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केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों के आंदोलन के दौरान बुधवार को संत बाबा राम सिंह ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने खुद को गोली मार ली, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। यह घटना करनाल में बॉर्डर के पास हुई है। कहा जा रहा है कि संत बाबा राम सिंह किसानों पर सरकार के रवैये से आहत थे।

संत बाबा राम सिंह के पास से सुसाइड नोट भी मिला है। वे पिछले काफी दिनों से दिल्ली के पास हो रहे आंदोलन में शामिल थे। उन्होंने एक शिविर की भी व्यवस्था की थी और कंबल भी बांटे थे।

पीटीसी न्यूज की मानें तो सुसाइड नोट में बाबा राम सिंह ने लिखा है कि वे किसानों की हालत नहीं देख सकते हैं। उन्होंने लिखा कि केंद्र सरकार विरोध को लेकर कोई ध्यान नहीं दे रही है, इसलिए वे किसानों, बच्चों और महिलाओं को लेकर चिंतित हैं।

सुसाइड नोट में बाबा राम सिंह ने लिखा है कि उनसे किसानों का दुख देखा नहीं जा रहा है। उन्होंने लिखा, ''अपने हक के लिए सड़कों पर किसानों को देखकर बहुत दिल दुख रहा है। सरकार न्याय नहीं दे रही है। जुल्म है। जुल्म करना पाप है। जुल्म सहना भी पाप है।''

गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर किसानों के संगठन कृषि कानूनों को रद्द किए जाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इनमें अधिकतर किसान पंजाब और हरियाणा के हैं। प्रदर्शनकारी किसानों ने आशंका जताई है कि नए कानूनों से एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) और मंडी व्यवस्था खत्म हो जाएगी और और वे बड़े कॉरपोरेट पर निर्भर हो जाएंगे। केंद्रीय खाद्य मंत्री पीयूष गोयल और वाणज्य राज्य मंत्री सोम प्रकाश के साथ मिलकर तोमर किसानों के 40 संगठनों के साथ सरकार की वार्ता का नेतृत्व कर रहे हैं। अभी तक किसानों और सरकार के बीच में कई दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं, लेकिन कोई भी हल नहीं निकला है।

पंजाब लौट रहे किसानों की हो गई थी मौत

वहीं, दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर धरना देकर ट्रैक्टर पर सवार होकर पटियाला लौट रहे पंजाब के दो किसानों की हरियाणा के करनाल जिले में एक ट्रक की चपेट में आने से मंगलवार सुबह मौत हो गई थी। पुलिस ने बताया था कि तरौरी फ्लाईओवर पर हुई इस घटना में एक अन्य किसान को भी गंभीर चोटें आई हैं, जबकि कुछ और लोगों को मामूली चोटें लगी हैं। तरौरी थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर सचिन ने कहा कि मृतकों की उम्र 24 साल और 50 साल के आसपास है। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से भागने में कामयाब रहा था।

