विधान परिषद की 9 खाली सीटों पर चुनाव कराने की मांग की है। गुरुवार शाम राजभवन की ओर से यह जानकारी दी गई।  दरअसल, उद्धव ठाकरे इस समय विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य नहीं हैं। वह बिना चुनाव लड़े ही राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। लेकिन संविधान के अनुच्छेद 164 (4) के मुताबिक, यदि सदन से बाहर का कोई व्यक्ति मंत्री या मुख्यमंत्री बनता है तो शपथ ग्रहण से छह महीने के भीतर विधानसभा या विधान परिषद (जिन राज्यों में है) का सदस्य बनना अनिवार्य है।
कोरोना वायरस महामारी की वजह से अभी विधानसभा के लिए उपचुनाव या विधान परिषद के लिए चुनाव संभव नहीं है। ऐसे में राज्य कैबिनेट की ओर से दो बार राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। ऐसे में उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बने रह पाने के लिए उनका विधान परिषद में राज्यपाल की ओर से मनोनयन बेहद जरूरी है।
इधर राजभवन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद उद्धव ठाकरे ने बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी से भी बात की। महाराष्ट्र में संभावित राजनीतिक संकट को लेकर विशेषज्ञों की राज्य बंटी हुई है। क्या राज्यपाल के लिए राज्य कैबिनेट के प्रस्ताव के मुताबिक उद्धव को मनोनीत करना आवश्यक है या यह उनके विवेक पर निर्भर है? 
संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप कहते हैं कि यह राज्यपाल का फैसला होगा। उन्होंने कहा, ''संविधान राज्यपाल को किसी मुद्दे पर विवेक से फैसला लेने की इजाजत देता है। यदि राज्यपाल यह फैसला करते हैं कि वह अपने विवेक से किसी मुद्दे को निपटाएंगे तो इस पर सवाल नहीं उठाया जा सकता है। राज्यपाल मंत्रिमंडल की सलाह पर काम करने को बाध्य हैं, लेकिन तब नहीं जब वह अपने विवेक से फैसला लें।'' 

महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए उद्धव ठाकरे की उम्मीदें राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर जा टिकी हैं और यही वजह है कि राज्यपाल कोटे से एमएलसी बनाने के लिए कैबिनेट लगातार गुहार लगा रहा है। महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर दबाव बनाते हुए उद्धव कैबिनेट ने सोमवार को एक बार फिर उनसे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) मनोनीत करने को कहा। कोरोना वायरस महामारी के कारण सभी चुनाव टाले जाने की वजह से उद्धव ठाकरे चुनाव लड़कर विधायक नहीं बन पाए हैं। दरअसल, उद्धव ठाकरे ने पिछले साल 28 नवंबर को मुख्यमंत्री पद संभाला था और उन्हें पद पर बने रहने के लिए अब एक महीने के भीतर ही विधानमंडल का सदस्य बनना होगा, क्योंकि उसके बाद 6 महीने की समय सीमा समाप्त हो जाएगी। अब तक वह राज्य विधानसभा अथवा परिषद के सदस्य नहीं हैं। 
अजित पवार की अध्यक्षता में प्रस्ताव पास
सोमवार को उप मुख्यमंत्री अजित पवार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला लिया गया कि कोश्यारी से परिषद में राज्यपाल की ओर से मनोनीत किए जाने वाले दो सदस्यों में से एक सदस्य के तौर पर ठाकरे को मनोनीत किए जाने की सिफारिश की जाए। इससे पहले भी इस महीने की शुरुआत में नौ अप्रैल को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्यपाल से ऐसा ही निवेदन किया गया था।
उद्धव ठाकरे को विधान परिषद में मनोनीत करने को लेकर अब तक कोश्यारी ने मंजूरी नहीं दी है। ऐसे में शिवसेना सांसद संजय राउत ने देरी को लेकर पार्टी के मुखपत्र सामना में लिखे लेख में रविवार को भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व पर निशाना साधा था।
28 मई तक सदस्य बनना जरूरी
ठाकरे ने 28 नवंबर 2019 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और अभी वह विधानमंडल के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। संविधान के तहत उन्हें 28 मई 2020 तक किसी सदन का सदस्य बनना जरूरी है। कोरोना वायरस महामारी के कारण हालांकि सभी चुनाव स्थगित हैं ऐसे में राज्य मंत्रिमंडल ने 9 अप्रैल को उन्हें राज्यपाल कोटे से विधान परिषद में नामित किए जाने की सिफारिश की थी। 
दोबारा प्रस्ताव की जरूरत क्यों
बीती नौ अप्रैल को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्ताव पारित कर राज्यपाल के पास भेजा गया था कि उद्धव ठाकरे को विधान परिषद मनोनीत किया जाए। लेकिन राज्यपाल ने अब तक कोई निर्णय नहीं लिया। इस बीच मामला बांबे हाईकोर्ट में भी गया जहां दलील दी गई थी कि मंत्रिमंडल की बैठक मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होती है। जबकि नौ अप्रैल की बैठक उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की अध्यक्षता में हुई थी।
बिना सदन के सदस्य बने आठवें सीएम हैं उद्धव
उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के आठवें ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जो बिना किसी सदन के सदस्य हुए मुख्यमंत्री बने हैं। इनसे पहले कांग्रेस नेता ए आर अंतुल्य, वसंतदादा पाटिल, शिवाजी राव निलंगेकर पाटिल, शंकर राव चाव्हान, सुशील कुमार शिंदे और पृथ्वीराज चौहान और एनसीपी चीफ शरद पवार भी बिना सदन के सदस्य हुए सीएम बन चुके हैं। 
क्या कहता है नियम:    
नियम के मुताबिक, विधायक दल का नेता किसी भी व्यक्ति को चुना जा सकता है भले ही वह विधानसभा या विधानपरिषद का सदस्य हो अथवा नहीं। लेकिन छह महीने के भीतर विधानसभा या विधानपरिषद (जिन राज्यों में है) का सदस्य होना अनिवार्य होता है। उद्धव ठाकरे के लिए समयसीमा अगले महीने खत्म हो रही है। उन्होंने 28 नवंबर 2019 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

