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अंबरनाथ में एक ही दिन में चार की मृत्यु, 75 नए मरीज, 439 एक्टिव मरीज

* उल्हासनगर में नए मरीज 172एक्टिव मरीज 1399
कोरोना मुक्त 1803, मृत्यु 58, कुल संख्या 3260

* अंबरनाथ में नए मरीज 75एक्टिव मरीज 439
कोरोना मुक्त 1869मृत्यु 70, कुल संख्या 2378

* बदलापुर में नए मरीज 85, एक्टिव मरीज 506
कोरोना मुक्त 534, मृत्यु 19, कुल संख्या 1158

* कल्याण-डोंबिवली में नए मरीज 471एक्टिव मरीज 5247
कोरोना मुक्त 4946, मृत्यु 158, कुल संख्या 10,193
अंबरनाथ। युसूफ शेख। अंबरनाथ में बुधवार को कोरोना के 75 नए बाधित मिले हैं और एक ही दिन में चार लोगों की मृत्यु होने से स्थिति चिंताजनक होते जा रही है। शहर में कोरोना ग्रस्त मरीजों की संख्या अब 2378 हो गई है। अब तक शहर में 70 मरीजों की मौत हुी है। ये एक बहुत बड़ा आंकड़ा है। मृतकों का प्रतिशत तीन के करीब तक पहुंच रहा है। मृतकों का प्रतिशत 2.94 है। आज तक 1869 मरीज कोरोना मुक्त हुए है। ठीक होने वाले मरीजों का प्रतिशत 78.59 है। एक्टिव मरीज 439 हैं इसका प्रतिशत 18.46 है। आज 103 की रिपोर्ट आयी है जिसमें 23 नेगेटिव, 75 पाॅजिटीव और 5 इनक्लुसिव है। अंबरनाथ पूर्व में 44 और पश्चिम में 31 नए रोगी मिले हैं। कुछ ही दिन पहले तक पश्चिम में ज्यादा और पूर्व में कम रोगी मिले रहे थे लेकिन अब पूर्व में ज्यादा कोविड रोगी मिल रहे हैं। डेंटल अस्पताल में 182 अन्य अश्पतालों में 175 और होम क्वारनटाईन में 82 रोगी है। अब तक 4198 लोगों ने कोविड जांच कराया है। 95 की रिपोर्ट प्रलंबित है। अंबरनाथ नगरपरिषद ने बुधवार को कोविड रिपोर्ट अच्छे तरीके से बनाकर पत्रकारों को भेजी है।
बदलापुर। कुलगांव बदलापुर नपा क्षेत्र में बुधवार को 85 मरीजों के मिलने से यहां पर कुल मरीजों की संख्या 1158 हो गई है। यहां पर आज एक कोरोना पीड़ित की मृत्यु हुई है। जिसके कारण मृतकों की संख्या 19 हो गई है। एक्टिव मरीज 605 है। तो ठीक होकर 534 डिस्चार्ज किए गए हैं आज 91 लोगों की रिपोर्ट आयी है जिसमें 6 नेगेटिव और 85 पाॅजिटीव हैं। 2075 लोगों ने आज तक कोविड चेकअप कराया है। 86 की रिपोर्ट प्रलंबित है। आज 44 लोगों के स्वेब टेस्ट के लिए गए हैं
ग्रामीणों को शहरी अस्पतालों में ईलाज न देने के शासकीय फतवे से ठाणे जिला-मुंबई शहरों का पानी रोकने का इशारा
अंबरनाथ। कोरोना को लेकर शहरी विरुद्ध ग्रामीण भाग के लोगों के बीच संघर्ष होने के चिन्ह दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीण रोगी को शहरी विभाग में उपचार नहीं दिए जाने के शासकीय फतवे को तुरंत शासन ने रद्द करना चाहिए नहीं तो ग्रामीण विभाग के लोगों द्वारा शहरी विभाग का पानी रोक दिए जाने की संभावना है। विधायक किसन कथोरे ने पालक मंत्री और मुख्यमंत्री को एक पत्र देकर आशंका जताई है। 