कानपुर। आठ पुलिसकर्मियों का हत्यारा विकास दुबे शुक्रवार सुबह पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। विकास दुबे को उज्जैन से कानपुर ला रही यूपी STF की काफिले की गाड़ी आज सुबह दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा कानपुर टोल प्लाजा से 25 किलोमीटर दूर हुआ। यूपी एसटीएफ की टीम विकास दुबे को लेकर जैसे ही कानपुर पहुंची, वह गाड़ी में सुरक्षाकर्मियों की पिस्टल छीनने लगा। इसी बीच संतुलन बिगड़ने के बाद गाड़ी पलट गई। गाड़ी पलटते ही विकास पुलिस पर फायरिंगकर भागने लगा।
सुरक्षाकर्मियों ने भी अपने बचाव में गोलियां चलाईं। मुठभेड़ में विकास गंभीर रूप से घायल हो गया। सुरक्षाकर्मी उसे लेकर हैलट अस्पताल पहुंचे जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस कार हादसे में तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
विकास दुबे की एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आना शुरू हो गई हैं। सबसे पहले समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इस पर तंज कसा है। उनका कहना है कि दरअसल ये कार नहीं पलटी है, राज खुलने से सरकार पलटने से बचाई गई है।
आपको बता दें कि विकास दुबे को गुरुवार सुबह उज्जैन (मध्य प्रदेश) में पुलिस ने गिरफ्तार किया। सात दिन की तलाश के बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद एमपी की पुलिस ने विकास दुबे को उज्जैन कोर्ट में पेश कर देर शाम यूपी एसटीएफ की टीम को सौंप दिया था।
कोरोना टेस्ट के बाद होगा विकास दुबे के शव का पोस्टमार्टम
सीने और कमर में लगीं गोलियां : विकास पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बुरी तरह जख्मी हो गया था। उसके सीने और कमर में दो गोली लगीं। 
- कानपुर हैलट अस्पताल में विकास की बॉडी सील। कोरोना टेस्ट कर बाद  पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा शव।
कानपुर के एसपी वेस्ट डा. अनिल कुमार ने बताया : 
पुलिस वाहन पलटने के बाद पुलिस की पिस्टल छीन कर विकास दुबे भागने लगा। एसकार्ट में पीछे लगी गाडिय़ों में तैनात कानपुर एसटीएफ और पुलिस के जवानों ने घेराबंदी की और विकास को सरेंडर करने को कहा, लेकिन वह नहीं माना और पुलिस पर फायरिंग करने लगा। जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से घायल विकास की हैलट अस्पताल में मौत हो गई।
मुठभेड़ में चार पुलिसकर्मी घायल, उर्सला अस्पताल रेफर
विकास दुबे के साथ हुई मुठभेड़ में नवाबगंज एसओ रमाकांत पचौरी समेत चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। जहां दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायल पुलिसकर्मियों को कल्याणपुर सीएससी से उर्सला अस्पलात भेज दिया गया है।
- कानपुर शहर से 17 किमी पहले  विकास दुबे को ला रहा पुलिस वाहन हल्की बारिश के बीच भौंती हाईवे के पास अनियंत्रित होकर पलट गया।
- यूपी के पूर्व सीएम और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि कार नही पलटी सरकार पलटने से बचाई गई। 
विकास के 5 अन्य करीबी भी पुलिस एनकाउंटर में हुए ढेर
अबतक विकास दुबे के पांच करीबी साथी पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं जबकि दो अन्य साथी दयाशंकर कल्लू और श्यामू वाजपेयी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मुठभेड़ में मारे गए साथियों के नाम हैं- प्रेम प्रकाश (विकास दुबे का मामा), अतुल दुबे (विकास दुबे का भतीजा), अमर दुबे (विकास दुबे का राइड हैंड), प्रभात और प्रवीण उर्फ बउवा। इसके साथ ही वारदात में शामिल 14 आरोपितों को जेल भेजा जा चुका है। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ पुलिस ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। सीओ, एसओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की हत्या के मामले में विकास समेत 18 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की थी। जांच के बाद 15 लोगों के और नाम सामने आए हैं। इन सभी के नाम भी एफआईआर में बढ़ाए जाएंगे। विकास पर पांच लाख और इन सभी पर फरार अपराधियों पर 50-50 हजार का इनाम घोषित किया गया था।