मुंबई। कुर्ला ट्रैफिक डिविजन में तैनात 57 वर्षीय हेड कांस्टेबल शिवाजी नारायण सोनवाने की कोरोना के कारण मौत हो गई। उन्हें मुंबई के एक नहीं, चार-चार अस्पतालों ने एडमिट करने से इनकार कर दिया था। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद अंत में परेल स्थित किंग एडवर्ड्स मेमोरियल में इलाज के आईसीयू में उन्हें एडिमट किया गया था।
बीते 48 घंटों में मुंबई पुलिस में यह कोरोना से तीसरी मौत है। आपको यह भी बता दें कि अभी तक 50 से अधिक पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने एचटी से बात करते हुए कहा कि हेड कंस्टेबल का कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। उन्हें केईएम अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। उन्हें पहले से ब्लड प्रेशर की शिकायत भी थी।
मृतक हेड कांस्टेबल शिवाजी नारायण सोनवाने के बेटे ने बताया कि 21 अप्रैल को चार अस्पतालों ने कोरोना वायरस के लक्षण होने के बावजूद उन्हें भर्ती करने से इनकार कर दिया। वह राजावाड़ी हॉस्पिटल गया, जहां पहुंचने पर उन्हें बुखार था। डॉक्टरों ने देखने के बाद होम क्वारंटाइन में रखने के लिए कहा। जब डॉक्टर से भर्ती करने के लिए कहा तो उन्होंने बेड नहीं होने और और कस्तूरबा हॉस्पिटल ले जाने की बात कही। 
इसके बाद शिवाजी नारायण सोनवाने का बेटा उन्हें लेकर कस्तूरबा अस्पताल पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें ऑक्सीजन दी। इसके बाद वहां डॉक्टरों ने नैयर अस्पताल ले जाने के लिए कहा। साथ ही कांस्टेबल के बेटे ने यह भी बताया कि अस्पताल ने जांच के लिए स्वैब तक नहीं लिया। उसने रहा कि नैयर अस्पताल में भी प्रबंधन ने कहा कि बेड नहीं है और इस कारण से इलाज नहीं किया। इसके बाद नैयर अस्पताल के कहने पर कांस्टेबल को लेकर उनका बेटा केईएम अस्पताल पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने पहले एडमिट करने से इनकार कर दिया। तंग आकर उसने पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद हेड कांस्टेबल को आईसीयू में रात के 11 बजे के करीब एडमिट किय गया।
बेटे ने आरोप लगाया कि मेरे पिता ने 28 साल पुलिस में नौकरी की है। उनके साथ जो भी गलत हुआ है इसके जिम्मेदार डॉक्टर हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच में तैनात हेड कांस्टेबल के भाई ने कहा कि परिवार में उनकी पत्नी के अलावा दो बच्चे हैं, जो कि कुरला के कामानी स्लम में रहते हैं। बड़ा बेटा सीसीटीवी ऑपरेटर का काम करता है। बीएमसी के डिप्टी हेल्थ ऑफिसर डॉ. दीक्षा शाह ने कहा कि शुक्रवार को बताया गया है कि उनकी हालत स्थिर है। परिजनों की शिकायत का हॉस्पिटल के डीन जवाब देंगे।

