अंबरनाथ में कुल 2303 मरीज, कोरोना मुक्त 1808,
अब तक 66 की मृत्यु
अब तक 66 की मृत्यु
बदलापुर में कुल 1073, कोरोना मुक्त 506, अब तक 18 की मृत्यु
अंबरनाथ। अंबरनाथ नपा क्षेत्र में मंगलवार को 51 बाधित प्राप्त होने के बाद यहां पर कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 2303 हो गई है। आज 123 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। कुल 1808 मरीज आज तक ठीक होकर घर चले गए हैं। ठीक होने वालों का प्रतिशत 78.50 है। शहर में 429 एक्टिव मरीजों का उपचार हो रहा है। मृतकों की संख्या 66 है। विद्यमान रोगी 18.62 प्रतिशत है। आज तक 4 हजार से ज्यादा 4105 लोगों की कोरोना जांच रिपोर्ट आयी है। 106 रोगी के जांच की प्रतिक्षा है। आज 66 लोगों की जांच रिपोर्ट आयी है जिसमें 51 कोरोना पाॅजिटीव पाए गए हैं। डेंटल अस्पताल में 184 अन्य अस्पतालों में 181 और 64 होम क्वारनटाईन रहकर अपना उपचार करवा रहे हैं। मंगलवार को अंबरनाथ के मुकाबले बदलापुर में ज्यादा कोरोना बाधित मिले हैं। अंबरनाथ में जिस प्रकार कोरोना मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज किए जा रहे हैं। उससे उम्मीद बंधी है कि शहर में डाॅक्टरों एवं प्रशासन के प्रयास से जल्द ही इस खतरनाक रोग पर काबू पा लिया जाएगा।
बदलापुर। बदलापुर में भी कोरोना मरीजों में इजाफा होते जा रहा है। मंगलवार को यहां पर 62 नए रोगी मिले हैं। कोरोना मरीजों की कुल संख्या 1073 हो गई है। शहर में एक्टिव मरीजों की संख्या 549 है। 506 बाधित ठीक होकर डिस्चार्ज किए गए हैं। यहां पर कोरोना से एक 50 वर्षीय व्यक्ति की मृत्यु हो गई है। मृतकों की कुल संख्या 18 हो गई है। यहां पर रिक्शा चालकों में भी कोरोना वायरस फैलता जा रहा है। बदलापुर में घरों में अलगीकरण किए हुए 1968 मरीज हैं और नपा में क्वारनटाईन किए गए 223 है। अब तक 2005 लोगों का कोरोना टेस्ट किया गया है। 58 टेस्ट की प्रतिक्षा है। 255 मरीज बदलापुर सोनीवली सीसीसी में 175 अन्य अस्पतालों में उपचार करवा रहे हैं। 13 ठाणे के सीविल अस्पताल में हैं।
कोरोना को मात देने के लिए अंबरनाथ नपा ने कमर कसी
अंबरनाथ। अंबरनाथ के मुख्याधिकारी प्रशांत रसाल ने शहर में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए उसकी रोकथाम के प्रयासों को तेज कर दिया है। शहर में संशयित रोगी को निजी अस्पताल उपचार के लिए दाखिल कराने के लिए इंकार कर रहे हैं ऐसे रोगी के लिए आर्चिड में 100 क्षमता वाले बेड रखे गए है। इसके अलावा आयटीआय हास्टल में 200 रोगी क्षमता का विलगीकरण कक्ष शुरू कर दिया गया है। यहां पर 24 घंटे वैद्यकीय अधिकारी उपलब्ध कराया गया है और दो आक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था भी की गई है। ऐसी जानकारी देते हुए मुख्याधिकारी ने बताया कि महात्मा गांधी विद्यालय और प्रसादम इमारत में 1000 मरीजों का व्यवस्थापन करके की तैयारी पूरी कर ली गई है। कोरोना रोग प्रतिबंध के लिए कंटेमेंट झोन बताए गए हैं। जहां लाॅकडाऊन किया गया है। डेंटल अस्पताल में कोरोना केयर सेंटर में 500 रोगी की व्यवस्था की गई है। गंभीर रोगी के लिए 250 बेड की व्यवस्था डीसीएससी में की गई है। यहां पर कुल 750 बेड की व्यवस्था है। मुंबई जेजे अस्पताल से कोरोना टेस्ट कराया जा रहा है। इसके अलावा अंबरनाथ पूर्व में मेट्रोपालिस लैब से भी टेस्ट कराया जा रहा है। 48 आशा वर्कर को सभी सुविधाओं के साथ घर-घर जाकर, फीवर, आक्सीजन चेक कर रहे हैं। 211 शिक्षकों की टीम तैयार की गई है जो कोरोना के रोगी ज्यादा है वहां जाकर सर्वे करेंगे और परिवेशन का काम करेंगे। प्रशांत रसाल ने आगे बताया कि इन कार्यों के कारण शहर में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ेती लेकिन शहरवासी ना घबारएं 75 प्रतिशत मरीजों को ठीक करके डिस्चार्ज किया गया है अब 22.38 प्रतिशत मरीज यानी 504 उपचार करवा रहे हैं। 76 रोगी होम क्वारनटाईन हैं। जिस पर ध्यान रखा जा रहा है। गले में दर्द, खांसी व बुखार हो तो तुरंत डाॅक्टर से संपर्क करने की सलाह मुख्याधिकारी ने देते हुए विश्वास जताया है कि प्रशासन जल्द ही कोरोना रोगी पर काबू पर लेगा।
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