       उल्हासनगर। हीरो बोधा
    उल्हासनगर शहरवासी लाॅकडाऊन का पूर्ण रूप से पालन नहीं करते हुए स्वयं मौत को दावत दे रहे हैं। शहर के हर कोने में हर उम्र के लोग ठाणे जिलाधिकारी के आदेश की धज्जियां उड़ा रहे हैं। गलियों व टैरेस पर बच्चे व बड़े किक्रेट खेल रहे हैं उन्हें मां-बाप भी नहीं रोक रहे, बुजुर्ग सब्जी लेने अथवा सैर पर जा रहे हैं, लोग सब्जी मंडी में भीड़ कर रहे हैं, बिना मास्क घूम रहे हैं, युवक दुपहिया वाहनों पर मटरगश्ती कर रहे हैं गले मिल रहे हैं, इतना ही नहीं शहरवासी रिश्तेदारों को अपने घरों में बुलाकर घरों में ही पार्टी कर रहे हैं जबकि घर में बाहरी मेहमान को बुलाना यानि अपनी मौत को दावत देने बराबर है। जैसे कि बताया गया है कि कोरोना के लक्ष्ण किसी में भी कभी भी पाए जा सकते हैं और जरूरी नहीं उसे खांसी व बुखार हो एक स्वस्थ दिखने वाले व्यक्ति को भी कोरोना हो सकता है। शहर के ज्यादातर लोग इसका पालन कर रहे हैं और जो नहीं कर रहे हैं वो यह समझ रहे हैं कि शहर में कभी कोरोना नहीं आ सकता या उन्हें नहीं हो सकता तो यह उनकी सबसे बड़ी भूल है। कोरोना मानव बम की तरह शहर में तेजी से फैलकर एक के साथ दूसरे को भी अपनी चपेट में ले लेगा। लाॅकडाऊन का उल्लंघन करने वाले यह नहीं समझ रहे हैं कि अगर वो इसी तरह उल्लंघन करते रहे तो लाॅकडाऊन खुलेगा ही नहीं क्योंकि फिर इस बीमारी पर काबू पाना मुश्किल हो जाएगा। उल्हासनगर शहर में जब पहला मरीज मिला था उसके बाद पूरे शहर को बंद करना पड़ा आज करीब 1 माह से शहर में लाॅकडाऊन है। बाहरी शहर से लोग किसी न किसी तरीके से घूस रहे हैं जिस कारण कोरोना किसी भी तरह शहर में आ सकता है। लाॅकडाऊन का मजाक बनाने वाले लोगों पर ड्रोन कैमरे के जरिए नजर रखकर उनपर पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। तभी पूर्ण लाॅकडाऊन का हल निकलेगा।
    ज्ञात हो कि कैम्प 5 हिललाईन पुलिस स्टेशन के पास के निवासी एक 37 वर्षीय व्यक्ति को मुंबई में ही कोरोना संक्रमित पाया गया है यह व्यक्ति मुंबई के खार परिसर स्थित एक अस्पताल में ही कार्यरित था और कई बार अपने घर आ चुका है। उसके परिजनों को क्वारंटाईन में रखा गया उनकी भी कोरोना की जांच कराई गई है जिसमें से उनके भाई की रिपोर्ट नेगेटिव आयी है लेकिन उनके पत्नी की रिपोर्ट आनी बाकी है। वो व्यक्ति अब तक कितनों के संपर्क में आया उसकी जांच चल रही है। वहीं मंगलवार रात को कैम्प 2 से यह खबर आयी कि नेहरू चौक परिसर निवासी 68 वर्षीय महिला पर कोरोना का संदेह है लेकिन पता चला है कि किसी अन्य बीमारी से जूझ रही महिला का ईलाज कुछ दिनों से सेंट्रल अस्पताल में चल रहा था उन्हें कल कैम्प 4 के कोरोना अस्पताल ले गए हैं लेकिन उनमें कोरोना के लक्ष्ण है या नहीं यह तो रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा। उनके परिजनों को क्वारंटाईन किया गया है और परिसर को सील कर सैनेटाईजिंग की गई है। 
     शहर में रोजाना कोरोना मरीज मिलने की अफवाह उड़ रही है। सुरक्षा के लिहाज से शहर के कई परिसरों के रास्तों को बंद किया जा रहा है जिस कारण लोग कोरोना के मरीज मिलने की अफवाह फैला रहे हैं। लोगों से अपील है कि कोरोना संबंधित वाट्सअप पर किसी भी तरह की अफवाह फैलाना अपराध है और उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी। अगर लाॅकडाऊन का पूर्ण रूप से पालन नहीं किया जाएगा तो शहर में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। फिलहाल तो एक मरीज का ईलाज मुंबई में ही चल रहा है शेष रिपोर्ट आनी बाकी है। कोरोना यौध्दाओं पुलिस व यातायात पुलिस का इस तपती गर्मी में सराहनीय बंदोबस्त है। महापालिका प्रशासन, डाॅक्टरों व पत्रकार बहखूबी अपना काम कर रहे हैं। कुछ नेता व नगरसेवक ही कार्य कर रहे हैं बाकी अपनी रोटियां सेक रहे हैं। शहर के गुरुद्वारा व प्रमुख मंदिरों एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा बेसहारा के लिए दो वक्त की रोटी का प्रबंध किए हुए हैं। बैंक व अत्यावश्यक सेवा के खुले रहने से फिलहाल लोगों को परेशानी नहीं हो रही है।