मुंबई। किशेारी पेडनेकर ने महानगर में कोविड-19 रोगियों की सेवा के लिए अपना पुराना यूनिफॉर्म फिर से पहन लिया है। वह पहले नर्स रह चुकी हैं।शिवसेना पार्टी के एक नेता ने कहा कि वह देर रात की पाली में अपनी सेवाएं देंगी। शिवसेना की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट किया, ''यह हमारे मुंबई की सम्मानित महापौर हैं किशोरी पेडनेकर जी। वह रोज सुबह आठ बजे से देर रात दो बजे तक काम करती हैं और अब महानगर की सेवा के लिए उन्होंने नर्स का यूनिफॉर्म भी पहन लिया है। वह नैयर अस्पताल में सेवा देंगी।"
उन्होंने कहा, ''जो लोग उनके बारे में अपमानजनक ढंग से ट्वीट करते रहे हैं उन्हें सबक लेना चाहिए। खुद से पहले काम।" महापौर ने ट्वीट किया, ''मुंबई के लिए कुछ भी। हम घर से काम नहीं कर सकते, हम आपके लिए क्षेत्र में हैं, घर पर रहिए, ख्याल रखिए... मैं नैयर अस्पताल में हूं।
नासिक में कोविड-19 के सात नए मामलों की पुष्टि, आंकड़ा 149 पहुंचा
वहीं, महाराष्ट्र के नासिक जिले में रविवार (26 अप्रैल) रात से सोमवार (27 अप्रैल) दोपहर के बीच कोविड-19 के सात नए मामलों की पुष्टि हुई जिससे जिले में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 149 पहुंच गई। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि रविवार को संक्रमित पाए गए कुल छह में पांच कोविड-19 से संक्रमित मरीज के करीबी थे। छठवां व्यक्ति जिला सिविल अस्पताल में प्रशिक्षु चिकित्सक है। सोमवार को हमें 440 नमूनों की जांच रिपोर्ट मिली जिनमें सिर्फ एक व्यक्ति में संक्रमण की पुष्टि हुई है। जिले में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 149 पहुंच गई है जिनमें 127 मरीज मालेगांव, 11 नासिक शहर और 11 तालुकाओं से हैं।
अमरावती में कोरोना वायरस का आंकड़ा 23 पहुंचा
दूसरी ओर, महाराष्ट्र में अमरावती के 72 साल के मृत व्यक्ति के स्वाब नमूने के जांच रिपोर्ट में सोमवार (27 अप्रैल) को कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई। इस व्यक्ति की 24 अप्रैल को मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार को 20-30 साल के दो युवकों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है जिसके बाद जिले में संक्रमित लोगों की तादाद 23 हो गई है। कलक्टर शैलेश नवल ने कहा कि जिले में कोरोना वायरस के 12 सक्रिय मामले हैं। अब तक इस संक्रमण से सात लोगों की मौत हो चुकी है और चार इलाज के बाद ठीक होकर घर जा चुके हैं।

मुंबई में हाल ही में 50 से अधिक पत्रकारों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उनमें से आज 31 मीडियाकर्मी स्वस्थ होकर अपने-अपने घर वापस लौट चुके हैं। इनका दूसरा कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद अस्पताल ने इन्हें छुट्टी दे दी है। साथ ही इन्हें 14 दिनों तक घर पर ही क्वारंटाइन रहने के लिए कहा गया है। यह जानकारी आज बीएमसी ने दी है।
मुंबई के प्रतीक्षा नगर के प्रेस एनक्लेव के हाउसिंग सोसाइटी के सदस्यों ने ताली बजाकर पत्रकारों का स्वागत किया। यहां रहने वाले दो पत्रकार भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे।
आपको बता दें कि मुंबई में कम से कम 53 मीडियाकर्मी ऐसे थे, जिनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। बीएमसी ने बताया था कि कोविड-19 की जांच के लिए 16 और 17 अप्रैल को आजाद मैदान में विशेष शिविर लगाया गया था और इस दौरान 171 मीडियाकर्मियों के लार के नमूने लिए गए थे। इनमें इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के पत्रकार, फोटोग्राफर और कैमरामैन शामिल थे।
कुल 171 नमूनों में से 53 कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे। इनमें से अधिकतर में कोई लक्षण नहीं थे। सभी संक्रमितों को क्वारंटाइन में रखा गया था।

महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमितों की संख्या 8 हजार के पार

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 8 हजार के पार चली गई है। रविवार को 440 नए मामलों के साथ राज्य में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या रविवार को 8,068 हो गई। संक्रमण से 19 लोगों की मौत होने के साथ ही मृतकों की संख्या 342 हो गई।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि संक्रमण की वजह से 19 और लोगों की मौत के साथ राज्य में अब तक कोविड-19 से जान गंवाने वालों की संख्या 342 हो गई है। अधिकारी ने बताया कि अब तक 1,188 मरीज संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और उन्हें अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है।
केवल मुंबई सर्किल की बात करें तो यहां 6343 लोग संक्रमित हो चुके हैं और 223 लोगों की मौत हुई है। नासिक सर्किल में 222 तो पुणे सर्किल में 1128 मरीज हैं, जबकि 83 लोगों की मौत हुई है। 
कल की तुलना में कम केस
राहत की बात यह है कि शनिवार की तुलना में आज महाराष्ट्र में नए मामलों में कमी आई है। महाराष्ट्र में शनिवार को कोरोना के 811 नए केस आने के बाद राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 7628 हो गई थी। कल यहां 22 और लोगों की मौत हुई थी।  
देश में महाराष्ट्र सबसे आगे
देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 26917 हो गई है। 5914 मरीज अब तक ठीक हुए हैं तो 826 की मौत हुई है। महाराष्ट्र में देश में सबसे अधिक कोरोना संक्रमित मरीज हैं। इसके बाद गुजरात में सबसे अधिक 3071 कोरोना संक्रमित हैं। यहां 133 लोगों की जान चली गई है। तीसरे नंबर पर दिल्ली है जहां 2625 कोरोना मरीज हैं।

मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे के शराब की दुकान खोलने को लेकर दिए गए बयान पर शिवसेना ने शनिवार को तंज कसा है। शिवसेना ने कहा है कि उनके लिए (राज ठाकरे) खाने की प्लेट की तरह पेग भी जरूरी है। शिवसेना ने कहा है कि राज ठाकरे को पता होना चाहिए कि लॉकडाउन की वजह से न सिर्फ वाइन शॉप, बल्कि शराब की फैक्ट्रियां भी बंद हैं।
शिवसेना के अखबार 'सामना' में लिखे गए संपादकीय में पार्टी ने कहा, 'आपको केवल दुकानें खोलने से राजस्व नहीं मिलता है। सरकार को उत्पाद शुल्क और बिक्री कर के रूप में राजस्व मिलता है जब एक वितरक कारखानों से उत्पाद खरीदता है। इन इकाइयों को शुरू करने के लिए मजदूरों की जरूरत होती है। इसके अलावा यदि दुकानें फिर से खुलीं तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जाएगा।'
राज ठाकरे ने गुरुवार को मांग की थी कि राज्य सरकार को 'नैतिक मुद्दों' को छोड़ देना चाहिए और शराब की दुकानों और रेस्तरां को खोलने की अनुमति देनी चाहिए ताकि वे लोग अपने व्यापार चला सकें। अपने चचेरे भाई और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे एक पत्र में मनसे प्रमुख ने कहा था कि 18 मार्च से राज्य लॉकडाउन में है, पहले 31 मार्च तक, फिर 14 अप्रैल तक और अब 3 मई तक इसे बढ़ा दिया गया है। लॉकडाउन हटने लेकर अभी कुछ तय भी नहीं है।
संपादकीय में कहा गया है कि राज ठाकरे ने मांग के जरिए से सरकार को बताया है कि खाने की तरह शराब भी जरूरी है। उन्होंने कहा है कि जैसे चावल की प्लेट लोगों के लिए जरूरी है, उसी तरह वे 'क्वार्टर' और 'पेग' पर भी निर्भर हैं। 
सत्तारूढ़ दल ने देवेंद्र फडणवीस का नाम लिए बिना कहा, 'विपक्षी नेताओं को संकट के समय में आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए सरकार को सलाह देनी चाहिए, लेकिन विपक्ष के नेता ऐसा करने में सक्षम नहीं हैं।'
संपादकीय में आगे लिखा गया है कि राज ठाकरे ने गरीब लोगों की दुर्दशा को सामने रखा है और समाज का एक वर्ग उनका इसलिए आभारी रहेगा। लेकिन सरकार को समग्र स्थिति पर विचार करते हुए निर्णय लेना होगा।