कोरोना का प्रादुर्भाव अंबरनाथ और मुरबाड तालुके के कई ग्रामीण भागों में भी है। यहां के मरीजों को बदलापुर से ठाणे और मुंबई के अस्पतालों में उपचार करने से इंकार किए जाने पर गंभीर मरीजों की मौत हो रही है। जिसके कारण ग्रामीणों में रोष का वातावरण है। अगर ऐसे ही चलते रहा तो यहां के लोग मुंबई और ठाणे जिला को जलापूर्ति करने वाले उल्हास नदी और बारवी डैम का पानी रोक सकते हैं, क्योंकि उपरोक्त डैम से ग्रामीण विभाग को जलापूर्ति नहीं की जाती है। जिन ग्रामीणों ने शहरों को पानी मिले इसके लिए अपनी जमीनें दी उन्हीं ग्रामीणों को अब मुसीबत के समय शहरी विभाग के लोग अपने अस्पतालों में उपचार हेतु दाखिल नहीं कर रहे हैं। सरकार के माध्यम से इन शहरों में अनेक बड़े अस्पतालों का निर्माण किया गया है और इन ही अस्पतालों के एवं प्रशासकीय अधिकारियों द्वारा ये फतवे निकाले जा रहे हैं कि केवल पालिका हद के रोगी का उफचार यहां पर होगा ऐसा निवेदन में किसन कथोरे ने आरोप लगाया है। राज्य शासन के मालकी ने सुविधाओं का इस्तेमाल करने का अधिकार हर एक नागरिक को है लेकिन पालिका स्वतः के मालकी का समझकर ऐसे फतवे जारी कर रहा है जो सही नहीं है। अगर ग्रामीणों को शहरी विभाग में उपचार नहीं दिया गया तो ये संघर्ष सुलग सकता है। ये निकाले गए आदेश तुरंत रद्द किया जाए ताकि भविष्य में संघर्ष ना हो ऐसा कथोरे ने कहा है।
अंबरनाथ में नाला सफाई ठीक ढंग से नहीं, घरों में पानी घुसने की संभावना
ठेकेदार पर कार्रवाई करने की मांग

अंबरनाथ। अंबरनाथ शहर में नाला सफाई ठीक ढंग से नहीं हुई है। शहर पूर्व और पश्चिम के मुख्य नालों में से ठेकेदार ने कचरा तो निकाला लेकिन उस नाले के किनारे पर ही रख दिया है। कचरे का ढेर ना उठाए जाने के कारण ये कचरा बरसाती पानी में वापस नाले के अंदर चला गया है। ठेकेदार को नाला सफाई का बिल नहीं दिए जाने से आवाज शहर से उठ रही है। ठेकेदार ने शहरवासियों के जीवन को दाव पर लगा दिया है। ऐसे ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट में डालने की मांग मुख्याधिकारी प्रशांत रसाल से की जा रही है। प्रशासक जगतसिंग गिरासे को भी इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। नाले के अंदर से किचड़ और दबे कचरे को भी नहीं निकाला गया है। केबी सड़क पर केमिक्युप बंद पड़ी कंपनी के पास के नाले से कचरे का ढेर निकालकर वहीं रखा हुआ अभी भी दिखाई दे रहा है। स्वामीनगर का नाला भी सही ढंग से साफ नहीं किया गया है जिसके कारण बरसात में यहां के घरों, झोपड़ों में बरसाती पानी घुसकर गरीबों का भारी नुकसान कर सकता है। कानसाई शहर पूर्व का मुख्य नाला भी साफ नहीं किया गया है। इस वर्ष विम्को नाका के पास संजय नगर, गांवदेवी का नाला भी साफ नहीं किया गया है। ठेकेदार एवं नपा आरोग्य अधिकारियों की मिलीभगत से इस वर्ष नाला सफाई ठीक ढंग से ना होने के कारण भारी बरसात में शहरवासियों का बड़ा नुकसान हो सकता है।



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