जमावबंदी का उल्लंघन करने वाले 5 युवकों पर भी अपराध दर्ज
उल्हासनगर। कोरोना विषाणु संसर्ग के पाश्र्वभूमि पर दूसरों का जीवन और अपना जीवन धोके में डालकर मुलुंड निवासी एक व्यक्ति ने अपनी वाहन के कांच पर नगरसेवक का स्टीकर चिपकाकर रास्ते के चौक पर पुलिस कर्मियों को धोके में डालकर उल्हासनगर तक सफर किया। आखिर उल्हासनगर के मधुबन चौक पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया है। मुलुंड निवासी लालचंद चंदरलाल प्रेमाणी(40) अपनी पत्नी रोशनी और दो लड़कियों के साथ 20 अप्रैल की शाम 5.51 बजे पकड़ा गया है। उसपर और उसकी पत्नी पर राष्ट्रीय आपत्ती व्यवस्थापन कलम अनुसार, कफ्र्यू का उल्लंघन और महाराष्ट्र कोविड उपाय योजना 2020 के नियम 11 के अनुसार उल्हासनगर पुलिस ने अपराध दर्ज किया है। आरोपी पर पुलिस को धोके में रखने का अलग से केस दर्ज होना चाहिए थे जो पुलिस ने दर्ज नहीं किया है। लालचंद पर आरोप है कि दफा 144 लागू होते हुए भी मा. जिलाधिकारी ठाणे के आदेशानुसार ठाणे जिले में प्रवेश बंदी है। कोरोना से दूसरों को धोका हो सकता है ये जानते हुए भी आरोपी लालचंद ने उसकी पत्नी और दो लड़कियों के साथ मधुबन चौक उल्हासनगर तक सोमवार की शाम में वाहन क्र एमएच05 सीएम 3660 में सामने के कांच पर नगरसेविका का झुठा स्टीकर लगाकर प्रवेश किया। प्रवेश करने के बाबत कोई भी परवाना ना होते हुए मुलुंड से उल्हासनगर में प्रवेश किया। पति-पत्नी पर भादवि कलम 188,269,270,290,170,34 के अलावा और कई कलम के अनुसार अपराध दर्ज हुआ है। इसके अलावा भी उल्हासनगर पुलिस थाने क्षेत्र में पांच युवकों तरुण शहजादपुरी, अजय तलरेजा, पवन शादीजा, रोहन ठाकुर व राजेश तलरेजा पर भी नाना नानी पार्क परिसर में लॉकडाऊन व जमावबंदी के उल्लंघन का मामला दर्ज किया है। ज्ञात हो कि उल्हासनगर शहर में फर्जी प्रेस स्टीकर के साथ भी कई लोग घूम रहे हैं पुलिस ऐसे फर्जी प्रेस स्टीकर का इस्तेमाल करने वालों पर भी कार्रवाई करे।

अंबरनाथ। युसूफ शेख
कोरोना का संकट और कितने दिन बरकरार रहेगा ये तो कहा नहीं जा सकता इस संक्रमण को लेकर पूरा देश परेशान है, जिसको इस रोग ने जकड़ लिया है वह और उसका परिवार परेशान है ही जिसको नहीं हुआ है वह सबसे ज्यादा परेशान है और डरा सहमा हुआ है कि ना जाने कोरोना कहीं उसे भी अपनी जकड़ में ले लेगा। दिन रात टीवी समाचार में कोरोना, कोरोना तो अखबारों एवं सभी की आपसी चर्चा में भी ये छाया हुआ है। मामूली सी खासी भी अगर आम आदमी को होती है तो इसको कोरोना का संदेह होने लगता है। थोड़ा सा गले में दर्द शुरू हुआ तो गर्म पानी से गरार किया जा रहा है। लोगों ने अपने परिवार जनों, परिचतों से हाथ मिलाना तक छोड़ दिया है। बात करते भी है तो पांच फीट की दूरी से। कुछ नेताओं ने तो मोबाईल के साथ साथ अपने हाथ अथवा जेब में हेंड सेनीटाईजर रखना शुरू कर दिया है। कई डॉक्टरों ने अपने अस्पताल के बाहर ही एक नर्स को बिठा रखा है जो पहले ये पूछती है कि आपको बुखार के साथ खांसी या सरदर्द तो नहीं। थोड़ा भी शक हुआ तो उसे अस्पताल अथवा बड़े डॉक्टर के पास जाने की सलाह दी जा रही है। सरकारी कार्यालय, बैंकों, बड़ी दुकानों के बाहर हेंड सेनीटाईजर रखा गया है। ज्यादातर लोगों ने कोरोना के डर से चेहरे पर मास्क लगाना शुरू कर दिया है। कोरोना की दहशत और 6 महिने तक जारी रहेगी ऐसा कहा जा रहा है। कोरोना के डर व कहर से लोगों में बेचैनी है और डॉक्टरों के पास लोगों की भीड़ है उनके पास मानसिकता को लेकर भी लोग आ रहे हैं।