मुंबई। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले के बंगले पर तैनात सुरक्षा गार्ड के कोविड-19 से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।आरपीआई (ए) के एक पदाधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री आठवले बांद्रा ईस्ट में रहते हैं। पार्टी पदाधिकारी ने बताया, “सुरक्षागार्ड के पांच दिन पहले संक्रमित होने की पुष्टि हुई। वह राज्य संचालित अस्पताल में भर्ती है, जहां उसका उपचार चल रहा है।”
गार्ड में कोविड-19 के लक्षण मिलने के बाद उसे जांच के लिए अस्पताल भेजा गया था। पार्टी पदाधिकारी ने बताया, “जब हमने कल उसके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली, तो पता चला की वह स्वस्थ हो रहा है।” महाराष्ट्र के आवास मंत्री जितेंद्र आव्हाड के कुछ सुरक्षा गार्डों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि के बाद उन्होंने खुद को पृथक कर लिया है और मंगलवार को एहतियातन ठाणे शहर के निजी अस्पताल में भर्ती हो गए।
महाराष्‍ट्र के मंत्री जितेंद्र अव्हाड़ के 14 स्‍टाफ कोरोना पॉजिटिव
इससे पहले, महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री जितेंद्र आव्हाडट के यहां पर तैनात पुलिसकर्मियों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्होंने एहतियातन खुद को क्वारंटाइन कर लिया। दरअसल, जितेंद्र आव्हाड के सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी का टेस्ट पॉजिटिव आया था। इसके बाद सोमवार को उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी और अन्‍य स्‍टाफ समेत 14 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।हालांकि उनका कोविड-19 परीक्षण हो चुका है और उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। रिपोर्ट के मुताबिक 14 कोरोना पॉजिटिव में मंत्री जितेंद्र अव्‍हाड़ की सुरक्षा में तैनात गार्ड, हेल्‍पर और अन्‍य स्‍टाफ है। ये सभी 14 केस मुंब्रा में सामने आए हैं।
देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 20 हजार के पार
कोरोना वायरस के चलते बुधवार को पिछले 24 घंटे के दौरान 1486 नए केस आए हैं और 49 लोगों की मौत हो गई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याणा मंत्रालय के मुताबिक, इसके बाद अब भारत में कोरोना संक्रमितों के कुल मामले बढ़कर 20,471 हो गए हैं। इनमें 15859 सक्रिय केस हैं जबकि 3959 लोगों का इलाज कर ठीक होने के बाद उन्हें अस्पताल से घर भेजा जा चुका है। कोरोना से देशभर में अब तक 652 लोगों की मौत हुई है।

मुंबई, महाराष्ट्र में कोरोना वायरस मरीजों की संख्या लगातार तेजी से बढ़ रही है। मंगलवार को राज्य में संक्रमण के 552 मामले सामने आए और कुल केसों की संख्या 5 हजार के पार चली गई है। यहां अब तक कुल 5218 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। आज 19 लोगों की मौत के साथ मृतकों की संख्या 251 तक पहुंच गई है। देश में सबसे अधिक मरीजों की संख्या महाराष्ट्र में ही है। केवल मुंबई में ही मरीजों की संख्या 3 हजार के पार है। जबकि किसी अन्य राज्य में अब तक 3 हजार कोरोना संक्रमित नहीं मिले हैं। देश की आर्थिक राजधानी में कोरोना जमकर कहर बरपा रहा है। यहां अब तक 3445 लोग संक्रमित हो चुके हैं तो इस वायरस से 150 लोगों की सांसें थम चुकी हैं
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, आज 150 कोरोना संक्रमित मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। इसके बाद अब तक कुल 722 लोगों को यहां पर इलाज के बाद घर भेजा जा चुका है।