मुंबई। कोरोना वायरस दुनियाभर में कहर बरपा रहा है। सरकारें वायरस को फैलने से रोकने के लिए पूरी ताकत लगा रही हैं तो वैज्ञानिक इलाज और बचाव को लेकर शोध में जुटे हैं। छह भारतीय कंपनियां भी कोविड-19 से बचाने वाला वैक्सीन बनाने में जुटी हैं। एक बड़े भारतीय वैज्ञानिक ने यह जानकारी दी। हालांकि, इनके बाजार में आने में अभी समय लगेगा। 
करीब 70 वैक्सीन की जांच चल रही है और कम से कम तीन मानव पर क्लिनिकल ट्रायल स्टेज में पहुंची हैं। लेकिन 2021 से पहले इनके बाजार में आने की संभावना कम है। दुनिया में करीब 19 लाख लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं और 1 लाख 26 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। 
ट्रैन्स्लैशनल हेल्थ साइंस एंड टेक्नॉलजी इंस्टिट्यूट फरीदाबाद के एग्जीक्युटिव डायरेक्टर गगनदीप कांग ने कहा, 'जाइडस काडिला दो वैक्सीन पर काम कर रही है। इसके अलावा सीरम इंस्टीट्यूट, बायोलॉजिकल ई, भारत बायोटेक, इंडियन इम्यूनोलोजिकल्स और मायनवैक्स भी एक-एक वैक्सीन डिवेलप करने में जुटी हैं।'
अभूतपूर्व तेजी से काम
कांग कोलिशन फॉर एपिडेमिक प्रिपेयर्डनेस इनोवेशन (CEPI) के भी उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा, 'कोविड-19 के खिलाफ ग्लोबल वैक्सीन पर रिसर्च एंड डिवेलपमेंट स्केल और स्पीड के मानक पर अभूतपूर्व है। लेकिन यह बहुत जटिल प्रक्रिया है। इसके कई चरण होते हैं जिसमें कई चुनौतियां होती हैं। कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीन बनने में 10 साल का समय नहीं लगेगा जैसा कि अक्सर लगता है, लेकिन सुरक्षित, प्रभावी साबित करने और सबके लिए सुलभ बनाने में एक साल का समय तो लगेगा।'

वैक्सीन बनाने में लग जाते हैं सालों
केरल में राजीव गांधी सेंटर फॉर बोयोटेक्नॉलजी के मुख्य वैज्ञानिक ई. श्रीकुमार कहते हैं, 'वैक्सीन डिवेलपमेंट बहुत लंबी प्रक्रिया है, जिसमें अक्सर सालों लग जाते हैं, इसमें बहुत सी चुनौतियां होती हैं।' हैदराबाद में सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मोलिक्युलर बायोलॉजी के डायरेक्टर राकेश मिश्रा ने कहा, 'आमतौर पर वैक्सीन को अलग-अलग स्टेज से गुजरने में कई महीने लग जाते हैं। हम उम्मीद नहीं कर रहे हैं कि इस साल वैक्सीन आएगा।' मानव पर परीक्षण से पहले वैक्सीन की लैब टेस्टिंग पर जानवरों पर ट्रायल होता है। श्रीकुमार कहते हैं कि मानव पर परीक्षण के भी कई फेज होते हैं।  


ठाणे। महाराष्ट्र के आवास मंत्री डॉ. जितेंद्र आव्हाड की कोरोना वायरस जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। आव्हाड ने खुद ही ट्वीट कर यह जानकारी दी है। दरअसल सोमवार को मीडिया रिपोर्ट के हवाले से खबर आई थी जितेंद्र आव्हाड कोरोना वायरस की चपेट में हैं, जिसके बाद उन्होंने खुद को क्वारंटाइन कर लिया है। लेकिन अब जितेंद्र आव्हाड ने ट्वीट कर अपनी जांच रिपोर्ट शेयर की है और बताया है कि वो बिल्कुल ठीक हैं और उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। वहीं कल्याण के पूर्व सांसद व राकांपा नेता आनंद परांजपे के कोरोना पाॅजिटीव से राकांपा में गबराहट हो गई है। खबर मिली है कि परांजपे आव्हाड से मिलने उनके घर गए थे इस कारण कोरोना की चपेट में आए हैं।
उन्होंने अपने ट्वीट में कहा है कि मैं फिट हूं और ठीक हूं, सड़क पर काम कर रहा हूं। उन्होंने आगे कहा है कि कुछ चैनलों ने टीआरपी के लिए मेरा उपयोग किया। बता दें कि कोरोना वयारस के खतरे को देखते हुए पूरा भारत लॉकडाउन है। देश में कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज महाराष्ट्र में मिले हैं।
महाराष्ट्र में लॉकडाउन और विभिन्न प्रतिबंध लागू रहने के बावजूद बुधवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 232 नये मामले सामने आने के साथ राज्य में कोविड-19 के कुल मरीजों की संख्या बढ़ कर 2916 हो गई है। वहीं, नौ और लोगों की मौत हो जाने से मृतक संख्या 187 पहुंच गई। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई में अब तक संक्रमण के 1,896 मामले सामने आये हैं जबकि 114 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि जिन नौ लोगों की आज मौत हुई उनमें पुणे में छह, मुंबई में दो, अकोला का एक मामला शामिल है। 
इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दोहराया है कि देश में अब तक सामुदायिक स्तर पर संक्रमण नहीं है। राज्य के स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि बुधवार को संक्रमण के 232 नए मामलों की पुष्टि हुई, जिससे यह आंकड़ा बढ़कर 2916 पहुंच गया। वहीं, नौ और व्यक्तियों की मौत होने से मृतक संख्या अब 187 हो गई है। उन्होंने बताया कि 36 और लोग स्वस्थ हुए हैं, इस तरह राज्य में कोविड-19 से ठीक होने वाले लोगों की संख्या अब 295 हो गई है। विभिन्न क्षेत्रों में ठाणे संभाग में संक्रमण के अब तक 2,228 मामले सामने आए हैं। 
वहीं, मुंबई में 114 लोगों की मौत हुई है, जबकि पुणे में अब तक 44 लोगों की मौत हुई है और 415 मामले सामने आये हैं। नासिक में 83 लोग संक्रमित हैं और पांच लोगों की मौत हुई है। पश्चिमी महाराष्ट्र के कोल्हापुर संभाग में 39 मामले और एक मौत हुई है। मराठवाड़ा क्षेत्र के औरंगाबाद संभाग में 25 मामले सामने आये हैं जबकि दो लोगों की मौत हुई है। अधिकारी ने बताया कि लातूर संभाग में संक्रमण के 13 मामले सामने आये हैं जबकि विदर्भ क्षेत्र के अकोला संभाग में 46 लोग संक्रमित पाये गये हैं। पूर्वी महाराष्ट्र के नागपुर संभाग में अब तक 56 मामले सामने आये हैं जबकि एक व्यक्ति की मौत हुई है। 
अधिकारी ने बताया कि कुल 5394 दस्तों ने अब तक 20 लाख से अधिक लोगों की निगरानी की है। इस बीच, महाराष्ट्र में अब तक 2,330 मामलों के विश्लेषण से पता चलता है कि 70 प्रतिशत या 1646 मरीजों की आयु 21 वर्ष से 50 वर्ष के बीच है जबकि 684 अन्य की आयु 50 से 60 के बीच है। यह जानकारी स्वास्थ्य अधिकारियों ने दी। आंकड़े के विश्लेषण से यह पता चलता है कि 50 से अधिक आयु समूह के लोगों को इस बीमारी से सबसे अधिक खतरा है। आंकड़े के अनुसार (मंगलवार तक हुई कुल 178 मौतों में से) इस आयु वर्ग के मरने वाले व्यक्तियों की संख्या करीब 77 प्रतिशत है। 