देश के 25 पर्सेंट से ज्यादा केस महाराष्ट्र में
देश में अब तक कोरोना संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 18,985 हो गए हैं। देश के कुल केसों से तुलना करें तो अकेले महाराष्ट्र में 25 पर्सेंट से अधिक कोरोना मरीज हैं। देश में कुल 15,122 सक्रिय केस हैं, जिनका इलाज किया जा रहा है। 3,260 लोगों का इलाज कर उन्हें घर भेजा जा चुका है और 603 लोगों की इस महामारी से जान जा चुकी है।

पहली बार किसी राज्य में 500 से ज्यादा केस
महाराष्ट्र में आज 552 कोरोना मरीज मिले हैं। यह पहली बार है जब देश के किसी राज्य में 500 से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित मिले हैं। केंद्र सरकार भी महाराष्ट्र की हालत को लेकर चिंतित है और वहां गृह मंत्रालय की ओर से टीम स्थिति का जायजा लेने भेजी गई है। इससे पहले एक दिन में सबसे अधिक 361 केस मध्य प्रदेश में 17 अप्रैल को सामने आए थे। 

महाराष्ट्र के बाद किन राज्यों का नंबर
महाराष्ट्र के बाद सबसे अधिक केस दिल्ली और गुजरात में हैं। दोनों ही राज्यों में 2 हजार से कुछ अधिक मरीज हैं। इसके अलावा राजस्थान और तमिलनाडु में 1500 से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं। उत्तर प्रदेश में करीब 13 सौ लोग संक्रमित हैं।

अंबरनाथ। युसूफ शेख
कोरोना का संकट और कितने दिन बरकरार रहेगा ये तो कहा नहीं जा सकता इस संक्रमण को लेकर पूरा देश परेशान है, जिसको इस रोग ने जकड़ लिया है वह और उसका परिवार परेशान है ही जिसको नहीं हुआ है वह सबसे ज्यादा परेशान है और डरा सहमा हुआ है कि ना जाने कोरोना कहीं उसे भी अपनी जकड़ में ले लेगा। दिन रात टीवी समाचार में कोरोना, कोरोना तो अखबारों एवं सभी की आपसी चर्चा में भी ये छाया हुआ है। मामूली सी खासी भी अगर आम आदमी को होती है तो इसको कोरोना का संदेह होने लगता है। थोड़ा सा गले में दर्द शुरू हुआ तो गर्म पानी से गरार किया जा रहा है। लोगों ने अपने परिवार जनों, परिचतों से हाथ मिलाना तक छोड़ दिया है। बात करते भी है तो पांच फीट की दूरी से। कुछ नेताओं ने तो मोबाईल के साथ साथ अपने हाथ अथवा जेब में हेंड सेनीटाईजर रखना शुरू कर दिया है। कई डॉक्टरों ने अपने अस्पताल के बाहर ही एक नर्स को बिठा रखा है जो पहले ये पूछती है कि आपको बुखार के साथ खांसी या सरदर्द तो नहीं। थोड़ा भी शक हुआ तो उसे अस्पताल अथवा बड़े डॉक्टर के पास जाने की सलाह दी जा रही है। सरकारी कार्यालय, बैंकों, बड़ी दुकानों के बाहर हेंड सेनीटाईजर रखा गया है। ज्यादातर लोगों ने कोरोना के डर से चेहरे पर मास्क लगाना शुरू कर दिया है। कोरोना की दहशत और 6 महिने तक जारी रहेगी ऐसा कहा जा रहा है। कोरोना के डर व कहर से लोगों में बेचैनी है और डॉक्टरों के पास लोगों की भीड़ है उनके पास मानसिकता को लेकर भी लोग आ रहे हैं।