मुंबई: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने बांद्रा स्टेशन पर हुई घटना को शर्मनाक और सरकार की विफलता बताते हुए कहा, ” बांद्रा की घटना बेहद चिंताजनक है। हम पहले दिन से सरकार से कह रहे थे कि वे उन मजदूरों के लिए कुछ व्यवस्था करें जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं। राज्य सरकार को यह जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि वे सभी को भोजन और राशन कैसे प्रदान करेंगे।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ” राज्य सरकार मजदूरों की व्यवस्था करने में विफल रही। इसीलिए हमें आज इतनी शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ा कि भारी तादाद में मजदूर आए और कहा कि या तो हमें खाना मुहैया कराओ या फिर घर-भेजो, यह सब हुआ बांद्रा में, सरकार की नाक के नीचे.”
दरअसल मंगलवार शाम साढ़े चार बजे मुंबई के बांद्रा स्टेशन में प्रवासी मजदुर हजारों की संख्या में जमा हो गये थे और अपने अपने घरों में भेजने की मांग करने लगे. लॉक डाउन के दौरान इतनी बड़ी संख्या में लोगों की जमा होने से प्रशासन पुलिस के हाथ फूल गए. वहीं भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज का उपयोग किया हैं.
लोगों को मैसेज कर बताया गया: पूनम महाजन 
मुंबई से सांसद और भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इसको बड़ी साजिस बताते हुए कहा कि, ” महाराष्ट्र सरकार मजदूरों को खाना देने में पूरी तरह विफल हो गई हैं, लोगों को फ़ोन में मैसेज कर यहां बुलाया गया हैं. यह एक बड़ी साजिस हैं.”

केंद्र ने मजदूरों के लिए नहीं किया इंतज़ाम: आदित्य ठाकरे

बांद्रा स्टेशन पर जमा हुई भीड़ पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और युवा सेना प्रमुख आदित्य ठाकरे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा हैं. उन्होने ट्वीट करते हुए कहा, ” बांद्रा स्टेशन की मौजूदा स्थिति बनी है, केंद्र सरकार द्वारा प्रवासी श्रमिकों के लिए घर वापस जाने के रास्ते की व्यवस्था करने में सक्षम नहीं होने का एक परिणाम है।”
आदित्य ठाकरे ने कहा, ” जिस दिन से ट्रेनों को बंद किया गया है, उसी दिन से, राज्य ने ट्रेनों को 24 घंटे और चलाने का अनुरोध किया था, ताकि प्रवासी श्रमिक घर वापस जा सकें।” उन्होंने कहा, ” CM उद्धव ठाकरे जी ने इस मुद्दे को PM- CM वीडियो में उठाया और साथ ही प्रवासी श्रमिकों के लिए एक रोडमैप का अनुरोध किया था.”
पर्यटन मंत्री ने कहा, ” केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित एक पारस्परिक रोड मैप काफी हद तक प्रवासी श्रमिकों को एक राज्य से दूसरे राज्य में सुरक्षित और कुशलतापूर्वक घर पहुंचाने में मदद करेगा। समय समय पर इस मुद्दे को केंद्र के साथ उठाया गया है।”
ठाकरे ने कहा, ” गुजरात के सूरत में कानून और व्यवस्था की स्थिति काफी हद तक एक समान स्थिति के रूप में देखी गई है और सभी प्रवासी श्रमिक शिविरों से प्रतिक्रिया समान है। कई खाने या रहने से इंकार कर रहे हैं। वर्तमान में महा में विभिन्न आश्रय शिविरों में 6 लाख से अधिक लोगों को रखा गया है।” 





54वें सिन्धी भाषा मान्यता दिवस पर सभी को बधाई
जय झूलेलाल 🙏🏻🇮🇳

10 अप्रैल 1967 जो सिन्धी भाषा खे भारतअ जे संविधानअ में मान्यता
हासिल थी हुई....
पहिंजे मिट्र-मायट्रन, दोस्त-यारअन अएं सुंजातलन खे सिन्धी भाषा डिह जी वाधायूं
सिन्धी बोली अमर रहे..
सिन्धी असांजी बोली...
हा मां सिन्धी आंया....🇮🇳
जय झूलेलाल🙏🏻
10 अप्रेल 1967 को सिन्धी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में 15वीं भाषा के रूप में सम्मिलित किया। उल्हास विकास परिवार की ओर से सिंधी भाषा दिवस पर सभी पाठकों व शुभचिंतकों को शुभकामनाएँ। जय झुलेलाल।



रियो डी जेनेरियो। स्‍पेन की कैरोलीन मारिन ने भारत की सुपर गर्ल पीवी सिंधु को रियो ओलंपिक में बैडमिंटन के महिला एकल के फाइनल में हराकर गोल्ड मेडल हासिल किया जबकि सिंधु ने सिल्वर जीतकर इतिहास रच दिया। मारिन ने 19-21, 21-12, 21 15 से मुकाबला जीता।
यहां पर मुकाबले का आंखों देखा हाल
तीसरा गेम
शाम 8.59 बजेः मारिन तीसरा गेम 21-15 से जीता
शाम 8.53 बजेः मारिन ने प्वाइंट जीता, 16-13 से आगे
शाम 8.46 बजेः मारिन ने लगातार तीन प्वाइंट जीते, 14-11 से आगे
शाम 8.46 बजेः मारिन 11-10 से आगे
शाम 8.44 बजेः सिंधु ने दो प्वाइंट लगातार जीते, स्कोर 10-10 से बराबर
शाम 8.40 बजेः सिंधु ने तीन प्वाइंट लगातार जीते, मारिन 9-7 से आगे
शाम 8.39 बजेः मारिन ने प्वाइंट जीता, स्कोर 9-4
शाम 8.37 बजेः सिंधु ने प्वाइंट जीता, मारिन 7-3 से आगे
शाम 8.33 बजेः मारिन ने प्वाइंट जीता, स्कोर 6-1
शाम 8.29 बजेः मारिन ने प्वाइंट जीता, स्कोर 4-1
शाम 8.29 बजेः मारिन ने पहला प्वाइंट जीता
दूसरा गेम
शाम 8.24 बजेः मारिन ने दूसरा गेम 21-12 से जीता
शाम 8.24 बजेः मारिन 18-11 से आगे
शाम 8.09 बजेः मारिन 18-9 से आगे
शाम 8.22 बजेः सिंधु ने हासिल किया प्वाइंट, मारिन 17-9 से आगे
शाम 8.19 बजेः सिंधु ने हासिल किया प्वाइंट, मारिन 14-7 से आगे
शाम 8.18 बजेः सिंधु ने हासिल किया प्वाइंट, मारिन 13-6 से आगे
शाम 8.09 बजेः मारिन 9-4 से आगे
शाम 8.09 बजेः मारिन 7-2 से आगे
शाम 8.09 बजेः सिंधु ने प्वाइंट हासिल किया, मारिन 6-2 से आगे
शाम 8.07 बजेः मारिन ने लगातर तीन प्वाइंट जीते, स्कोर 3-0
पहला गेम
शाम 8.04 बजेः सिंधु ने लगातार प्वाइंट जीतकर पहला गेम 21-19 से जीता
शाम 8.02 बजेः पहले गेम में सिंधु को मिला प्वाइंट, स्कोर 19-19
शाम 8.01 बजेः पहले गेम में सिंधु को मिला प्वाइंट, मारिन 19-18 से आगे
शाम 08.00 बजेः पहले गेम में मारिन 19-16 से आगे
शाम 7.58 बजेः पहले गेम में लंबी रैली के बाद सिंधु को मिला प्वाइंट, मारिन 17-16 से आगे
शाम 7.55 बजेः पहले गेम में सिंधु को मिला प्वाइंट, मारिन 16-15 से आगे
शाम 7.54 बजेः पहले गेम में सिंधु को मिला प्वाइंट, मारिन 16-13 से आगे
शाम 7.50 बजेः पहले गेम में मारिन 14-11 से आगे
शाम 7.50 बजेः पहले गेम में सिंधु को मिला प्वाइंट, मारिन 13-9 से आगे
शाम 7.49 बजेः पहले गेम में मारिन 12-6 से आगे
शाम 7.46 बजेः पहले गेम में मारिन 10-6 से आगे
शाम 7.43 बजेः सिंधु ने हासिल किया प्वाइंट, स्कोर 7-4
शाम 7.43 बजेः मारिन 7-3 से आगे
शाम 7.42 बजेः सिंधु ने हासिल किया प्वाइंट, स्कोर 5-3
शाम 7.41 बजेः मारिन पहले सेट में 5-2 से आगे
शाम 7.41 बजेः मारिन 4-2 से आगे
शाम 7.40 बजेः मारिन 3-2 से आगे
शाम 7.39 बजेः सिंधु ने 2-2 से स्कोर बराबर किया
शाम 7.38 बजेः मारिन ने पहला प्वाइंट जीता
शाम 7.37 बजेः भारत की पीवी सिंधु और स्पेन की कारोलिना मारिन के बीच मुकाबला शुरू
शाम 7.00 बजेः भारत की पीवी सिंधु और स्पेन की कारोलिना मारिन के बीच मुकाबला शुरू होने में देरी

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