मुंबई। महाराष्ट्र के पालघर में तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या के मामले को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने वीडियो संदेश जारी किया है। मुख्यमंत्री ने पहले कहा था कि तीन लोगों की भीड़ द्वारा हत्या के मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ठाकरे ने एक वीडियो संदेश में कहा कि सोमवार को उन्हें गृह अमित शाह का फोन आया था और उन्होंने खुद मामले में किसी तरह के सांप्रदायिक पहलू के नहीं होने की बात कही थी। 
ठाकरे ने कहा, “मैंने उनसे उन लोगों पर कार्रवाई करने के लिए अनुरोध किया जो पालघर भीड़ हत्या मामले को सांप्रदायिक रंग दे रहे हैं, जो तथ्यात्मक रूप से गलत है। मैंने उन्हें यह भी बताया कि मेरी सरकार निश्चित रूप से षड्यंत्रकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने जा रही है।” ठाकरे ने कहा है कि इस जघन्य और शर्मनाक कृत्य के किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा और कानून उन्हें सख्त से सख्त सजा देगा।
ठाकरे ने रविवार देर रात ट्वीट कर कहा, 'पालघर मामले में कार्रवाई की गई है। पुलिस ने उन सभी आरोपियों को उसी दिन गिरफ्तार किया है जिन्होंने दो साधुओं, एक वाहन चालक और पुलिसकर्मियों पर हमला किया था।' उन्होंने कहा कि इस जघन्य और शर्मनाक कृत्य के किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा और कानून उन्हें सख्त से सख्त सजा देगा।
बता दें कि प्रदेश सरकार ने 16 अप्रैल को हुई इस वारदात में पहले ही उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मामले को किसी भी तरह के सांप्रदायिक नजरिये से देखे जाने के खिलाफ चेतावनी दी थी क्योंकि ऐसा माना जा रहा है कि मारे गए तीन लोगों में से दो साधु थे।
वहीं, महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि हमलावर और पालघर भीड़ हत्या में मारे गए लोग अलग-अलग धर्मों के नहीं थे। उन्होंने रविवार को एक ट्वीट में कहा, 'मैंने महाराष्ट्र पुलिस और साइबर क्राइम को आदेश दिया है कि समाज या सोशल मीडिया में सांप्रदायिक नफरत को भड़काने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करें।”
उन्होंने कहा, “पुलिस ने पालघर में सूरत जा रहे तीन लोगों की हत्या में शामिल 101 लोगों को हिरासत में लिया है। मैंने इन हत्याओं की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।” देशमुख ने कहा कि पुलिस की नजर उन लोगों पर है जो इस घटना का इस्तेमाल समाज में दरार पैदा करने के लिये करना चाहते हैं। पालघर पुलिस ने सोमवार को ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर दो पुलिसवालों को निलंबित किया है। 
दरअसल, महाराष्ट्र के पालघर जिले में 16 अप्रैल की रात गुजरात के सूरत जा रहे मुंबई में कांदिवली के रहने वाले तीन लोगों की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इसमें दो साधु और एक ड्राइवर बताया जा रहा है। उनके वाहन को एक गांव के पास रोका गया था। उनके चोर होने के शक में भीड़ ने उन्हें उनकी कार से निकालकर लाठियों से पीट-पीटकर मार डाला था। मृतकों की पहचान चिकने महाराज कल्पवृक्षगिरी (70), सुशीलगिरी महाराज (35) और वाहन चालक निलेश तेलगाडे (30) के तौर पर हुई है।

अंबरनाथ से कोरोना राहत हेतु बड़ी मदद 

अंबरनाथ। युसूफ शेख

कोरोना संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री के आवाहन पर एवं विधायक बालाजी किणीकर द्वारा अपील किए जाने पर अंबरनाथ मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन(आमा) के अध्यक्ष उमेश तायडे ने औद्योगिक क्षेत्र की कंपनियों से 15 करोड़ रुपए जमा कर लिए हैं। जिसमें एएसबी इंटरनेशनल कंपनी ने 10 करोड़ रुपयों की निधि दी है। दूसरी कंपनियों से 5 करोड़ एकत्रित हुए हैं। ऐसी जानकारी सोमवार को एक बैठक में आमा अध्यक्ष उमेश तायडे ने दी है। जिन कारखानदारकों ने मुख्यमंत्री निधि के लिए रकम दी है उन सबका विधायक किणीकर ने आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि पालक मंत्री एकनाथ शिंदे, सांसद श्रीकांत शिंदे के सहकार्य से उनके एवं पूर्व नगराध्यक्ष सुनील चौधरी के आवाहन पर आमा अध्यक्ष तायडे के साथ हुई एक बैठक में मुख्यमंत्री निधि में रकम जमा करने की अपील पर 15 करोड़ से भी ज्यादा रकम जमा की गई है। औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों को लाॅकडाऊन में भरपूर भोजन मिले इसके लिए जांभिवली और फणसीपाडा कम्युनिटी किचन मार्फत हर रोज हजारों मजदूरों को भोजन दिया जा रहा है। किचन में कोई कमी ना हो इस पर ध्यान रखा जा रहा है।

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